आपका सिग्नेचर बता देगा आपका आने वाला कल कैसा होगा!

 सिग्नेचर का आकार (साइज)..!



सन्सार में प्रत्येक व्यक्ति सिग्नेचर करता है.!उसका सिग्नेचर का आकार उसके हाथों के आकार के मुताबिक होना चाहिए..!इसका एक आदर्श मापदण्ड होता है.!

यदि सिग्नेचर का आकार औसत से कम होता है तो व्यक्ति की मानसिक शक्तियां उसे संकुचित बनाती है..यदि यही आकार बड़ा होता है तो उसे उदारता के साथ अतिरिक्त योग्यताएं भी प्रदान करती है..!

अत्याधिक संकुचित आकार के सिग्नेचर व्यक्ति के मन में हीन भावना उतपन्न करते है..!जो व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन सामाजिक जीवन पारिवारिक जीवन व्यवसायिक जीवन के साथ उसके सम्पूर्ण जीवन को प्रभावित करते है..!

अत्याधिक संकुचित सिग्नेचर व्यक्ति को शंकालु और आत्मकेंद्रित बनाता है..!

जिसके कारण व्यक्ति जीवन में मिलने वाली सफलताओं से खुद को वंचित रखता है..!

योग्यता होने के बाद भी व्यक्ति अपने नेचर के कारण सफलता प्राप्त नही कर पाता है..!

मेरे अनुभव में जब ऐसे सिग्नेचरो को मैंने करेक्ट किया उन लोगो को इससे लाभ प्राप्त करते हुए देखा है..!


अत्याधिक संकुचित आकार के सिग्नेचर..व्यक्ति को प्रत्येक क्षेत्र में संकुचित विचारधारा वाला बनाते है..!

संकुचित(अत्यंत छोटे )सिग्नेचर के प्रथम अक्षर का छोटा होना व्यक्ति के उदर(पेट से जुड़े हिस्से आंतो से अमाशय ) से सम्बंधित रोगों को इंगित करता है..! साथ ही कमर के पिछले हिस्से को प्रभावित करता है.!

ऐसे व्यक्ति ज्यादातर अपनी छोटी सोच के कारण सुरक्षात्मक निर्णयों को प्राथमिकता देते है..!

ऐसे व्यक्तियों का मित्र वर्ग अत्यंत सिमित होता है..!

हर समय ये किसी ना किसी बातो को लेकर शंका करते रहते है..!

ऐसे व्यक्ति को कोई भी बात समझाना आसान नही होता है..!

संकुचित सिग्नेचर वाले व्यक्ति खर्च करने के मामले में भी संकुचित होते है..! अत्याधिक कंजूस प्रवृत्ति के होते है..!

ये अपनी अनिवार्य आवश्यकताओं को भी अपने स्वभाव के कारण पूरा नही कर पाते है..!

संकुचित आकार के सिग्नेचर वाले व्यक्ति सदा भयभीत  रहते है..और बिना कारण परिवार के अन्य लोगो को भी इससे प्रभावित करते है..!

ऐसे लोगो से किसी भी बात को मनवाना आसान नही होता है..!

अत्याधिक संकुचित सिग्नेचर के व्यक्ति नौकरी व्यापार सामाजिक व्यवहार आदि में पर्याप्त योग्यता होने पर भी अपनी बात विचार और योजनाएं उचित ढंग से प्रस्तुत नही कर पाते है..!

अनजाने भय से ग्रसित होने के कारण इनका ब्लड प्रेशर भी कम या ज्यादा होता रहता है..!

अत्यंत छोटे आकार मे सिग्नेचर करने वाले व्यक्ति (औसत से 1/3 जितनी जगह ) का मन अत्यंत कुंठा को प्राप्त होता है...!

ऐसे व्यक्ति अक्सर अवसाद या निराशा में डूबे रहते है...मित्र वर्ग ना के बराबर होता है चिड़चिड़े स्वभाव के होते है..!

ज्यादा प्रेशर सहन नही कर पाते है...!

और मन ही मन अवसाद और डिप्रेशन के कारण आत्मघात करने के विचारों में खोए रहते है...!

इस तरह के सिग्नेचर करने वाले व्यक्ति के मन में आत्महत्या के विचार अक्सर आते है ..!

जब परिवार या नौकरी या समाज की और से किसी बात को लेकर अत्याधिक प्रेशर या दबाव आता है तब ये अपनी मानसिक स्थिति को सम्भाल नही पाते है...!और भय एवं निराशा दबाव के कारण ऐसे कदम उठाते है जो अच्छे नही कहे जा सकते है..आत्महत्या तक करने की स्थिति में होते है..!

इस तरह के सिग्नेचर करने वाले व्यक्ति का वैवाहिक जीवन भी निराशापूर्ण रहता है...यदि सिग्नेचर एंटीक्लाक वाइस बनाया जाता है तो अनेको बार वैवाहिक जीवन तनावपूर्ण तो होता ही है..साथ ही अलग अलग होने की स्थिति भी बन जाती है...!

इस तरह के सिग्नेचर बच्चो के होने पर बच्चे माता पिता के द्वारा जरूरत  से ज्यादा नियंत्रित होने के कारण होते है..!

जिन बच्चों पर ज्यादा प्रेशर परिवार से माता पिता से प्राप्त होता है तब बच्चे अपना सिग्नेचर अत्यंत छोटा करते है..!

ऐसे बच्चे दूसरे बच्चों के साथ आसानी से घुल मिल नही पाते है..!

स्कुल की अन्य गतिविधियों में उनकी रूचि नही होती है..!

अंतर्मुखी स्वभाव के होते है..आत्मकेंद्रित है..!

कंही ना कंही डरे हुए होते है..! डरे हुए होने के कारण अपनी बात को उचित ढंग से प्रस्तुत नही कर पाते है..!

ऐसे बच्चे कुशाग्र बुद्धि के होते हुए भी स्वयं को प्रस्तुत करने में सफल नही हो पाते है...!

विषय से सम्बंधित ज्ञान होने पर भी वो कंही ना कंही एक अजीब सा प्रेशर स्वयं पर महसूस करते है जिसके कारण वो स्वयं को उचित ढंग से प्रस्तुत नही कर पाते है..! इनका मित्र वर्ग भी कम होता है और अपने मित्रों से भी अपने मन की बात नही कह पाते है...!

ऐसे बच्चे अपनी बात परिवार में भी किसी से नही कहते है..!

ऐसे बच्चों का दायरा सिमित होता है पूरा समय अपना सिर्फ पढाई करने में गुजारने लगते है!(अन्य गतिविधियां खेल कूद इत्यादि में इनकी रूचि कम होती है)..!

यदि ऐसे बच्चों के सिग्नेचर छोटे होते हुए अंत में रिवर्स स्ट्रोक लिया जाता है तो ऐसे सिग्नेचर वाले आत्मघात के रास्ते को अपनाने की प्रवृति को अपना लेते है..!

दीपक राठौर इंदौर (मध्यप्रदेश)

मोबाइल नंबर- 9826045619

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