बादशाहपुर में झुग्गियों में आग से प्रभावित लोगों को नवकल्प ने बांटे कंबल, जूते

 बादशाहपुर में झुग्गियों में आग से प्रभावित लोगों को नवकल्प ने बांटे कंबल, जूते

-रेड क्रॉस सोसायटी के माध्यम से बांटे गए कंबल व जूते

गुरुग्राम। बादशाहपुर में इस्कॉन मंदिर के पीछे झुग्गियों में दो दिन पहले शॉर्ट सर्किट से लगी आग से प्रभावित परिवारों को रेड क्रॉस सोसायटी के माध्यम से नवकल्प फाउंडेशन ने कम्बल व जूते वितरित किये। मौके पर नवकल्प के संस्थापक अनिल आर्य, सीनियर वाइस प्रेजीडेंट एवं सिगनेचर सत्वा के चेयरमैन प्रवीण अग्रवाल, वाइस प्रेजीडेंट नवीन गुप्ता एडवोकेट पहुंचे और सामान वितरित किया। 

जिला रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव विकास कुमार ने बताया कि इस आग की घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने रेड क्रॉस सोसायटी की टीम को मौके पर रवाना किया। साथ ही संस्थाओं से सम्पर्क करके आग से प्रभावित लोगों के लिए सर्दी के मौसम में कम्बल व जूते उपलब्ध कराने का भी निवेदन किया। उनके आग्रह पर ही नवकल्प फाउंडेशन ने कम्बल व जूते उपलब्ध कराकर प्रभावित परिवारों को वितरित किए। इसमें रेड क्रॉस सोसायटी ने भी सहयोग किया। सचिव विकास कुमार ने कहा कि किसी भी प्राकृतिक घटना, आपदा के समय जिला रेड क्रॉस सोसायटी गुरुग्राम समेत पूरी दुनिया में सक्रिय रहती है। घटनास्थल पर पहुंचकर पीडि़तों की हर तरह से, हर संभव मदद करना ही रेड क्रॉस का उद्देश्य और प्राथमिकता रहती है। इसी प्राथमिकता का निर्वहन रेड क्रॉस परिवार का हर सदस्य करता है। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं से आग्रह किया कि वे ऐसी मुश्किल की घड़ी में भी वे भी रेड क्रॉस के माध्यम से पीडि़तों तक सही तरीके से राहत सामग्री पहुंचा सकते हैं। हम अगर एक भी व्यक्ति के लिए जरा सा भी भलाई का काम करते हैं तो वह बहुत बड़ा काम होता है। बहुत से लोग संसाधनों के अभाव में भी जनसेवा के लिए तैयार रहते हैं। ऐसी भावना हम सब में होनी चाहिए। 

नवकल्प फाउंडेशन के संस्थापक अनिल आर्य ने कहा कि सामाजिक संस्था का दायित्व निभाते हुए नवकल्प फाउंडेशन सिर्फ आपदा के समय ही नहीं, सामान्य तौर पर भी जनसेवा के काम में अग्रणी रहता है। उन्होंने कहा कि जन सेवा का उद्देश्य लेकर ही संस्था का गठन किया गया था। कपड़े, जूते, चप्पल के अलावा पक्षियों के लिए गर्मियों में दाना-पानी घोंसले भी लगवाए जाते हैं। नवकल्प फाउंडेशन इंसानों, जानवरों, पक्षियों की सेवा में सदैव तत्पर रहता है। इस अवसर पर टीबी प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर रोहताश शर्मा, कामकाजी महिला आवास की वार्डन कविता सरकार ने इस कार्य में अहम भूमिका निभाई।

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