हौसले की उड़ान नन्ही सृष्टि की शान।

 



बच्चो को यदि बचपन से ही सेवा के संस्कार दिए जाए तो निश्चय ही बड़े होकर वह संस्कार बच्चों में नजर आते हैं। ऐसे ही संस्कार नजर आते है नन्ही सृष्टी गुलाटी में। माता-पिता के मार्गदर्शन में नन्ही सृष्टि गुलाटी नित नई सेवा सीख रही हैं। ऐसी ही एक सेवा जारी निरंतर जारी है। घर से शुरू की गईं पुराने न्यूज़ पेपर देने की सेवा 4 महीने से लगातार जारी है। सृष्टी गुलाटी द्वारा जरूरतमंद मनीषा नाम की महिला को घर पर ही 5 किलो न्यूज़ पेपर दिए गए। जवाहर कॉलोनी निवासी मनीषा ने बताया कि वह सभी के घर-घर जाकर सभी से न्यूज़ पेपर लेती हैं और उसके बाद कागज की लिफावे बनाकर उनको बेचती हैं ताकि हमारा गुजारा बसर हो सके। आज इस बेटी के हाथों से यह पेपर पाकर बहुत ही अच्छा लगा। आज पहली बार देखा कि नन्ही सृष्टि बेटी को उसके माता-पिता बड़ी ही अच्छी शिक्षा दे रहे हैं सेवा करने की। डी.सी.मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की पहली कक्षा की छात्रा सृष्टी गुलाटी कम उम में ही समाज सेवा के क्षेत्र में प्रसिद्ध ही गई हैं। 

समाज सेवा के क्षेत्र में वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया है नन्ही सृष्टी गुलाटी ने। 1000 मास्क, 1800 सेनेटरी पेड, 2000 लेखन सामग्री,2500  बेबी डाइपर। इन सब सेवाओं के लिए सृष्टी का नाम रेकॉर्ड बुक में भी दर्ज है। सभी को अपने बच्चो को शुरू से ही ऐसे ही नेक कार्य करने की शिक्षा देनी चाहिए। माता प्रिया गुलाटी ने कहा कि सृष्टी बेटी को सेवा करने की यह प्रेंरणा अपने पिता प्रवीन गुलाटी से प्राप्त हुई है। नन्ही सृष्टि गुलाटी अपनी समाज सेवा के लिए काफी लोकप्रिय भी है। अभी तक  नन्ही सृष्टि गुलाटी द्वारा निम्न प्रकार की सेवाएं दी गईं जिसका विवरण इस प्रकार है। सृष्टी द्वारा  मास्क वितरण, लेखन सामग्री, सैनिटरी पैड, बेबी डाइपर, पक्षियों की सकोरे, पुराने कपडे देना। सरकार भी ऐसे बच्चो को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। पिता प्रवीन गुलाटी का हरियाणा सरकार से निवेदन हैं कि सृष्टी बेटी को भी आगे बढ़ने में सहयोग करे उसकी शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप दी जाए। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया जाए। नेक कार्य के लिए  सृष्टी को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाए। 

नन्ही परी अपने चंचल अंदाज में सेवा करती हैं। माता पिता के ऐसे संस्कार हर बेटी में हो तो समाज का भी भला होता हैं। सबसे अच्छी बात सृष्टि अपने पुराने खिलोने भी दान में देती हैं। ताकि उन खिलोनो को  पाकर ओर भी बच्चे खेल सके। ऐसी नेक सोच निश्चित ही बेटी को आगे बढ़ने में मददगार होती हैं। अपने पिता के साथ मिलकर सृष्टि बेटी ने जरूरतमंद लोगो को पुराने न्यूज पेपर देने की यह सेवा जब शुरू की तो किसी को भी आस नही थी कि यह सेवा इतनी सफल होगी। अब लोग स्वयं आकर सृष्टी को पुराने न्यूज़ पेपर देते है ताकि उसकी यह सेवा निरंतर जारी रहे।सभी लोगो का यह कहना है कि एक दिन बेटी समाज सेवा के क्षेत्र में बड़ा नाम करेगी। पिता प्रवीन गुलाटी का एक ही सपना है एक दिन सृष्टी बेटी को समाज सेवा के क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाए।

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