जीएमडीए की शिकायत निवारण प्रणाली को किया जा रहा अपग्रेड

 जीएमडीए की शिकायत निवारण प्रणाली को किया जा रहा अपग्रेड

- नई प्रणाली नागरिकों की शिकायतों के तेजी से समाधान में करेगी सहायता

- सिस्टम की उपयोगिता को बढ़ाने के लिए नई सेवाएं और सुविधाओं को जोडऩे का किया जा रहा है कार्य


गुरूग्राम, 24 नवम्बर। गुरूग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीमएडीए) द्वारा वर्तमान शिकायत प्रबंधन प्रणाली को अपग्रेड करने का कार्य किया जा रहा है। यह व्यवस्था नागरिकों के लिए और अधिक अनुकूल होगी तथा बेहतर शिकायत निवारण समाधान प्रदान करेगी। इसके साथ ही यह नागरिक सेवाओं की एक बड़ी श्रंृखला से सुसज्जित होगी। 


जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने कहा कि जीएमडीए द्वारा संचालित शिकायत निवारण तंत्र में नई सुविधाओं व उन्नत तकनीक समाधानों को शामिल किया जा रहा है, जो कि नागरिकों को अपनी शिकायतों को निर्बाध रूप से दर्ज करने, ऑनलाईन पूछताछ करने के साथ-साथ संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई करने में मदद करेगा। इससे नागरिकों की शिकायतों को समयबद्ध तरीके से हल करने में मदद मिलेगी। नई प्रणाली में कार्य निष्पादन एजेंसी को भी शामिल किया जाएगा और नागरिकों की शिकायतों को दूर करने के लिए उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। उपयोगिता बिलींग और अन्य नागरिक सेवाओं को भी सुधार प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।


उल्लेखनीय है कि जीएमडीए की वर्तमान शिकायत प्रबंधन प्रणाली (सीएचएच) के तहत नागरिक, नगर निगम, नगर निगम मानेसर और जीएमडीए से संबंधित शिकायतें टोल फ्री नंबरों, मोबाइल फोन पर मायगुरूग्राम ऐप या जीएमडीए द्वारा स्थापित हैल्पडैस्क पर जमा करवा सकते हैं। इन माध्यमों से प्राप्त सभी शिकायतों को मुख्य श्रेणियों में अलग-अलग किया जाता है और प्रत्येक श्रेणी में कई उपश्रेणियां भी हैं। शिकायतों को टिकट नंबर आवंटित किया जाता है, जिसे संबंधित अधिकारी या विभाग को भेजा जाता है। संबंधित अधिकारी या विभाग इस पर कार्रवाई करते हैं तथा उसके बाद शिकायत को पूर्ण कर दिया जाता है। जीएमडीए के आईपीसीसी में नवंबर 2019 से सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक 10 कॉल सैंटर लाईन चालू हैं। वर्तमान मॉडल को मजबूत करने और नागरिकों को व्यापक लाभ प्रदान करने के लिए अब बेहतर तकनीक को शामिल किया जा रहा है। 


शिकायतें दर्ज करने के लिए बढ़ाए गए प्लेटफार्म 

अपडेटिड कंप्लेंट हैंडलिंग सिस्टम को अब व्हाट्सएप और सोशल मीडिया प्लेटफार्म के साथ भी लिंक किया जाएगा। नागरिक व्हाट्सएप पर अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकेंगे और चैटबॉट(हिन्दी व अंग्रेजी) सुविधा से भी लैस होगा। इसके अतिरिक्त सॉफ्टवेयर जनता द्वारा ट्विीटर, फेसबुक अािद पर भी संबंधित विभागों की शिकायतों या मुद्दों को भी टै्रक करेगा, जिन्हें निवारण के लिए संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। शहर में वरिष्ठ नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने और उनके लाभ के लिए एक समर्पित हेल्पलाईन भी बनाई जाएगी। 


वैंडर इंटीग्रेशन

उन्नत शिकायत प्रबंधन प्रणाली में वैंडर ऑनबॉर्डिंग भी की जाएगी, जिसमें नागरिक शिकायत के खिलाफ उत्पन्न टिकट उस विशेष क्षेत्र या वार्ड में काम के वांछित दायरे को निष्पादित करने में लिए जिम्मेदार एजेंसी को भेज दिया जाएगा। इसके अलावा, वैंडरों का भुगतान भी उनके प्रदर्शन और परिभाषित सेवा स्तर समझौतों के आधार पर सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे शिकायत के त्वरित समाधान में सहायता के लिए जमीनी स्तर पर त्वरित कार्रवाई करने में सुविधा होगी। 


जीएमडीए सीईओ के अनुसार उन्नत प्रणाली टिकट आवंटन, समाधान और एसएलए निगरानी के संबंध में वैंडर और कार्यबल प्रबंधन दोनों को सुविधा प्रदान करेगी। इससे संपूर्ण शिकायत निपटान प्रक्रिया में पारदर्शिता और संगठन में बढ़ौतरी होगी। 


जनता और सरकारी विभागों की सुविधा के लिए शिकायत निवारण तंत्र की उपयोगिता बढ़ाने, सुधार प्रक्रिया में अतिरिक्त सेवाओं और सुविधाओं को शामिल किया जा रहा है। मैनपावर प्रबंधन प्रणाली, आर्टिफिशियल इंटेलिजैंस आधारित कार्य मूल्यांकन, अधिकारियों के परिवर्तन प्रबंधन से संबंधित डाटा प्रबंधन, नई संपत्ति डाटा प्रबंधन, एक वार्ड से दूसरे वार्ड में क्षेत्र और वार्डों का निर्माण जैसी विशेषताओं को इसमें इंटीग्रेट किया जाएगा। नई प्रणाली के माध्यम से संपत्तियों/क्षेत्रों को एक प्रशासनिक पदानुक्रम से दूसरे में स्थानांतरित करना आदि संभव होगा। सिस्टम विभिन्न डाटाबेस जैसे वाटर बिलिंग, प्रॉपर्टी टैक्स प्रणाली, वाहनों की जीपीएस निगरानी, ठोस कचरा प्रबंधन, सीएम डैशबोर्ड/सीएम विंडो/सीपीग्राम या समय-समय पर आवश्यक किसी अन्य सेवा को भी इंटीग्रेट करेगा। इस प्रणाली के साथ दो हेल्पडेस्क केयोस्क भी उपलब्ध करवाने और एकीकृत करने की योजना है। 


जीएमडीए और एमसीजी के सभी संबंधित अधिकारियों को इस प्रणाली को चलाने के लिए सॉफ्टवेयर के विकास के लिए डाटा प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रणाली प्रत्येक श्रेणी की शिकायत के लिए नागरिक संबंधित सभी शिकायतों को वैंडर स्तर तक अग्रेषित करेगी। एमसीजी, जीएमडीए व एमसीएम के अधिकार क्षेत्र के तहत नागरिकों के प्रश्नों और शिकायतों के निपटान के लिए 12 अतिरिक्त कॉल सैंटर सीटें नगर निगम गुरूग्राम द्वारा उपलब्ध करवाए गए एक अलग स्थान पर कार्य करेंगी। यह प्रणाली इन विभागों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए डाटा विज्ञान पर आधारित निरंतर फीडबैक तंत्र के साथ-साथ नागरिकों की शिकायतों के समयबद्ध समाधान में सहायता करेगी। 

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