भारत बंद को नहीं मिला आम लोगों का साथ, सडक जाम तक सिमटे राजनीतिक दल

 भारत बंद को नहीं मिला आम लोगों का साथ, सडक जाम तक सिमटे राजनीतिक दल

( सचिन त्यागी )

यूपी के बागपत में भारत बंद का असर सडकों तक ही सिमट गया। आम लोगों ने इस बंद में हिस्सा नहीं लिया। बाजार भी रोज ही की तरह खुले, राजनीतिक पार्टीयों और आंदोलनकारी लोगों ने सडक जाम कर खूब शोर मचाया। इस दौरान भारी पुलिस बल की व्यवस्था भी प्रशासन की और से देखने कोे मिली। 

संयुक्त किसान मोर्चा के आव्हान पर किये गये भारत बंद को लेकर जिस तरह से शोर मचा उसका असर बागपत में देखने को नहीं मिला। राकेश टिकेत ने सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक भारत बंद का ऐलान किया था। बागपत के दिल्ली सहारनपुर मार्ग पर रालोद कार्यकर्ताओ ने खेकडा पाठशाला से लेकर बागपत राष्वंदना चैक व बडौत ओद्योगिक  चौकी पर जाम लगाकर कृषि कानून का विरोध जताया। इस जाम के कारण वाहन चालकों को परेशानी उठानी पडी। लेकिन भारी संख्या में पुलिस बल को देखते हुए आंदोलन शांतिपूर्ण ही रहा। पुलिस प्रशासन ने चार जोन व 11 सैक्टर में बागपत जिले को बांटकर पुलिस व पीएससी बल भी लगा दिया था। इस दौरान प्रशासन के कडे इंतजाम देखने को मिले। बागपत कलेक्टर राजकमल यादव व पुलिस कप्तान नीरज कुमार जादौन ने सभी संभावित धरना स्थलों व बोर्डर चौकियों का निरीक्ष्ण किया। वाहनों का रूट डायवर्जन भी किया गया। जिलाधिकारी राजकमल यादव का कहना है कि किसानों का आंदोलन शांन्तिपूर्ण हुआ है। 


बागपत में नहीं दिखे बडे नेता 


भारत बंद को कई राजनीतिक दलों ने समर्थन तो किया लेकिन बागपत में बडे नेता इस बंद में दिखाई नहीं दिये। रालोद के छोटे चौधरी (चौधरी जयंत)  भी आंदोलन में हिस्सा लेने नहीं पहुंचे। जबकि कार्यकर्ताओं ने अंदोलन में बढचढकर हिस्सा लिया।






Post a Comment

0 Comments