भाजपा कोंग्रेस की ड्रामेबाजी से किसान आंदोलन से हटा कोंग्रेसी होने का दाग

भाजपा कोंग्रेस की ड्रामेबाजी से किसान आंदोलन से हटा कोंग्रेसी होने का दाग ।



तरविंदर सैनी (माईकल ) आम आदमी पार्टी नेता गुरुग्राम  अनुसार कैप्टन अमरिंदर सिंह के कहने से ना किसान बैठे थे और न उठेंगे  जिससे स्पस्ट होता है कि भाजपा द्वारा लगाए जाने वाले आरोप निराधार थे कि कोंग्रेस किसानों को बरगला रही है और मोदी सरकार का विरोध करा रही है जब्कि ऐसा था भी नहीं  मगर सच सामने आ ही गया  कैप्टन साहब के बयान और उसके बाद आज भाजपा के विरोध प्रदर्शन से धरने से  और यह भी साफ हो गया है कि बगैर राजनीतिक हस्तक्षेप के ही चल रहा है किसान आंदोलन ।

कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस बयान के लिए उन्हें साधुवाद भी देना चाहिए कि उन्होंने किसानों के ऊपर से कोंग्रेसी सहयोग देने का जो कलंक का टीका लगा हुआ था उसे मिटा दिया अपना पंजाब से चले जाने वाले बयान को देकर  और भाजपा यदि यह प्रदर्शन नहीं करती तो देशवासियों को यह कैसे पता चलता कि इसके पीछे कोंग्रेस का कोई हाथ नहीं है बल्कि जैसे हरियाणा सरकार दुखी हैं अपने ही किसानों से ठीक वैसे ही पंजाब और राजस्थान की कोंग्रेस सरकार भी दुखी हैं  जब्कि हकीकत यह है कि इन दोनों दलों से किसानों तो दुखी हैं ही साथ में पूरा देश दुखी है इनके अनीतिगत निर्णयों के कारण , काले कानूनों के कारण ,कॉरपोरेट घरानों के लिए लाभकारी कानून जो इनकी सरकारों ने बनाए हैं उनके कारण बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भुखमरी के कारण , गिरती अर्थव्यवस्था और संविधान की अवहेलना करने के कारण तथा सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग करने के कारण  - स्वतंत्रता किसी को है भी कि नहीं जानता कोई इनके राज में !

मगर एक बात सब जानते हैं कि एकमात्र आम आदमी पार्टी किसानों का स्वागत करती है सेवा करती है सहयोग करती है किसानों के साथ रहकर मोदी सरकार की खिलाफत करती है यात्राएँ निकालती है आंदोलन करती है  उनकी जरूरतें पूरी करने का कार्य करती है ।।

इधर आज समूचे हरियाणा प्रदेश में भाजपा जिला कार्यकरिणीयों द्वारा कोंग्रेस मुख्यालयों के सामने धरना दिया और आरोप लगाया  कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने बयानों से पंजाब के किसानों को उकसाकर  दिल्ली हरियाणा जाकर धरना देने को कहा है जिससे हरियाणा प्रदेश को बहुत नुकसान होगा , भाजपा का कहना है कि  पंजाब सरकार हरियाणा को एसवाईएल नहर का पानी देने पर बात नहीं करके निरंतर प्रदेश की स्तिथियाँ खराब करने पर तुली है इनको लगता है कि यह किसानों का धरना पंजाब सरकार द्वारा ही प्रायोजित हैं  जब्कि  कैप्टन अमरिंदर सिंह किसानों से अपील कर रहे हैं कि वह पंजाब में धरना प्रदर्शन समाप्त कर दें  जिससे सूबे को फोरी राहत मिलेगी प्रदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा ।

अब इस बात से समझना चाहिए भाजपाईयों को कि किसान सँगठनों ने केवल हरियाणा दिल्ली बॉडरों पर ही नहीं बल्कि पंजाब में भी धरना दिया हुआ है और वहां कोंग्रेस की सरकार है अर्थात यह बात स्पस्ट हो जाती है कि  भाजपा लगातार जो कोंग्रेस प्रायोजित आंदोलन चलाने का आरोप किसानों पर लगाती आई है वह अपने आप ही खारिज हो जाता है और स्पश्ट हो जाता है कि आंदोलन में किसी भी प्रकार से राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं है ।।

दूसरी ओर कोंग्रेस भी केवल विरोध करने का विरोध कर रही है अपने बचे-खुचे कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी कार्यालयों और न के समान बचे पार्टी के अस्तित्व को बचाने के लिए मुखर रुख इख्तियार करते हुए भाजपाइयों के विरोध प्रदर्शन का विरोध करती दिखाई दी वहीं कुछ जगह स्तिथि सामान्य बनी रही तो कहीं स्तिथियाँ तनावपूर्ण रही आज  व हल्की कहासुनी के साथ अमरिंदर सिंह मुर्दाबाद तो कहीं खट्टर मुर्दाबाद के नारे लगते रहे  और  दिनभर एक दूसरे को कोसने का काम चलता रहा  और अंत में कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे की मांग करते हुए भाजपा ने कोंग्रेस को ज्ञापन सौंपा जुबानी जंग में और कोंग्रेस ने भी पहले खट्टर साहब के इस्तीफे की मांग पूरी किए जाने की बात कहते हुए भाजपा के ज्ञापन को अस्वीकार कर दिया  और यही सब नाट्यकर्म चलता रहा  अब इसे ड्रामेबाजी ना कहें तो क्या कहें ?

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