लोगों में रक्तदान के बारे में जागरूकता फैलाना मेरा उद्देश्य:किरण वर्मा

 नई दिल्ली।प्रवीन गुलाटी।



रक्तदान महादान ।

रक्त जागरूकता के लिए पूरे भारत में 21,000 किलोमीटर,

किरण वर्मा ने 28 दिसंबर 2021 को तिरुवनंतपुरम से भारत में रक्त जागरूकता के लिए 21,000 किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू की।


यह वॉक "दुनिया में अब तक का सबसे लंबा व्यक्तिगत रक्तदान जागरूकता अभियान" होने जा रहा है, जो 2 साल से अधिक समय तक चलेगा।


वॉक का मिशन लोगों में रक्तदान के बारे में जागरूकता फैलाना है ताकि "31 दिसंबर 2025 के बाद भारत में कोई भी रक्त के इंतजार में न मरे"।


बढ़ते COVID मामलों के कारण भारत में स्वैच्छिक रक्तदान पिछले 2 वर्षों से काफी कम हो रहा है। यह वॉक लोगों को इस कठिन समय में भी बाहर जाकर रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए है ताकि ब्लड बैंक और अस्पतालों में रक्त की कमी न हो।


अब तक उन्होंने त्रिवेंद्रम, कोल्लम, अलाप्पुझा, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम, कण्णूर और कसरगोड जिलों में 500 किमी से अधिक की दूरी तय की है। वे आने वाले दिनो में मंगलूरु, उडिपी, और फिर तमिल नाड़ु की ओर चलेंगे।



कारण के पीछे की कहानी:

किरण वर्मा ने सिम्पली ब्लड की शुरुआत तब की जब उनका खून दिल्ली के एक गरीब परिवार (रायपुर, छत्तीसगढ़ से) को बेच दिया गया, जो अपने पति के इलाज के खर्चे के भुगतान करने के लिए वेश्यावृत्ति में जा पहुँची।


26 दिसंबर 2016 को उनके पास एक फोन आया जहां एक व्यक्ति ने किरण को बताया कि रायपुर का एक गरीब परिवार है; जिसे रक्त की आवश्यकता है और किरण उस परिवार को रक्तदान करने अस्पताल ग़ए।


रक्तदान करने के बाद वह परिवार से मिलने ग़ए तो पता चला कि किरण को फोन करने वाले ने रुपये ले लिए। जो रक्त उन्होंने मुफ्त में दान किया। उन्हें पता चला कि उसके खून का भुगतान करने वाली महिला मेडिकल बिलों का भुगतान करने के लिए वेश्यावृत्ति में पड़ गई।

उनके लिए इसे पचाना मुश्किल था और उसी दिन उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और इसे अपने लक्ष्य के रूप में लिया कि "भारत में 2025 तक कोई भी खून की कमी के कारण नहीं मरे"।


पृष्ठभूमि:

भारत में प्रतिदिन 12,000 से अधिक लोगों को रक्त नहीं मिल पाता है, जिसके कारण सालाना 30 लाख से अधिक लोग रक्त के इंतजार में मर जाते हैं।


हाल ही में कोविड की दूसरी लहर के दौरान हर व्यक्ति ने प्लाज्मा संकट को क़रीब से देखा। साथ ही पूरे भारत में ब्लड बैंकों में रक्त की भारी कमी है क्योंकि लोग अस्पतालों में रक्तदान करने से डरते हैं। यह सब हुआ, क्योंकि हमारे पास भारत में रक्तदान करने की संस्कृति नहीं है।


उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमें लोगों और अपने समुदाय को शामिल करना होगा, जिससे हमारा सपना साकार हो सके। यह चलना केवल उसे साकार करने के लिए है।


हमारे बारे में:

किरण वर्मा दिल्ली के एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने "चेंज विद वन फाउंडेशन" की स्थापना की, जिसके तहत वे दो कार्यक्रम सिंपल ब्लड एंड चेंज विद वन मील चलाते हैं।

2018 में, किरण वर्मा ने पूरे भारत में 16,000 किलोमीटर की यात्रा की और केवल इसी कारण से 6,000 किलोमीटर से अधिक की पैदल यात्रा की।


सिंपली ब्लड - यह दुनिया का पहला वर्चुअल ब्लड डोनेशन प्लेटफॉर्म है, जो रक्तदाताओं और मरीज़ को किसी भी शुल्क लिए बिना वास्तविक समय (उबर की तरह) में जोड़ता है। इसे 29 जनवरी 2017 को लॉन्च किया गया था और अब तक रक्तदान के माध्यम से 35,000 से अधिक संभावित लोगों की जान बचाई है।


चेंज विथ वन मील - यह एक पहल है जहां हम दिल्ली में 10 रुपये में भरपेट भोजन परोसते हैं। अब तक हमने पिछले एक साल में 4,00,000 से अधिक भोजन परोसा है। 


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