गुरुग्राम के सभी आरडब्ल्यूए बिल्डर एक होकर बिल्डर्स, डेवेलपर्स से मांगेगी हक

 गुरुग्राम के सभी आरडब्ल्यूए बिल्डर एक होकर बिल्डर्स, डेवेलपर्स से मांगेगी हक

-सभी आरडब्ल्यूए की रविवार को हुई कन्वेंशन में लिया गया निर्णय

-विभिन्न सोसायटी निवासियों, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने रखी समस्याएं

-गुडग़ांव आरडब्ल्यूएज फेडरेशन व मानव आवाज संस्था ने किया यह आयोजन 

गुरुग्राम। रविवार को यहां स्वतंत्रता सेनानी हॉल में ध्वजारोहण व राष्ट्र गान के साथ शुरू हुई आरडब्ल्यूएज राइट कन्वेंशन में शामिल प्रतिनिधियों की ओर से इस बात पर जोर दिया गया कि गुरुग्राम की हर निर्माणाधीन, हर तैयार सोसायटी में समस्याओं का अंबार है। गुडग़ांव आरडब्ल्यूएज फेडरेशन व मानव आवाज संस्था की ओर से इस कन्वेंशन में कहा गया कि ना तो सरकार लोगों की समस्याओं पर ध्यान दे रही है और ना ही बिल्डर्स पर नियंत्रण के लिए बनाया गया रियल एस्टेट रेगुलेरिटी अथॉरिटी (रेरा)। अब चाहे कानूनी लड़ाई हो या विभागीय लड़ाई, सभी आरडब्ल्यूए मिलकर लडेंग़े और न्याय हासिल करके रहेंगे। कर्नल हरिभगवान चाहर अध्यक्ष अदानी ओएस्टर ग्रांडे सेक्टर-102 और बृजकिशोर अध्यक्ष सत्या हर्मिटेज सेक्टर-103 ने भी अपने विचार रखे। जेएन मंगला, रेनू गोयल, गौतम कुमार, सुनील गुप्ता ने सरकार से इस विषय पर गंभीर होने का आग्रह किया। 

मंच संचालन कर रहे मानव आवाज संस्था के संयोजक अभय जैन एडवोकेट ने कहा कि गुरुग्राम की सोसायटी में घर खरीदारों को रेरा आने के बाद भी कोई लाभ नहीं हुआ। एक तरह से रेरा बिल्डर से मिलकर ही काम कर रहा है। बिल्डर्स लगातार अपनी मनमानी कर रहे हैं। माहिरा बिल्डर का उदाहरण देकर अभय जैन एडवोकेट ने कहा कि सभी नियमों का उल्लंघन करने के बाद भी रेरा बिल्डर का कुछ नहीं बिगाड़ पाया। ब्लैक लिस्ट करके फिर से उसे हरी झंडी दे देना खरीदारों के साथ सबसे बड़ा धोखा हुआ। 100 करोड़ से अधिक की रकम उसने एक प्रोजेक्ट से दूसरी जगह ट्रंासफर कर ली और घर खरीदार चिल्लाते रह गये। ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जहां बिल्डर, डेवेलपर ने लोगों के साथ धोखाधड़ी की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में हम सबको एक मंच पर आकर लड़ाई लडऩी होगी। उन्होंने कहा कि बिल्डर के साथ सबके मुद्दे भिन्न हो सकते हैं, लेेकिन लड़ाई का मैदान सबका सांझा है। अभय जैन एडवोकेट ने कहा कि हर व्यक्ति अपने स्तर पर लड़ाई लड़ते-लड़ते काफी नियम, कानूनों के स्वयं भी जानकार हो गये हैं। इसलिए सभी अलग-अलग विषयों पर टीम वर्क करते हुए काम करेंगे। 

