यज्ञ महोत्सव से वैदिक संस्कृति को बचाने निकला आर्य समाज

 यज्ञ महोत्सव से वैदिक संस्कृति को बचाने निकला आर्य समाज 

( सचिन त्यागी )


बागपत जिले में जिला आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत के द्वारा यज्ञ महोत्सव एवं वेद प्रचार यात्रा शुरू की गयी है। बुधवार को तीसरे दिन का कार्यक्रम एंबीशन हायर सेकेंडरी स्कूल छपरोली में समाज सुधार हेतु यज्ञ एवं भजनों के द्वारा प्रचार प्रसार कार्यक्रम संपन्न हुआ। 

इस अवसर पर जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के मंत्री  रवि शास्त्री ने कहा यज्ञ हमारी वैदिक संस्कृति का आधार है। यज्ञ के द्वारा ही पर्यावरण को शुद्ध किया जा सकता है। यज्ञ के द्वारा वातावरण में फैले बैक्टीरिया को नष्ट किया जाता है। मनुष्य के द्वारा अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए प्रकृति से खिलवाड़ का गंभीर दुष्परिणाम लोग भुगत रहे हैं।  यज्ञ को संसार का श्रेष्ठतम कर्म बताया जाता है। अग्नि का स्वभाव है। उसमें जो भी पदार्थ आप डालेंगे। वह उसको कई हजार गुणा सूक्ष्म करके उसके प्रभाव को बढ़ाकर वातावरण एवं वायुमंडल को दे देती है। ग्रंथों में अग्नि को देवताओं का मुख कहा है। अग्नि के माध्यम से पदार्थों का दहन एवं रूपांतरण की पदार्थ विद्या देव यज्ञ कहलाता है। भजनों उपदेश अशोक प्रबोध ने भजनों के माध्यम से उपदेश देते हुए कहा यज्ञ भारतीय संस्कृति का प्राण है। बच्चों एवं युवाओं को बड़ों के सम्मान करने का बोध कराते हुए संदेश दिया। बड़ों की सेवा करना है हमारा धर्म है। आज की युवा पीढ़ी अच्छे संस्कारों को आत्मसात कर अपने जीवन का निर्माण कर अच्छे गांव की परिकल्पना को सार्थक साबित करें। तभी मानव जीवन का एवं शिक्षा का असली लाभ होगा। प्राइवेट स्कूल प्रबंधक एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवेंद्र कुमार ने कहा शिक्षा के द्वारा ही समाज का उत्थान किया जा सकता है। वैदिक संस्कृति को बचाने के लिए यात्रा का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस अवसर पर आचार्य धर्मवीर आर्य, प्रधानाचार्य अंजलि, राहुल ,ओमपाल, रविंदर, तरुण ,मोनू ,अनीता, प्राची ,शिवानी आदि उपस्थित रहे।




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