फ़ूडबैंक के नाम पर धर्म की आड़ में कमाया जा रहा था पाप

देवदूत संस्था चलाने वाला पंकज गुप्ता गिरफ्तार : माईकल सैनी 

फ़ूडबैंक के नाम पर धर्म की आड़ में कमाया जा रहा था पाप आरोपी हिरासत में पहुंचा  ।



पिछले एक सप्ताह से गुरुग्राम शहर में अटकलों का बाजार गर्म था कि सबूतों के अभाव में आरोपी पंकज गुप्ता बच निकलेगा कानूनी शिकंजे से  , चर्चाएं तो यह भी चल रही थी कि राजनीतिक रसूख और धन के बल का भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा और मामला रफा दफा कर दिया जाएगा  और ऐसा होता दिखाई भी दिया  जब अभिभावकों ने अपने कदम वापस खींच लिए तब -  कयास तो समझौतों और दबाव व सामाजिक ताने-बाने का वास्ता समझाकर भी मामले को समाप्त करने के लगाए जा रहे थे   लेकिन मामले के जानकार लोगों का मानना था कि देर-सवेर कार्यवाही जरूर होगी  बेशक मीडिया और अखबार ईस खबर को ना दिखाएं ,  खैर आरोपी और उसके खास वकील सोच बैठे थे कि शिकायत ही नहीं तो केस दर्ज कैसे होगा  को मद्देनजर रखते हुए जिन अध्यापिका के कारण आरोपी की छवि खराब हुई है उसकी भरपाई क्यों नहीं उस शिक्षिका को बदनाम कर क्षतिपूर्ति कर ली जाए सोचा होगा !



और शुक्रवार को देवदूत फ़ूडबैंक की कुछेक महिला सहयोगियों ने  मामले का खुलासा करने वाली और उन बच्चियों के भविष्य को बर्बाद होने से बचाने वाली शिक्षिका श्रीमती सरोज यादव जी को स्कूल के बाहर खड़े होकर नारे लगाए तथा उनके ऊपर आरोप लगाए व पंकज गुप्ता को निर्दोष साबित करना चाहा , उनके पक्ष में माहौल बनाना चाहा जब्कि अपनी बच्चियों की पडताड़ना का जिक्र कम किया  जिसका सभी बुद्धिजीवियों ने सहर्ष अनुमान लगा लिया कि यह प्रायोजित ड्रामा लगता है !

दूसरी ओर बच्चियों के भविष्य को बचाने के लिए कटिबद्ध  पंचायत द्वारा सम्मानित अध्यापिका श्री सरोज यादव जी व उनके सहयोगी अध्यापकों ने प्रिंसिपल श्री सुनील शर्मा जी के साथ कदमताल करते हुए स्वम् जिम्मेदारी लेकर मामला दर्ज कराने का निर्णय लिया अध्यापकों व बच्चियों की अस्मिता को बचाने के लिए !


वीरवार शाम को एफआईआर दर्ज कराई गई और आरोपी को पुलिस ने तलब किया , पूरे मामले की जांच के लिए कमिश्नर श्री के के राव जी की अनुमति से एसआईटी का गठन किया गया और शुक्रवार पूरा दिन गठित एसआईटी बयान लेती दिखी और सभी जरूरी कार्यवाही कर मैडम सरोज यादव जी को मजिस्ट्रेट साहब के समक्ष 164 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए भेज दिया गया और  बाद उसके आरोपी पंकज गुप्ता देवदूत फ़ूडबैंक संचालक को ढ़ाई दिन के रिमांड पर लिया गया , प्राप्त सूत्रों के आधार पर आरोपी को पोस्को एक्ट के सेक्शन छ और दस में आरोपी मानते हुए मामले दर्ज किए और प्रकरण की गहन जांच जारी है और उसके बाद अदालत में फिर से पेश कर दिया जाएगा पंकज गुप्ता को !

तरविंदर सैनी (माईकल ) समाजसेवी गुरुग्राम ने अपनेअन्य साथियों ने अध्यापिका श्रीमती सरोज यादव जी से जब अति संवेदनशील विषयों पर जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि धर्म के नाम पर अधर्म  कर रहे लोग समझते हैं कि उनसे बड़ा कोई धर्मात्मा नहीं , उन्होंने अपने विषय को आगे बढ़ाते हुए कहा कि मासूम बच्चियों का भविष्य पांच रुपए की रोटियां सेंकने बांटने से नहीं शिक्षा से बनेगा  जिसे खाना खिलाकर अपने धर्म के कार्यों में उलझाकर नष्ट किया जा रहा है  उनका मानना है कि यह धर्म नहीं  घोर पाप है , जिन अबोध बच्चियों को शिक्षा चाहिए उन्हें लेबर बना रहे हैं ?

दूसरे उन्होंने कहा कि यहां चुग्गा डाला जाता था बाकी बात जैकमपुरा किचन में चलती थी - उन्होंने कहा कि कोई भी धार्मिक संस्था के साथ लोग जुड़ते हैं और कुनबा दिनों दिन बढ़ता है मगर देवदूत संस्था के साथ जो धार्मिक परवर्ती के लोग दान करते थे और सहयोग करते थे वह ईस पंकज गुप्ता की कार्यशैली के विषय में शायद जान गए होंगे तभी ईस व्यक्ति से दूर हुए होंगें !

इधर बच्चियों को शिक्षा दिलाने के लिए अडिग निर्णय लेने वाली निर्भीक शिक्षिका सरोज यादव जी एक मिसाल बनकर उभरी हैं तथा शहर के सभी अभिभावकों ने उनपर गर्व महसूस किया और अपनी बच्चियों को सुरक्षित हाथों में समझा है , क़ई सारे सँगठन और जागरूक नागरिक स्कूल प्रबंधन के साथ खड़े हैं ।

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