हरियाणवी संस्कृति से फूहड़ता को खत्म करना ही उद्देश्य : हनुमान कौशिक

 हरियाणवी संस्कृति से फूहड़ता को खत्म करना ही उद्देश्य : हनुमान कौशिक



भिवानी । कल सामाजिक संगठन म्हारी संस्कृति म्हारा स्वाभिमान ने सूर्यकवि लखमीचंद आश्रम उमरावत में तीजोत्सव के अवसर पर आशु कवि गुलाबचन्द एवं सुर सम्राट जगन्नाथ समचाना की पुण्यतिथि पर विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीएम विंडो के प्रतिनिधि रोशनलाल शर्मा, विशिष्ट अतिथि के रुप में के.डी. शर्मा पाहसोर ने शिरकत की। वहीं हरियाणवी कलाकार जोगिंदर कुंडू, दीपक कपूर, मोंटू सहरावत पालम, राकेश गौड़(गौड़ गैस्ट हाऊस) तथा जानमानी कवयित्री सुमन सेन भी उपस्थित रहीं। मुख्य अतिथि रोशनलाल ने आश्रम निर्माण में 31,000 ईटों के सहयोग की घोषणा करते हुए अपने संबोधन में कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के प्रति सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन द्वारा आम जनमानस को जागरूक करने के प्रयास की सराहना की। संगठन के प्रधान हनुमान कौशिक ने कहा कि सूर्यकवि पंडित लखमीचंद को मरणोपरांत भारत रत्न इसके लिए एक मुहिम शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि हरियाणवी गानों में फल फूल रही अश्लीलता फूहड़ता को जड़ खत्म करने के लिए संगठन प्रयासरत है। संगठन की इस कोशिश का असर भी अब दिखाई देने लगा है। 

संगठन के मुख्य उद्देश्यों में प्रमुख सभी कवियों का समान रूप से मान सम्मान दिलवाना, के तहत कलाकारों ने बहुत से कवियों की रचनाओं को प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर हिन्दकेसरी लोकगायक बाली शर्मा को संगठन द्वारा संस्कृति रत्न सम्मान से नवाजा गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से बाली शर्मा, रणबीर बड़वासनी, जितेन्द्र पड़ाना, सुरेन्द्र गिगनाऊ, कृष्ण डुडीवाला, सुनील मुनीमपुर, अमित समचाना, रामकेश जीवनपुर व विवेक अहलावत आदि लोकगायकों द्वारा प्रस्तुति दी गयी। संगठन के अध्यक्ष हनुमान कौशिक एवं उनकी समस्त टीम की मेहनत और आसपास के गांवों की पंचायतों के सहयोग से यह कार्यक्रम सफल रहा।

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