मनोहर जिद्द के चलते हो रहा है हरियाणा प्रदेश तबाह : माईकल सैनी

मनोहर जिद्द के चलते हो रहा है हरियाणा प्रदेश तबाह : माईकल सैनी



गुरुग्राम। जिददमजिद्दी की बात नहीं तो क्या है जब पहले से ही किसानों ने सरकार के किसी भी कार्यक्रम को न होने देने की कौल दे रखी थी तो फिर क्यों मनोहर जिद्द कार्यक्रमों को प्रशासनिक अधिकारियों के बल पर करना चाह रही है , बुजुर्ग अवस्था में भी जवानी का जोश दिखा रही है , क्यो भाई को भाई से और बच्चों के हाथों पिता को पिटवा रही है , क्यों उनका वैरभाव आपस में बढ़ा रही है  सवाल अनेक हैं मगर परिस्थितियों को अपने अनुकूल बनाने की चाह में क्यों चिंगारी भड़का रही है सरकार जब्कि परिणाम भी जानती है भलीभांति  तो फिर क्यों सब्र का इम्तिहान ले रही है और क्यों उकसा रही है ?

आज हिसार का घटनाक्रम जो किसानों के साथ की गई बर्बरता की तस्दीक कर रहा है उनके ज़ख्मी होने की  वो चीखें गवाही दे रही हैं  उन किसानों के बेटों को जा-जाकर सुनाई पड़ रही हैं  सोचो बर्दाश्त करने की सीमा का उलंघन कर बैठ्ठी उनकी औलादें  तब कहाँ स्थान होगा छिपने के लिए सरकार के पास ?

एक तरफ तो भाजपा सरकार किसानों को सम्माननिधि योजना से लाभान्वित करके वाहवाहियां लूटने का काम कर रही है , प्रचार करने में जनता के टैक्स के पैसों को लूटा रही है , सीधे खातों में महज दो हजार की रकम डाल अपने को दातार बतलाने में जुटी है ,ईमानदारी का ढोल पीटा जा रहा है उसके द्वारा  और वहीं दूसरी ओर किसानों के साथ यह बर्बरता   आखिर किस दोहरी नीति पर चल रही है खट्टर सरकार अपना रुख साफ तो करे   जनता भी जानना चाहती है कि पिछले क़ई माह से जो किसान धरनारत हैं उनकी मांगे क्यों नहीं मान रही है सरकार - क्या वह देश के नागरिक नहीं  - कयों उनकी बात को भी सुनना पसंद नहीं कर रहे खट्टर साहब - अगर यह जिद्द नहीं है तो क्या है ?

आपदा के समय जहां लोगों की हरसंभव मदद करने के प्रयास किए जाने चाहिए थे मगर आप लोगों पर हमला करा रहे हैं प्रशाशनिक अधिकारियों को आदेश देकर क्यों ? 

आपको कार्यवाहीयाँ ही करने की जिद्द है तो इसे सही दिशा में करें , कालाबाजियो पर करें जिन्होंने आतंक मचाया हुआ है , नकली दवा बनाने वालों पर और नशाखोरी करने वालों पर करें , मुनाफाखोरों ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है   परेशानी के समय में लूट मचाने वाले एम्बुलेंस चालकों पर कार्यवाही करें ,  प्राइवेट हॉस्पिटलों को सरकार अधीन करें अथवा नियमों की सख्ताई से पालना करने के लिए बाध्य करने की कार्यवाही करें ,  खाद्य सामग्री के दामों को क़ई गुना बढ़ोतरी कर उपभोक्ताओं की जेबें काटने वाले अवसरवादी लोगों के ऊपर कार्यवाही करें - उनपर तो कुछ विशेष किया नहीं गया आपसे इन भोले भाले किसानों को जरूर आपने अपनी क्रुरता का परिचय देते हुए घायल कर दिया - क्या कुसूर था इनका  क्या आज नया धरना दे रहे थे  , यह विरोध ही तो कर रहे थे जो इनका मौलिक अधिकार भी है - यदि लोकडाउन के नियमों का उलंघन करके भीड़ जुटाना इनका जुर्म था तो वह तो आप स्वम् भी कर रहे हैं इवेंट ऑर्गेनाइज करके वो भी अपनी जिद्द में ?

निक्कम्मे अधिकारियों पर जो लोगों के लिए कुव्यवस्थाएं करने के लिए जिम्मेदार हैं ,जिनकी लापरवाही से लोगों की जानें चली गई , उनपर कोई संज्ञान न लेकर समीक्षा बैठकें भी उन्हीं के साथ करते हैं  और जैसी वह सूचनाएं देते हैं उन्ही के मतानुसार नीतियों को अमल में लाते हैं  यहाँ तक कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की एक नहीं सुनते हैं और केवल अपनी मनमर्जी चलाते हैं  यह आपकी जिद्द नहीं तो क्या है ?

लोकडाउन की सीमाएं बढ़ाते चले जा रहे हैं लोगों की परेशानियों को समझे बगैर  उनकी क्या आर्थिक स्तिथियाँ हैं , कैसे उनके चूल्हे जल रहे हैं , उनके बच्चों को भरपेट भोजन भी मिल पा रहा है कि नहीं  , उनकी मनोदशा क्या है जाने बगैर एकछत्र हुक्म दिए जा रहे हैं अपनी अंधी जिद्द में क्यों ?

आपने सोचा कि बाजार के दुकानदारों का किस प्रकार दमन कर रहे हैं लोकडाउन लगाकर , उनके व्यापार और पारिवारिक जरूरतों , व्यवसायिक खर्चो  हेल्परों की सेलरियाँ  उनके परिवारों की चिंता , बिजली के बिल , बैंक की किस्तें तथा व्यापारिक लेनदेन में बढ़ता दबाव और कुल मिलाकर तबाह होता व्यापारी आपको नजर नहीं आ रहा है क्योंकि वह आपके लिए किसी बहुत बड़े वोटबैंक में नहीं गिना जाता है इसलिए  ?

बकौल तरविंदर सैनी (माईकल) समाजसेवी गुरुग्राम  खट्टर सरकार की कुनीतियों के चलते ही अधिकांश उद्योगों पर ताले लटक चुके हैं और कुछ पलायन कर गए तथा कुछ करने को तैयार बैठे हैं मरण उनके साथ साथ श्रमिकों का भी है उनके परिवार कैसे चलेंगे बहुत अधिक लोग बेरोजगार हो गए हैं नोकरियां चली गई हैं और उससे भी क़ई गुना बेरोजगार होने वाले हैं  अर्थात जब उद्योग व उनके श्रमिक  तथा मजदूर व्यापारी और किसान ही बर्बाद हो जाएंगे तो हरियाणा प्रदेश तबाह होने से कैसे रुक पाएगा  ? सवाल यह है !

 लेकिन स्मर्ण रहे कि इस सब के लिए खट्टर साहब आपकी कुनीतियाँ और आपकी जिद्द ही जिम्मेदार होगी ।

सुझाव है समय रहते अपनी मनोदशा को बदलें तथा बदले की भावना से कोई कार्य न करते हुए लोगों को राहत प्रदान करें उनके जीवन में इस समय पहले ही बहुत सारी दिक्कतें आ गई हैं  आप उन्हें बढ़ाने का कारण न बनें  !  धन्यवाद ।।

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