RTI कार्यकर्ता हरिंद्र धींगड़ा पर पुलिस ने और कसा शिकंजा, पत्रकार शहनवाज आलम भी गिरफ्तार

 


गुरुग्राम। आरटीआई कार्यकर्ता हरिंद्र धींगड़ा व उसके बेटों के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने वाले आरोपी शहनवाज आलम को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से हुड्डा विभाग की दो फर्जी मुहर भी बरामद की गईं हैं। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

मंगलवार को पुलिस ने आरटीआई कार्यकर्ता हरिंद्र धींगड़ा व उसके दोनों बेटों को जाली दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले एक अन्य आरोपी लक्ष्मण विहार फेज-2 निवासी पत्रकार शहनवाज आलम को गिरफ्तार कर लिया। शहनवाज झारखंड के धनबाद का मूल निवासी है। पुलिस के अनुसार शहनवाज हरिंद्र धींगड़ा द्वारा आरटीआई में अधिकारियों से ली गई जानकारी को अखबारों व मैगजीनों में भी छपवाता था। इसके लिए धींगड़ा उसे बड़ी रकम देता था। पुलिस शहनवाज से पूछताछ कर अन्य जानकारियां जुटाने का प्रयास कर रही है।

हरिंद्र ने बैंक्वेट हॉल मालिक से मांगे थे 50 लाख
हरिंद्र धींगड़ा की गिरफ्तारी के बाद उससे प्रताड़ित लोगों ने पुलिस के सामने आना शुरू कर दिया है। मंगलवार को सामने आए सुखराली में बैंक्वेट हॉल चलाने वाले व्यक्ति ने हरिंद्र पर 50 लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार बैंक्वेट हॉल मालिक ने हरिंद्र के खिलाफ लिखित शिकायत देते हुए कहा है कि उसने तीन साल पहले बैंक्वेट हॉल को शांति से चलाने के लिए 50 लाख रुपये मांगे थे। इतनी बड़ी रकम देने में जब मजबूरी जताई तो हरिंद्र ने पांच लाख रुपये लेकर बाकी रुपये फिर देने के लिए कहा था। पिछले कुछ दिनों से हरिंद्र फिर से बैंक्वेट हॉल मालिक से 50 लाख रुपये मांग रहा था। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। हालांकि शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा गया है।
पिता-पुत्रों को रिमांड पर लिया
पुलिस ने एक ही प्लॉट पर दो बार में 15 करोड़ का लोन लेने व उसे चुकाने से बचने के लिए जाली दस्तावेज तैयार करने और झूठी गवाही देने के आरोप में सोमवार को हरिंद्र धींगड़ा व उसके दो बेटे प्रशांत और तरुण धींगड़ा को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के लिए तीनों को पुलिस ने छह दिन की रिमांड पर लिया है।

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