जीवन दूभर करती वायु प्रदूषण की समस्या मुश्किल में प्रशासन माँग रहा सुझाव !

जीवन दूभर करती वायु प्रदूषण की समस्या मुश्किल में प्रशासन माँग रहा सुझाव !



प्रशासनिक अधिकारियों की अयोग्यता भी बनी प्रदूषण संवाहक : माईकल सैनी 


सरकारी मापदंडों के अनुसार भी गुरुग्राम शहर में प्रदूषण का स्तर दिनोदिन बढ़ता जा रहा है  अब तो भी लगने लगा है कि स्तिथियाँ इनके नियंत्रण में नहीं रही  जिसे लेकर  अच्छी बात यह रही के अपनी सक्रियता दिखाते हुए आज गुरुग्राम प्रशासन ने कमेटियों का गठन किया है प्रदूषण पर काबू पाने के लिए  तथा उनके साथ आमजन से भी सुझाव आमंत्रित किए हैं जिन्हें उचित पाए जाने पर अमल में लाए जाने की बात कही है ।

तरविंदर सैनी (माईकल ) आम आदमी पार्टी नेता गुरुग्राम ने बताया कि  रास्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में 24वां स्थान हरियाणा को मिला  और वहीं गुरुग्राम को 5वां स्थान मिला और वह भी तब जब्कि सैंकड़ों करोड़ रुपए प्रतिवर्ष खर्च किए जा रहे हैं नगर निगम और जिएमडीए द्वारा   मगर हालात जस के तस  - अब सवाल यह उठता है कि जो गुरुग्राम शहर अपने साथ फरीदाबाद सहित अन्य जिलों के निगमो का भी खर्च वहन कर रहा है  उसकी इस दुर्भाग्यपूर्ण स्तिथि के लिए आखिरकार जिम्मेदार कौंन है , किसे दोष दे जनता ?

लाखों वृक्ष करोड़ों रुपए में लगा वातावरण को शुद्ध एवं स्वच्छ बनाने तथा हरा-भरा गुरुग्राम बनाने का दावा करने वाली भाजपा सरकार  ने देखा कभी उन वृक्षों की क्या हालत है कहाँ लगे हुए हैं ,लगे भी थे या नहीं , पूछा अपने नेताओं से की हरियाली का क्या हुआ  या केवल अपनी ही जेब गर्म कर हरियाली तीज मनाते चले आ रहे हैं ? खैर

कुछ दिन पूर्व ही विशेष अनुकम्पा से पर्यावरण सचिव पद हांसिल करने वाले नवीन गोयल ने दावा किया था कि सभी ग्रीन बेल्टों में पौधरोपण करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे और अधिक से अधिक पेड़ लगाएंगे  परन्तु हुआ क्या दो-चार सेल्फियां लेकर नंम्बर बनाने के इलावे , अधिकांश ग्रीनबेल्ट पर अवैध पार्किंग बनी हुई हैं , अतिक्रमण किया हुआ है ,शराब के ठेकों सहित तमाम व्यवसायिक कार्य चल रहे हैं , हालात जस की तस वही प्रदूषित वातावरण  - अब सवाल फिर वही खड़ा होता है कि ऐसी गैरजिम्मेदारीयों का दंश कब तक झेलेगी स्थानीय जनता  और क्या ऐसे ही ग़ैरजिम्मेवार लोगों को पद बांटती रहेगी भाजपा  जो हाथ पैर जोड़कर पद हाँसिल तो कर लेते हैं मगर अपने दायित्वों की पूर्ति नहीं कर पाते , आखिर कब ऐसे निष्क्रिय नेताओं से पद वापस लेगी भाजपा जो केवल और केवल अपनी राजनीति ही चमकाने में लगे रहते हैं  ? 

स्वच्छ सर्वेक्षण टीम की आओ भगत में लगे रहने से और उनके तयशुदा इलाकों के भृमण वाले स्थानों को ही स्वच्छ दिखाने से कोई लाभ नहीं होने वाला , वह भी गुमराह कर दिए जाते होंगें सरकारी अधिकारियों द्वारा इसमे संदेह नहीं किया जा सकता वरना इतनी सक्रिय तथा ईमानदारी की मिसाल समझने वाली खट्टर सरकार एवं उनकी इतनी विशाल पार्टी द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियानों से गुरुग्राम साफ सुथरा शहर न बन पाए हो नहीं सकता  परन्तु वास्तविकता तो यह है कि वह भी कोरा दिखावा ही निकले , मालूम होता है कि भाजपा नेता और नेत्रियों ने महज सेल्फियों के लिए ही अभियान चलाए ।

अब बात गुरुग्राम प्रशासन की उस अपील की करते हैं जो उन्होंने आमजन से की है और उसमें उन्होंने सुझाव मांगे हैं  तथा लोगों को सुझाव देने भी चाहिए  मगर सवाल एक और उठता है कि इन अयोग्य नेताओं को क्या गुरुग्राम शहर में केवल भृस्टाचार करने के लिए ही नियुक्त किया गया है क्या ? 

और या फिर मौज मस्ती ऐशो आराम की जिंदगी बिताने के लिए यहां भेज रखा है जिनसे यह प्रदूषण की समस्या से पार पाने की कोई ठोस योजना तक नहीं ?

माईकल सैनी ने सुझाव देते हुए कहा कि ;- 1, गुरुग्राम प्रशासन लोगों से अपील करे कि वह स्तिथियाँ सुधरने तक फर्श धोने और छिड़काव पर जितना पानी व्यर्थ करते हैं उसे अपने घरों के पास वाले पेड़ों को धोने में खर्च करें , 2,दूसरे गार्बेज उठाने के लिए सेनिटेशन विंग को सक्रिय करे  फिर चाहें कर्मचारियों की संख्या ही क्यों न बढ़ानी पड़े ,  3,तीसरे जो बहुत महत्वपूर्ण योजना है जिसे प्रशासन चाहे तो अमल में लाने से निश्चित तौर पर लाभ मिलेगा शहर वासियों को वो यह है कि ;-गर्मियों में आवश्यक होते कूलर जिन्हें टैंट हाउसों से लेकर बड़ी बड़ी इमारतों पर लगाकर निरंतर चलाया जाए  और साथ ही लोगों को भी अपनी छतों पर कूलर चलाने की अपील की जाए पानी डालकर तो नतीजे बहुत ही शानदार सामने आएंगे - धन्यवाद सहित अन्य सुझावों व परामर्शों के लिए जनता की भलाई हेतु प्रशासन कभी भी कॉल करके बुला सकता है , नंम्बर - 8802370021

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