अतिदुर्लभ एबी नेगेटिव ब्लड देकर शिक्षक ने बचाई अपरिचित महिला रोगी की जान

अतिदुर्लभ एबी नेगेटिव ब्लड देकर शिक्षक ने बचाई अपरिचित महिला रोगी की जान



केकड़ी।  बढ़ते कदम संस्थान की ओर से मंगलवार को मालपुरा के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती एक गंभीर महिला रोगी को तत्काल रक्त उपलब्ध करवाकर उसकी जान बचाई गई। 


संस्थान के व्यवस्था प्रमुख आनन्दीराम सोमाणी ने बताया कि टोंक जिले में मालपुरा के समीपवर्ती गांव डोकरिया निवासी महिला रोगी लाली देवी बैरवा को एबी नेगेटिव ब्लड की सख्त आवश्यकता थी। मगर उसके परिजनों द्वारा हरसंभव प्रयास किये जाने के बावजूद भी यह ब्लड कही भी उपलब्ध नही हो पा रहा था। मालपुरा निवासी आशीष जैन के जरिये उन्हें इसकी सूचना मिलने पर उन्होंने संस्थान के रक्तदान प्रभारी दिनेश वैष्णव से बातचीत की। वैष्णव ने इससे सम्बन्धित सूचना केकड़ी शहर के विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में प्रसारित की। 



इस सूचना को पढ़कर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मण्डा के शिक्षक दिनेश कुमार वैष्णव जीवनदाता के रूप में उभर कर सामने आए और उन्होंने फोन पर उनका ब्लड ग्रुप एबी नेगेटिव होने की जानकारी देते हुए ब्लड डोनेट करने की सहमति प्रदान की। तब शिक्षक वैष्णव ने राजकीय जिला चिकित्सालय केकड़ी के ब्लड बैंक में पहुंचकर मालपुरा चिकित्सालय में भर्ती महिला रोगी के लिए रक्तदान कर उसके परिजनों को सुपुर्द किया और मालपुरा भिजवाया। 


महिला रोगी के पति बाबूलाल बैरवा ने बहुत ही भाव विभोर होकर रक्तदाता शिक्षक दिनेश कुमार वैष्णव का हृदय से आभार जताया। इस दौरान विश्व हिन्दू परिषद के प्रखण्ड अध्यक्ष महावीर सिंह भाटी, बजरंग दल के पूर्व जिला संयोजक दशरथ साहू, बढ़ते कदम संस्थान के रक्तदान प्रभारी दिनेश वैष्णव, एबीवीपी नगर अध्यक्ष बनवारी लाल बैरवा, सुरेश सैनी आदि उपस्थित थे। 


गौरतलब है कि दुनिया में ए, बी, एबी और ओ ग्रुप में पॉजिटिव व नेगेटिव मिलाकर कुल 8 तरह के ब्लड ग्रुप होते हैं। इनमें से सबसे रेयर ग्रुप एबी नेगेटिव है। माना जाता है कि कुल जनसंख्या के 5 प्रतिशत लोग एबी ब्लड ग्रुप वाले होते हैं, इनमें से भी नेगेटिव ग्रुप वाले 0.5 प्रतिशत ही होते हैं।

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