बंधुआ मजदूरों की मुक्ति के लिए करूंगा सदा सकारात्मक प्रयास: बोध राज सीकरी

 बंधुआ मजदूरों की मुक्ति के लिए करूंगा सदा सकारात्मक प्रयास: बोध राज सीकरी



-बोध राज सीकरी को बनाया गया मुक्त बंधुआ मजदूर कमेटी का सदस्य 

-बादशाहपुर एसडीएम चेयरमैन के अलावा 10 सदस्य कमेटी में शामिल

गुरुगाम। बंधुआ मजदूरों की मुक्ति के लिए उपमंडल अधिकारी (ना.) बादशाहपुर के नेतृत्व में 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में हरियाणा हरियाणा प्रान्त सीएसआर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष,  बोध राज सीकरी को भी बतौर सदस्य शामिल किया गया है।

इस कमेटी में चेयरमैन एसडीएम बादशाहपुर, सदस्य बोध राज सीकरी के अलावा पूर्व पार्षद महेश दायमा, पूर्व पार्षद कुलदीप सिंह, पूर्व पार्षद सुभाष फौजी, सामाजिक कार्यक्रम नरेश नीमवाल, तहसीलदार वजीराबाद, असिस्टेंट लेबर कमिश्नर सर्कल-4 गुरुग्राम मेंबर सेक्रेटरी, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी गुरुग्राम सदस्य, गुडग़ांव ग्रामीण बैंक बादशाहपुर के प्रबंधक, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी बादशाहपुर शामिल हैं। अपनी इस नियुक्ति पर बोध राज सीकरी ने सरकार व प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि वे बंधुआ मजदूरों की मुक्ति के लिए सदा सकारात्मक प्रयास करेंंगे। बंधुआ मजदूरी अपने आप में एक अभिशाप है। 21वीं सदी में बंधुआ जैसे शब्द बेमानी लगते हैं। ऐसे में हम सबको इसके प्रति जागरुक होना चाहिए।

बोध राज सीकरी ने कहा कि हमारे देश में बंधुआ मजदूरी गैर कानूनी है और पूरी तरह से प्रतिबंधित है। फिर भी कुछ स्थानों पर ऐसी सूचनाएं मिलती हैं कि लोगों से बंधुआ मजदूरी कराई जा रही है। वर्तमान में बंधुआ मजदूरी का एक नया प्रारूप देखने को मिल रहा है। सामाजिक क्षेत्र के विशेषज्ञों ने इस नए प्रारूप को आधुनिक दासता का नाम दिया है। वैश्विक दासता सूचकांक 2018 के अनुसार भारत में कई  लोग आधुनिक दासता में जकड़े हुए हैं। भारत में बंधुआ मजदूरी व्यवस्था की उत्पत्ति देश की विशेष सामाजिक-आर्थिक संस्कृति के कारण हुई है। सीकरी ने कहा कि शहरों में प्रवासी मजदूरों को अपने श्रम को बहुत कम या बिना वेतन के बेचने को मजबूर होना पड़ता है। शहरों में छोटे स्तर की इकाईयों में तमाम प्रवासी मजदूर कार्य करते हुए दिख जाते हैं। बंधुआ मजदूर पुनर्वास योजना 2016 के तहत बंधुआ मजदूरी से मुक्त किये गए वयस्क पुरुषों को 1 लाख रुपये तथा बाल बंधुआ मजदूरों और महिला बंधुआ मजदूरों को 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार व गुरुग्राम जिला प्रशासन का यह सराहनीय कदम है। उन्होंने बंधुआ मजदूरों की मुक्ति के लिए बनाई गई कमेटी में खुद को शामिल किए जाने पर फिर से प्रशासन का आभार जताया।

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