भ्रष्टाचार का अड्डा बने हैं रजिस्ट्रार कार्यालय: संदीप फोगाट

हरियाणा सोसायटी पंजीकरण एवं विनियमन अधिनियम 2012 के तहत पूरे हरियाणा में 5000 से ज्यादा पंजीकृत रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) हैं, जिसमें अकेले गुरुग्राम में 2000 से ज्यादा एसोसिएशन पंजीकृत हैं। गुरुग्राम में इन सोसायटियों में 20-30 लाख  लोग रहते हैं। बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि 10 साल से ज्यादा बीत जाने के बाद भी हरियाणा सरकार ने पूरे प्रदेश के लोगों की मांग के बावजूद हरियाणा सोसायटी पंजीकरण एवं विनियमन अधिनियम 2012 में कोई बदलाव नहीं किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 29 अप्रैल 2022 को गुरुग्राम में आरडब्ल्यूए के लिए एक सेवाकॉन नामक एक कार्यक्रम किया था। कहा था कि 60 दिन के भीतर हरियाणा सोसायटी एवं विनियमन अधिनियम 2012 में संशोशन और प्रकाशन कर दिया जाएगा। उन्होंने दो जिला रजिस्ट्रार की नियुक्ति की भी बात कही थी। आज दो साल बीत जाने के बाद मुख्यमंत्री की यह घोषणा दो कदम भी नहीं चल पाई है। संदीप फोगाट ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आरडब्ल्यूए और सोसायटी के सदस्यों के बीच आपसी विवादों को सुलझाने के लिए एक विशेष अधिकारी की नियुक्ति की भी घोषणा की थी। छह महीने में एक बार ऐसे आयोजन करने की भी कही थी। कुछ भी नहीं हुआ। संदीप फोगाट ने कहा कि गुरुग्राम के लाखों लोगों को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निराश किया है। उन्होंने बेबाकी से कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों का रजिस्ट्रार जनरल सोसायटीज चंडीगढ़, स्टेट रजिस्ट्रार चंडीगढ़ और जिला रजिस्ट्रार सोसायटीज गुरुग्राम के कार्यालय में भारी राजनीतिक हस्तक्षेप है। गुरुग्राम जिला रजिस्ट्रार कार्यालय तो भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। बिचौलियों के बिना यहां कोई काम संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को आरडब्ल्यूएज के मुद्दों पर गंभीरता दिखानी चाहिए, ताकि लाखों लोग अपने रहने की टेंशन को छोडक़र अपने काम पर फोकस रखें। कोई भी व्यक्ति परेशान नहीं होना चाहता। बिल्डर को मनमाना पैसा देकर भी घर खरीदार परेशान रहते हैं।

सबको यूनिटी से काम करना होगा: पवन बंसल

पवन बंसल ने कहा कि हम सबको यूनिटी दिखानी है। जितनी एकता होगी, उतने ही मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि हमें अपने अधिकारों के लिए लडऩा होगा। एक और एक 11 बनकर काम करना होगा। किसी के पास समय है तो किसी के पास अच्छे विचार हैं। इस तरह से हम सबको अपनी लड़ाई के लिए मैदान तैयार करके उसमें उतरना है। 

सेक्टर-14 का सामुदायिक केंद्र भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा: कल्याण शर्मा

पूर्व आईआरएस कल्याण शर्मा ने कहा कि सरकार के पास हर समस्या का समाधान होता है, लेकिन सरकार करना नहीं चाहती। सीएम विंडो शो-पीस बनकर रह गया है। ग्रीवेंस में भी शोशेबाजी नजर आती है। अफसरों के पास जवाब नहीं होते। उन्होंने भ्रष्टाचार का सेष्क्टर-14 के सामुदायिक केंद्र के रूप में उदाहरण देकर कहा कि इसके निर्माण के लिए 11.20 करोड़ रुपये की राशि खर्च हो चुकी है, लेकिन सिर्फ ढांचा ही तैयार हुआ है। इसमें भी कई साल लग गए। यह भ्रष्टाचार की भेंट ही चढ़ा है। 

