निगम की कथनी और करनी में बहुत फर्क।



आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष श्री मुकेश डागर जी की अध्यक्षता में आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी गई जिसमें निगम की खामियों का भंडाफोड़ किया गया। अपना आक्रोश दिखाते हुए मुकेश डागर ने कहा " एमसीजी ने बसई में जो लैंड पार्सल आईडेंटिफाई  किया है वह लैंड पार्सल एक रिहायशी इलाके में है और एकदम रोड से सटी हुई है।  पिछली 16 तारीख को एम सी जी ने इको ग्रीन कंपनी को यह जमीन 1 साल की लीज पर अलॉट की थी जहां वह कंपनी शहर के कई हिस्सों से सॉलिड वेस्ट लाकर उसका प्रसंस्करण करेगी। उन्होंने आगे कहा कि इस जगह पर लोगों का लगातार आवागमन होता है बच्चों के कई स्कूल है आप सोचिए कितनी दिक्कतों से एक आम नागरिक को गुजारना पड़ रहा है। निगम के अधिकारी भ्रष्टाचार में इतनी लिप्त हैं कि उन्हें आम जनता की कोई चिंता ही नहीं है।

इसमें आगे बोलते हुए मुकेश डागर जी ने कहा "हमारा कार्यक्रम आज का कचरा इतना सफल हुआ था कि पहली बार यहां के निगम पार्षदों ने अपने क्षेत्र की सुध ली और जहां -जहां कचरा था ड्रेनेज की दिक्कत थी वहां पर ठीक करने की कोशिश की। लेकिन उनके पुराने पाप इतने ज्यादा थे कि कितनी भी सफाई कर लें पर जो स्थिति इन लोगों ने बना दी है, गुड़गांव की  सफाई करना बहुत ही मुश्किल है। 


बनवारी के पहाड़ निगम और प्राइवेट कंपनी की विफलता के प्रतीक हैंl गुडगांव वासियों के लिए हेल्थ हजार्ड बन गए हैंl गुड़गांव निवासी समय-समय पर इस पहाड़ की अव्यवस्था के ऊपर आवाज उठाते रहे हैं लेकिन कभी किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। जहां तक लोगों का कहना है, बनवारी के गांव में कैंसर की मात्रा कहीं ज्यादा है, वहां का पानी लीचैट के द्वारा दूषित हो चुका है, पशु पक्षी दूषित पानी पीकर अक्सर मर जाते हैं और कूड़े के ढेर में आग लगने से पूरे गुडगांव की हवा विषैली हो जाती हैl 


डॉक्टर सारिका ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा "यह निगम की जिम्मेदारी है की सूखा और गीला कूड़ा अलग करने के बाद ही उसे किसी लैंडफिल में भेजा जाए। लेकिन निगम और निजी कंपनियां उसने भी बुरी तरह से विफल रही है।

यही कारण है की बनवारी आज ये स्थिति हो गई है। 


खट्टर साहब को निगम की इस विफलता के लिए  जिम्मेदारी तय करनी पड़ेगी और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को जेल का रास्ता दिखाना होगा। अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो इसका एक ही मतलब होगा की इस पूरे भ्रष्टाचार में बड़े बड़े लोगों की मिली भगत है। 


महेश कटारिया जी जो कि उसी क्षेत्र में रहते हैं और आम आदमी पार्टी के संयोजक हैं उन्होंने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि निगम की और इको ग्रीन कंपनी की इस किस्म की मनमानी यहां पर नहीं होने देंगे।  अगर उन्होंने जनता की बात नहीं मानी तो वह आम आदमी पार्टी के और कार्यकर्ताओं के साथ आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे  लेकिन जनता के साथ नाइंसाफी नहीं होने देंगे।  


आम आदमी पार्टी की नेत्री अनुराधा शर्मा भी अपनी बात रखते हुए कहा कि "भाजपा ने केन्द्र और प्रदेश में सरकार बनाने से पहले जनता से वायदा किया था कि हमारी सरकार जनता के प्रति जबाबदेह रहेगी। आज हम सवाल कर रहे है कि हरियाणा सरकार जबाब दे कि जुर्माने की 100 करोड रकम कहाँ से भरी जायेगी। इस रकम को भ्रष्ट अफसरों की जेब से भरा जाना चाहिये क्योंकि उन्होंने उस कम्पनी को सरंक्षण दिया जिसने पैसा लिया लेकिन कूडे पर काम नही  किया ।  इस भ्रष्टाचार के मामले मे लिप्त अफसर और टेंडर लेने वाली  कम्पनी  से वसूली  होनी चाहिये। सरकार संलिप्त लोगो के नाम लिस्टिड करे।सरकार को जनता के टैक्स का पैसा जुर्मानो में भरने का अधिकार नहीं है।  ये पैसा पीने के साफ पानी की व्यवस्था मे, सुचारू सीवर रखने मे और साफ सफाई मे लगना चाहिये ना की जुर्माने में । इस भ्रष्टाचार की उन्होंने कड़े शब्दो मे भर्तस्ना की।

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