करनाल बॉर एसो. का प्रधान और अधिवक्ता हुडा की जमीन पर कब्जा कराकर कर रहा अवैध वसूली...!

करनाल बॉर एसो. का प्रधान और अधिवक्ता हुडा की जमीन पर कब्जा कराकर कर रहा अवैध वसूली...!



-करनाल लघु सचिवालय और अदालत के बाहर फुटपाथ व सड़क पर करा रहा है अवैध कब्जा...!


-लगता है करनाल जिला प्रशासन को नहीं है कानों कान खबर?


-करनाल बॉर एसो. की छवि खराब करने पर उतारू है प्रधान और अधिवक्ता


-कानून नहीं देता है अवैध रूप से वसूली करने का अधिकार


-हर महीने किराए के रूप में अवैध वसूली कर भर रहा है अपनी तिजोरी


-लोगों ने अब मुख्यमंत्री मनोहर लाल को शिकायत करने का मन बनाया?

करनाल, टीम अजेयभारत।


कहते हैं न, चौधर और पैसा किसे बुरा नहीं लगता है। चौधर और पैसा बनाने की चाह में एक अधिवक्ता भी इसी राह पर चल पड़ा है, जो करनाल बॉर एसो. का प्रधान भी है। पर अगर एक कानून का जानकार यानि अधिवक्ता जो बॉर एसो. का प्रधान भी है, अगर वह यह काम धड़ल्ले से करे तो कहीं न कहीं खिचड़ी पकती और बडे सवालों का पिटारा खुलता नजर आता ही है। जी हां! यह अधिवक्ता करनाल बॉर एसो. का प्रधान भी है और ऐसा लग रहा है कि यह कानून से अपने आपको सर्वोपरी मानता है। यहां भी गौरतलब है कि सरकार भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रयासरत है। इस ओर कडे कदम भी उठाए जा रहे  है । आपको यहां स्पष्ट कर दें कि लघु सचिवालय और अदालत के बाहर हुडा की जगह पर कुछ बूथ और दुकानें हैं।  अधिवक्ता और करनाल बॉर एसो. का प्रधान काले कोर्ट की आड़ में इन जरूरतमंद लोगों से अवैध रूप से वसूली कर रहा है, जो ठीक नहीं है और इस अधिवक्ता के इस गैर कानूनी कार्य पर लगाम लगना बहुत जरूरी है। चूंकि कोरोना काल मेंं वैसे भी लोग मंदे के दौर से गुजर रहे हैं और यह अधिवक्ता काले कोर्ट की आड़ में हर महीने किराए के रूप में अवैध वसूली कर अपनी तिजोरी भर रहा है। आपको यहां यह भी बता दें कि अदालत और लघु सचिवालय के बाहर बना फुटपाथ और सड़क हुडा की है और करनाल बॉर एसो. का इससे कोई लेना-देना नहीं है। आपको यहां यह भी बता दें कि यह प्रधान अपनी मर्जी से यहां पर बूथ लगने देता है यानि अवैध कब्जा तो  कराता ही साथ में किराए के नाम पर हर महीने अवैध वसूली कर रहा है, जबकि हुडा की जमीन से बॉर एसो. का कोई लेना-देना नहीं है। जब इस प्रधान से बात की गई तो वो बोला कि मेरी मर्जी से ही यहां पर कोई दुकान लगा सकता है, जब उससे कहा गया कि हुडा की जमीन है तो इस महाशय जी ने चुप्पी साध ली। चुप्पी साधे भी क्यों जब हर महीने मोटा पैसा अवैध वसूली कर आ रहा है तो फिर क्या गम? खैर कुछ भी हो इस बॉर एसो. के प्रधान की इस हरकत से कहीं न कहीं करनाल बॉर एसो. की छवि भी खराब हो रही है। सूत्रों की माने तो यह हर माह हर बूथ हर फड़ी पर अवैध वसूली करने के लिए पहुंच जाता है।  यह वसूली हर महीने किराया वसूल कर करता है। हमने जब इस बारे कई अधिवक्ताओं से बात की तो उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जमीन हुडा की है अगर इन दुकानदारों से पैसे लिया जा रहा हैं तो यह कहीं न कहीं ठीक नहीं है। अब सवाल यह भी खड़ा होता है कि यह प्रधान किस तरह की प्रधानगी कर रहा है और क्या संदेश देना चाहता है।  अब देखना यह भी होगा कि इस अधिवक्ता और प्रधान पर सरकार और प्रशासन क्या कार्रवाई करती है,चूंकि अधिवक्ता और इस प्रधान का यह कार्य पूर्ण तौर से गैरकानूनी है। सरकार और प्रशासन को भी इस अधिवक्ता और प्रधान के गैर कानूनी कार्यों पर लगाम लगानी चाहिए। चूंकि इस अधिवक्ता की गैर कानूनी हरकतों से दो वक्त की रोजी रोटी कमाने वाले लोगों को अकारण अपनी मेहनत की कमाई इस अधिवक्त यानि बॉर एसो. के प्रधान को देनी पड़ रही है। जब इस बारे करनाल के उपायुक्त निशांत कुमार यादव से फोन पर बात करने का प्रयास किया गया तो उनसे सम्पर्क नहीं हो पाया

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