ऊर्जा समिति ‘राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस’ मनाएगी

ऊर्जा समिति ‘राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस’ मनाएगी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार करेंगी प्रदान


गुरुग्राम

ऊर्जा समिति द्वारा 14 दिसम्बर को ‘राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस’ मनाया जायेगा। इस दिवस की मान्यता के अनुसार लोगो को ऊर्जा संरक्षण के लिए जागृत किया जायेगा। लोगों को बिजली बचत की जानकारी दी जाएगी।

समिति के महासचिव संजय कुमार चुघ ने बताया कि ऊर्जा संरक्षण एवं बचत पर आधारित इस ‘राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस’ की शुरुआत विभिन्न सार्वजनिक स्थलों और वाणिज्यिक क्षेत्रों से की जाएगी। इसमें घरेलु व व्यवसायिक उपभोक्ताओं को बिजली, पानी, तेल, गैस, पैट्रोल व डीजल को सुरक्षित करने तथा पर्यावरण के अनुकूल सौर ऊर्जा को अपनाने की प्रेरणा देकर जागृत किया जायेगा। अनेक संसाधनों के आधार पर बिजली की प्रति यूनिट की खपत के आकड़ों की जानकारी दी जाएगी।

बिजली, पानी, तेल, गैस, पैट्रोल व डीजल के संरक्षण की विस्तृत जानकारी जन-जन तक पहुंचाकर लोगों में ऊर्जा सरक्षण हेतू जागरूकता पैदा करना ही इस ‘राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस’ का उद्देश्य है। सौर ऊर्जा को अपनाकर भी इस ऊर्जा का संरक्षण होगा और प्रदूषण पर भी नियन्त्रण हो सकेगा।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार, विद्युत मंत्रालय द्वारा इस दिवस पर राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार दिए जाएंगे। 

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार प्रदान करेंगी। हरियाणा को राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए राज्य ऊर्जा दक्षता प्रदर्शन पुरस्कार (समूह-1) क्षेत्र में द्वितीय पुरस्कार मिलेगा। यह पुरस्कार 14 दिसंबर को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले समारोह में हरियाणा को दिया जाएगा। नेशनल एनर्जी कंजर्वेशन अवॉर्ड का मुख्य उद्देश्य आदर्श ऊर्जा प्रबंधन की पहचान और प्रोत्साहन करना है, जिससे सामाजिक और आर्थिक लाभ हो सके। 



आज प्रत्येक व्यक्ति ऊर्जा पर आधारित वस्तुओं का इस्तेमाल कर रहा है, प्रत्येक को इस ऊर्जा का संरक्षण करना जीवन जीने के लिए आवश्यक है एवं जिन्दगी के साथ-साथ ही इनकी बचत की जानी चाहिए। सभी मिलकर ऊर्जा का संरक्षण करके पर्यावरण संतुलन में सहयोग करें।

हमारी सरकार भी लगभग पांच करोड़ रूपये प्रति मैगावाट विद्युत हमारे घर तक पहुंचाने में खर्च करती है और प्रत्येक वर्ष हजारों करोड़ रूपए विदेशी मुद्रा में पैट्रोलियम उत्पादों को आयात करने में खर्च करती है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार हजारों करोड़ रूपए सब्सिडी के रूप में खर्च कर रही है। सरकार द्वारा उजाला योजना के तहत एलईडी और ऊर्जा की कम खपत करने वाले उपकरण भी सस्ती दर पर दिए जा रहे हैं। आप और हम सब मिल कर अपने वाहनों में ईधन एंव घरों में ऊर्जा बचाने के उपयोग को अपनाकर विदेशी मुद्रा के खर्च को कम करने में सहायता कर सकते हैं। ऊर्जा समिति सभी से ऊर्जा संरक्षण एवं बचत की अपील करती है।

Post a Comment

0 Comments