लोगों ने अपनी-अपनी सोसायटी की समस्याएं सांझा की

कन्वेंशन में पहुंचे प्रवीन मलिक ने कहा कि सोसायटीज की समस्याएं अलग तरह की होती हैं और एचएसवीपी सेक्टर्स की समस्याएं अलग तरह की। उन्होंने कहा कि सोसायटी के लिए अलग से जिला रजिस्ट्रार की नियुक्ति हो व एचएसवीपी के लिए अलग से रजिस्ट्रार हो। साथ ही कहा कि एक्ट में संशोधन के बिना इन समस्याओं का समाधान नहीं हो पाएगा। इसलिए सरकार इस पर संज्ञान ले। 

नवदीप सिंह ने कहा कि जब किसी सोसायटी का काम 51 फीसदी तक हो जाता है तो उस समय आरडब्ल्यूए बनाई जानी चाहिए। इससे बिल्डर पर नियंत्रण किया जा सकता है। निर्माण व सामग्री संबंधी तमाम चीजों पर नजर रखी जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि आरडब्ल्यूए के चुनाव के समय जिला रजिस्ट्रार का प्रतिनिधि मौजूद होना चाहिए। कई बार यह होता है कि चुनाव होने के बाद कोई व्यक्ति झूठी भी शिकायत करता है तो उस पर स्टे लगा दिया जाता है। 

कपूर सिंह दलाल ने कहा कि जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में मात्र 4 कर्मचारी काम देखते हैं, जबकि हजारों आरडब्ल्यूए बनी हुई हैं। ऐसे में काम समय पर होने का सवाल ही पैदा नहीं होता। इस पर सरकार को सोचना चाहिए। यह संख्या भी बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने संगठन की मजबूती की भी बात कही। रिटायर सूबेदार बिजेंद्र सिंह ठाकरान ने कहा कि देश में जो भी सोसायटी, संस्था मजबूत होती है, सरकार उसी की सुनती है। इसलिए हमें मजबूत होना पड़ेगा। 

संजय सिंह ने अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट में पार्किंग की समस्या को उठाते हुए कहा कि सरकार ने इन फ्लैट्स की कीमत तो बढ़ा दी है, अब कार पार्किंग देने के लिए भी नियम बनाए। बहुत सी सोसायटी में कार पार्किंग नहीं करने दी जाती। बाहर किसी की जमीन में खड़ी नहीं कर सकते। 

अंसल हाईट्स-92 से पूनम ने कहा कि उनकी सोसायटी का बिल्डर के पास ओसी तक नहीं है। लोगों से मेंटेनेंस राशि वसूली जा रही थी। कोर्ट के आदेश पर स्टे लगवाया गया है। उन्होंने कहा कि जिला रजिस्ट्रार कार्यालय से सोसायटी की आरडब्ल्यूए के चुनाव में काफी रोड़े अटकाए गए। अभी बहुत सी समस्याएं वहां हैं। 

माहिरा होम्स में फ्लैट खरीदार कमल भारद्वाज ने हाक कि इस बिल्डर ने लोगों को खून के आंसु रुला रखे हैं। उसने 100 करोड़ से ज्यादा रुपये वसूलकर भी फ्लैट बनाकर नहीं दिए हैं। राजनीति में अपने प्रभाव से उनका कुछ नहीं बिगड़ रहा। रेरा भी उनका ही साथ दे रहा है। इसकी लड़ाई भी मिलकर लडऩी है। इस अवसर पर सेक्टर-15 से जगन्नाथ मंगला, अदानी ओयस्टर ग्रैंड सेक्टर 102 के प्रेसिडेंट कर्नल हर भगवान चाहर, सत्या हैरिटेज सेक्टर-103 से प्रेसिडेंट बृज किशोर, सेक्टर-10ए से रेनू गोयल, गौतम कुमार मैत्ती आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।

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