गायत्री से जल्द छिनेगा दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य

 दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर का काम अटका कंपनी को टेंडर रद्द करने का नोटिस

निर्माण की धीमी रफ्तार पर लिया निर्णय, अब नई कंपनी को टेंडर जारी होने तक काम बंद

बागपत। खेकड़ा के अधिवक्ता हर्ष शर्मा ने बताया कि भारत माला परियोजना के तहत बनने वाले दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले चरण का निर्माण ही अटक गया है। एनएचएआई ने निर्माण कार्य धीमा होने और अन्य मामलों में भी देरी पर कंपनी को टेंडर रद्द करने का नोटिस जारी किया है। अब नई कंपनी को टेंडर जारी होने तक निर्माण नहीं होगा।बता दें कि दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे के मुद्दे को अधिवक्ता हर्ष शर्मा की टीम बड़ी ही गहनता से देख रही है एवं दिनों दिन प्रत्येक बन्धु शिकायत दर्ज करता रहता है और रोजाना के कार्य की अपडेट उनके समूह को रहती है।

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दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले चरण की शुरूआत मार्च 2021 में हुई थी और इसमें ईस्टर्न पेरिफेरल तक करीब 17 किमी लंबी छह लेन की एलिवेटेड रोड का निर्माण होना था इसका टेंडर हैदराबाद की कंपनी गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड को दिया गया था। कंपनी ने निर्माण कार्य शुरू जरूर किया, लेकिन कछुए की धीमी रफ्तार से, उसे अब तक दो प्रतिशत भी पूरा नहीं कर पाए हैं।


एलिवेटेड मार्ग निर्माण कार्य में लगे एनएचएआई के कर्मचारी ने बताया कि एक्सप्रेसवे से दिल्ली यूपी बॉर्डर निर्माण पूरा होने पर ढाई-तीन घंटे में पहुंच जाएंगे दिल्ली से देहरादून

इसके बनने पर दिल्ली से देहरादून छह घंटे की जगह केवल ढाई से तीन घंटे में पहुंच सकेंगे। इस पर हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली, यमुनानगर, बागपत, मेरठ व बड़ौत को जोड़ने के लिए सात जगह इंटरचेंज होंगे।

कार्य पूरा करना था, वह एक प्रतिशत कार्य ही पूरा कर पाई। 


टेंडर की शर्तों के अनुरूप नहीं हुआ कार्य


टेंडर की शर्तों में नेशनल हाईवे को पूरी तरह गड्ढामुक्त करना भी कंपनी की जिम्मेदारी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और निर्माण शुरू होने के बाद वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई थी, जाम लगने लगा। इसकी शिकायत सुभानपुर निवासी संजय त्यागी ने एनएचएआई व केंद्रीय मंत्रालय में की थी। कॉरिडोर के निर्माण के लिए जितने पेड़ काटने को अनुमति मिली, वह अभी तक नहीं कटवाए गए विद्युत लाइन शिफ्ट करने का कार्य भी नहीं किया गया।


इकोनामिक कॉरिडोर के पहले चरण के लिए ईपीई से दिल्ली-यूपी बॉर्डर तक एलिवेटेड रोड का निर्माण करने वाली कंपनी का टेंडर रद करने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। वह कार्य को काफी धीमी गति से कर रही थी। नेशनल हाईवे का मरम्मत कार्य भी नहीं किया था। अरविंद कुमार, - परियोजना निदेशक एनएचएआई


1326करोड़ रुपये की लागत से पहले चरण में इंस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से दिल्ली-यूपी बॉर्डर तक एलिवेटेड रोड बनना है। (संवाद)



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