भृस्टाचार पर कार्यवाही तो क्या जाँच भी नहीं करा रही खट्टर सरकार : माईकल सैनी (आप)


गुरुग्राम ; मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना से तहबाजारी वाली दुकानों के मालिकाना हक देने बाबत कि गई रजिस्ट्रियों में बरती गई अनियमितताओं और उनकी आड़ में की गई मोटी रिश्वत उगाही में लिप्त भृष्ट अधिकारियों तथा जिन सत्ताधारी दल के नेताओं के नाम पिछले दिनों अखबारों में छपे थे उनके बारे में भी निष्पक्ष जांच के लिए अनुरोध किया गया है ताकि पता तो चले जनता को कि वह दोषी हैं भी कि नहीं  मगर उसके लिए भी तो जांच करनी ही पड़ेगी  और जांच करे सरकार तो उसकी नियत पर भी कोई संदेह नहीं करेगा  उल्टे उसका विश्वास और मजबूत होगा जनता के बीच में  मगर ना जाने विनती करने के बावजूद हरियाणा की ईमानदार खट्टर सरकार  स्टेट विजिलेंस जांच से परहेज़ क्यों कर रही है  कोई वजह भी नहीं बता रही है  जिस कारण लोगों में सरकार की निष्ठा को लेकर सवाल उठने लाजमी हैं  यह कि क्या सरकार स्टेट विजिलेंस को काबिल नहीं समझती है या किन्हीं लोगों को बचाना चाह रही है या नियत ही नहीं है  और या फिर भृस्टाचार उसकी नजर में आम बात है ? साहब गुरुग्राम की जनता सरेआम लूटी जा रही है हम नहीं जानते हैं कि दोष किसका है  जांच कर स्तिथियाँ स्पस्ट करे मनोहर सरकार ? 


तरविंदर सैनी (माईकल) आम आदमी पार्टी नेता गुरुग्राम ने जिला कलेक्टर मार्फ़त महामहिम उपराज्यपाल महोदय जी से मांग की है कि एमसीजी कर्मचारियों और अधिकारियों ने मिलकर तहबाजारी वाले दुकान किराएदारों को उनका मालिकाना हक देने के लिए जो रजिस्ट्रियां की गई हैं उनकी सम्पूर्ण जांच स्टेट विजिलेंस, सीबीआई या एसआईटी से कराई जाए  मगर दुर्भाग्य देखिए गुरुग्राम शहर वासियों का और सौभाग्य भृस्टाचारी अधिकारियों का वो आज भी अपनी सीटों पर बैठे हुए हैं  यदि कार्यवाही के नाम पर विभागीय तबादलों को छोड़ दें तो  और मजेदार बात तो यह है कि एमसीजी की अपनी विजिलेंस ने भी माना है कि अनियमितताएं बरती गई हैं और उसने अपनी जांच रिपोर्ट कानूनी सलाह के लिए डीए विभाग को सौंप दी है  यानी कि ऊपर से आदेश होगा तब कार्यवाही करने की सोचेगी इनकी जांच टीम ?


माईकल सैनी स्थानीय नागरिक की हैसियत से अपने गुरुग्राम के लोगों के हकों पर डाका डालने वालों को बख्शना ही नहीं चाहते हैं किसी भी सूरत में इस मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं ताकि सच्चाई लोगों के सामने आ सके और उन भृष्ट लोगों के चेहरे भी  इसलिए हम पुनः अनुरोध करते हैं कि  स्टेट विजिलेंस से जांच कराई जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके !

हम यह भी मांग करते हैं कि जो भी साशनिक प्रशासनिक लोग इस तथाकथित भृस्टाचार में शामिल हैं उनसे वह रकम वसूल की जाए तथा उनकी सम्पत्तियों को कब्जे में लेकर उनके मकानों पर बुलडोजर चढ़ाकर जमीदोंज किया जाए , एक भी व्यक्ति कानूनी शिकंजों से बच नहीं पाए  क्योंकि गुरुग्राम ही नहीं समूचे हरियाणा प्रदेश में इन भृस्टाचारियों ने आमजन को लूट लूटकर आतंकित किया हुआ है - एमसीजी और जिएमडीए ने विशेष तौर पर  इसलिए जांच जरूरी है  ।

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