ऊर्जा समिति ने पौधारोपण कर मनाया विश्व पर्यावरण दिवस

ऊर्जा समिति ने पौधारोपण कर मनाया विश्व पर्यावरण दिवस

गुरुग्राम, 5 जून, 2021



आज के दौर में कोरोना से स्वयं को संरक्षित करते हुए ‘ऊर्जा समिति’ द्वारा आज विश्व पर्यावरण दिवस पौधारोपण कर मनाया। प्रातः सैक्टर 31 में सुरक्षित परिसर में पौधारोपण कर इसकी शुरुआत की।

समिति के महासचिव संजय कुमार चुघ ने बताया कि पर्यावरण दिवस पर शुरू यह पौधारोपण अभियान वर्षा ऋतु-मानसून में भी जारी रहेगा। 

उन्होंने कहा कि इस गर्मी में केवल अपने सुरक्षित परिसर, प्रांगण व स्थान पर ही पौधा लगायें, जहां पर उसकी संभाल हो एवं नित्यप्रति पानी दिया जा सके। बिना देखभाल के पौधे उग नहीं पाते हैं।

उन्होंने लोगों को बेहतर ऑक्सीजन के लिए अपने घरों में एलोवेरा, स्नेक, क्रिसमस, रबड़, एरिका पॉम आदि के पौधे और किचन गार्डन में तुलसी, पबरी, कड़ी पत्ता, पुदीना आदि लगाने एवं गुलाब, गेंदा, मोगरा, सदाबहार फूल आदि लगाने का आह्वान किया।

उन्होंने लोगों से अपील की कि कोरोना से स्वयं को सुरक्षित रखते हुए वर्षा ऋतु में भी ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण अभियानों में शामिल हों और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में अपना पूरा योगदान दें। सभी लोग पर्यावरण की रक्षा के लिए अपने दायित्वों का निर्वाह करें, मिलकर 

पौधे उगाएं व लगाएं। 

अपने शहर को हरा-भरा करना, बगीचों को बनाना, तालाब, नदियों और तटों की सफाई करना, पोखर को प्रदूषित न करना, जल का दुरुपयोग नहीं करना, बिजली के उचित  इस्तेमाल के बाद बिजली उपकरणों को बंद रखना, कूड़ा-कचरा को डस्टबीन में फेकना और दूसरों को इसके लिए प्रेरित करना, प्लास्टिक, पॉलिथिन का उपयोग बंद करना, उसके बदले कागज, कपड़े व जूट के बने झोले या थैले का उपयोग करना, पशु-पक्षियों, जीवों के प्रति दया भाव रखना, नजदीकी कामों के लिए साइकिल का उपयोग करना आदि हम सब का फर्ज है। हर किसी को इस पर्यावरण की बहाली का संकल्प लेना चाहिए।

भले ही मनुष्य को महामारी ने घरों में बंद कर दिया हो, लेकिन पर्यावरण पर इसका सकारत्मक प्रभाव पड़ा है।


विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत 1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन से हुई


ऊर्जा समिति महासचिव ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार विश्व पर्यावरण दिवस वर्ष 2021 की नई थीम "पारिस्थितिक तंत्र पुनर्बहाली" 'Ecosystem Restoration' है। इसका मतलब है, पृथ्वी को एक बार फिर से अच्छी अवस्था में लाना। पेड़ लगाना पर्यावरण की देखभाल के सबसे आसान और सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। पारिस्थितिक तंत्र को अनुकूलित और पुनर्स्थापित करने के लिए शहरी और ग्रामीण हर परिदृश्य में कार्य करना है। 

उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है।

संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा पहली बार विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को 1972 में मनाया गया था। इसके  बाद से हर वर्ष 5 जून को यह मनाया जाता है। इस दिन आप पेड़-पौधे घर के आसपास, छत पर, घर की बालकनी, गार्डन आदि में लगाएं।

हमने वर्तमान हालात में देख भी लिया है कि इस बात से बिल्कुल इंकार नहीं किया जा सकता कि संपूर्ण मानवता का अस्तित्व प्रकृति पर ही निर्भर है। इसलिए हमें समय रहते एक स्वस्थ एवं सुरक्षित पर्यावरण की कल्पना करनी चाहिए। प्रकृति को बचाने के लिए सिर्फ एक अकेला व्यक्ति काफी नहीं है, ऐसे में हम सब को मिलकर कुछ संकल्प लेने होंगे जिनसे हम अपने पर्यावरण को फिर से हरा-भरा कर सके।

हर किसी को पौधे जरूर लगाने चाहिए और उनकी देखरेख भी करनी चाहिए। जो आज के दौर में बेहद जरूरी है।

मानवता की सेवा के लिए सदैव समर्पित ऊर्जा समिति द्वारा लोगों को इस धरती के बढ़ते हुए तापमान से जो पर्यावरण संकट उत्पन्न हो रहे हैं उनके प्रति जन-जन में जागरूकता लाने के प्रयास कर रही है।


फ़ोटो:

ऊर्जा समिति महासचिव संजय कुमार चुघ पौधारोपण करते हुए।

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