नवीन गोयल बने जीओ गीता युवा चेतना के राष्ट्रीय मंत्री

 नवीन गोयल बने जीओ गीता युवा चेतना के राष्ट्रीय मंत्री



-गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद महाराज ने सौंपा पत्र


गुरुग्राम। समाजसेवा में अग्रणी भाजपा युवा नेता एवं कैनविन फाउंडेशन के सह-संस्थापक नवीन गोयल को गलोबल इंस्पायरेशन एंड एंलाइटेनमेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ भागवत गीता (जीओ) युवा चेतना का राष्ट्रीय मंत्री मनोनीत किया गया है। नवीन गोयल ने इसे बड़ा सम्मान बताते हुए इस पद की सदा गरिमा बनाए रखने के साथ गीता के प्रचार-प्रसार करने की बात कही। 


जीओ के अध्यक्ष गीता मनीषी श्री ज्ञानानंद जी महाराज ने हरेरा गुरुग्राम के चेयरमैन केके खंडेलवाल, गुरुग्राम विश्वविद्यालय के उप-कुलपति डा. मार्कण्डेय आहुजा, हरेरा गुरुग्राम के सदस्य समीर कुमार, अडानी रियलिटी मड़प्पा पालचांदा की उपस्थिति में नवीन गोयल को राष्ट्रीय मंत्री का पत्र सौंपा। ज्ञानानंद महाराज ने नवीन गोयल को इस पद पर मनोनीत करते हुए कहा कि गीता जीवन का सार है। इसे जन-जन तक पहुंचाने को जनजागरण की जरूरत है। उन्हें उम्मीद है कि इस पद पर रहते हुए वे गीता के संदेश को बखूबी प्रचारित, प्रसारित करेंगे। 


नवीन गोयल ने गीता मनीषी श्री ज्ञानानंद महाराज को विश्वास दिलाया कि जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, उस पर वे सदा खरे उतरेंगे। गीता की सेवा का यह एक स्वर्णिम अवसर उन्हें मिला है। गीता के संदेश को हर व्यक्ति तक पहुंचाने में वे पूरी निष्ठा व जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में गीता का अध्ययन जरूर करना चाहिए। गीता अपने आप में जीवन की सभी उलझनों का जवाब है। गीता सब समस्याओं का समाधान है। गीता हमें जीवन की नई दिशा देती है। उन्होंने गीता मनीषी के गीता ज्ञान से शिक्षा लेने की भी बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि गीता गं्रथ हर घर की जरूरत है। समय में गीता ने अपने हर सवाल का जवाब लिया जा सकता है। यह कह सकते हैं कि गीता का ज्ञान आज बहुत जरूरी है। 


नवीन गोयल ने कहा कि जिस तरह से समाज में विकृतियां पैदा हो रही हैं। इन विकृतियों से गीता ही निकाल सकती है। बहुत सी समस्याएं हमारी खुद की पैदा की हुई हैं। इसलिए हमें आत्ममूल्यांकन भी करना चाहिए। यही गीता में भी लिखा है कि हमें आत्ममूल्यांकन करके अच्छे-बुरे का ज्ञान लेना चाहिए।

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