ईंट भट्टे पर मकान की छत गिरने से तीन बालिकाओं की मौत

 ईंट भट्टे पर मकान की छत गिरने से तीन बालिकाओं की मौत 

रिपोर्ट:- सचिन त्यागी 

बागपत जिले के एक ईट भटटे पर तीन बालिकाओं की मौत हो गयी। लड़कियां घर में सोयी हुई थी। जिनके उपर मकान की छत गिर गयी। मरने वालों में दो सगी बहने थे। हादसा सोमवार रात्री में हुआ जब परिवार के लोग खाना खाकर साने जा रहे थे। 

हादसे के यह घटना बालैनी थाने निकट निर्माणाधीन टोल के पास एक ईट भटटे की है। जहां पर जलालपुर गांव निवासी आरिफ अपने परिवार के साथ ईट भटटे पर पथेर का काम करता है। आरिफ ने बताया कि वह आठ भाई बहने है जिसमें दो भाई बहनों का निकाह हो चुका है। वह अपने माता के साथ ईट भटटे पर पथाई का कार्य करते है। बताया कि सोमवार की शाम को उसकी भाभी खाना बना रही थी। झुग्गी के अंदर उसकी दो बहन 15 वर्षीय शहराना,12 वर्षीय सानिया व दो माह की भतीजी माहिरा थी। तभी अचानक झुग्गी की कच्ची छत गिर गयी। मलबे में उसकी एक भतीजी व दो बहने दब गयी। चीख पुकार सुनकर मजदूर दौड़े और बालिकाओं को मलवे से बाहर निकाला। लेकिन बालिकाओं की मौत हो चुकी थी। सूचना के बाद मौके पर बालैनी पुलिस पहुंची और हदसे की जानकारी ली। थाना प्रभारी कौशलेंद्र सिंह का कहना है कि मामले जांच की जा रही है।

कच्चे कमरों में रहते है मजदूर 

बागपत जनपद में मजदूरी के लिए  दूर-दूर से मजदूर ईंट भट्टो पर आते है। भट्टा संचालक उनके रहने के लिए अस्थायी कच्चे कमरे बनाकर दे देते है। जिसमें मजदूरों का परिवार रहता है।इन कमरों की हालत इतनी अच्छी नही होती। जिनके कारण हादसे की आशंका बनी रहती है। सोमवार की रात्रि में हुआ हादसा भी इसी लापरवाई का ही नतीजा था। 

भट्टो पर रोक के बाद भी चल रहा ईंट पथाई कार्य

बागपत जिले में 350 से अधिक ईंट भट्ठे है। एनजीटी ने ईंट भट्टो के संचालन पर रोक भी लगाई हुई है। इसके बाद भी जिले में भट्टो पर ईंट पथाई व अन्य कार्य जारी है। खनन विभाग का कहना है कि एनजीटी की रोक के चलते सभी ईंट भट्टो के संचालन पर रोक है। मिट्टी खनन तक की इजाजत नही दी गयी है। भट्टा मालिक से पूछताछ की जाएगी।



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