गुरुग्राम का नाम विश्व पटल पर अंकित करने वाले ‘यंगेस्ट प्रोफेशनल सिंगर ऑफ द वर्ल्ड’ सत्यम उपाध्याय

 गुरुग्राम का नाम विश्व पटल पर अंकित करने वाले  ‘यंगेस्ट प्रोफेशनल सिंगर ऑफ द वर्ल्ड’ सत्यम उपाध्याय

‘यंगेस्ट प्रोफेशनल सिंगर ऑफ़ द वर्ल्ड’ के खिताब से सम्मानित सत्यम उपाध्याय को हरियाणा गौरव  व भारत गौरव जैसे महत्वपूर्ण सम्मानों  से सम्मानित  किया जा चुका है।सत्यम उपाध्याय को ‘यंगेस्ट प्रोफेशनल सिंगर ऑफ़ द वर्ल्ड से एक विशेष व भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में दिया गया। 


यू.एस. बेस ‘गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स’ नामक संस्था ने सत्यम उपाध्याय को 11 वर्ष की उम्र में अपनी एक नयी श्रेणी ‘यंगेस्ट प्रोफेशनल सिंगर’ के अंतर्गत विश्व रिकार्ड प्रमाण-पत्र व मेडल देकर सम्मानित किया।  यह म्यूजिकल कॉन्सर्ट गुडगाँव के एम्बियंस मॉल में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स के उपस्थित जजों ने सत्यम उपाध्याय को अपनी संस्था के निश्चित नियम व शर्तों के पैमाने को पूरा करने पर ‘यंगेस्ट प्रोफेशनल सिंगर ऑफ़ द वर्ल्ड’  के ख़िताब से सम्मानित किया। 

इसके पश्चात् विश्व रिकॉर्ड संस्थाओं ‘असिस्ट वर्ल्ड रिकार्ड्स’, ‘वर्ल्ड रिकार्ड्स इंडिया’, ‘चिल्ड्रन रिकॉर्ड ऑफ़ इंडिया’ ने सत्यम को ‘यंगेस्ट प्रोफेशनल सिंगर ऑफ़ द वर्ल्ड’  के अवार्ड से सम्मानित किया। 

कार्यक्रम में सत्यम ने लगातार गीत गाकर अपने गीतों से सभी का मन मोह लिया.  सत्यम पूरे भरत में अपनी गायकी का डंका बजा रहे हैं। 


गुजरात की धरती पर इफको गोल्डन जुबली के ग्रैंड फिनाले में सत्यम उपाध्याय ने अपनी अदभुत प्रस्तुति दी। सत्यम के गीत “मेरे देश की धरती सोना उगले” की कोरयोग्राफी श्यामक डावर द्वारा की गई। 

इफको के स्वर्णिम 50 वर्ष पूरे होने पर इफको के प्रमुख परम आदरणीय डॉ. उदय शंकर अवस्थी जी के निर्देशन में  कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें देश-विदेश से विभिन्न डेलीगेट्स उपस्थित रहे जिन्होंने सत्यम की कला को बहुत सराहा व अपना आशीर्वाद दिया।

इससे उड़ीसा द्वारा गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन, में सत्यम ने ‘हिंदी फिल्मों के गोल्डन ऐरा’  के गीत गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया. उसके आत्मविश्वास व् सुरों ने सभी का मन मोह लिया. 

सत्यम ने गुजरात, उड़ीसा, जयपुर, बनारस,राजस्थान, दिल्ली , मुंबई, हरियाणा  आदि राज्यों की धरती पर सैंकड़ों बार प्रस्तुति दी हैं।


आज हर चैनल पर सिंगिंग के रियलिटी शोज चल रहे हैं जिनसे सैकड़ों गायक अपनी अलग पहचान बनाते हैं लेकिन गुरूग्राम के उभरते गायक और मुंबई में रहकर बिना किसी बड़े टीवी प्लेटफार्म के अपनी सुरीली आवाज़ की खनक से हर किसी को दीवाना बना रहे हैं।

और हो भी क्यों न 19 वर्ष के सत्यम को मात्र 11 वर्ष की उम्र में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया और अपने लक्ष्य की निरंतर अग्रसर हैं।

हाल ही में इनकी गायकी को देखते हुए बॉलीवुड के प्रसिद्ध संगीतकार ,म्यूजिक डायरेक्टर दिलीप सेन ने उनकी गायकी को सराहा और राम भजन को अपने स्टूडियो में रिकॉर्ड करवाया उनका कहना था कि अच्छे अच्छे गायक यहां आकर घबरा जाते हैं लेकिन सत्यम के आत्मविश्वास व गायकी ने उन्हें बहुत प्रभावित किया है। सत्यम का राम भजन *राम राज* उन्ही के निर्देशन में रिकॉर्ड हुआ है जो कि सत्यम के लिए एक बड़ी उपलब्धि है ।

सत्यम की कामना है कि वह इस राम भजन राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में श्री राम के चरणों में प्रस्तुत करें।


बचपन से ही सत्यम का संगीत के प्रति रुझान रहा है ,लेकिन यही रुझान जुनून में तब्दील हुआ जब 2014 के एक इवेंट में इफ्को के मैनेजिंग डायरेक्टर  डॉ उदयशंकर अवस्थी ने सत्यम को इफ्को के स्वर्णिम 50 वर्ष पूर्ण होने पर समारोह में गाने का सुअवसर प्रदान किया।  बस यहीं से इनकी गायकी की वो यात्रा शुरू हुई जब इन्होंने भी बड़ा गायक बनने की ठान ली। 

 सत्यम ने प्रारंभ में कुछ समय श्रीमती आदर्श मोंगिया ,केदारनाथ मोंगिया व  गुरु पंडित गीतेश मिश्र जी से संगीत की शिक्षा ली लेकिन पिछले दो साल से मुंबई में अपनी मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई करते हुए संगीत का साथ साथ रियाज़ कर रहे हैं।

सत्यम लगातार कैलाश खेर के गुरु सुधांशु बहुगुणा जी से संगीत का प्रशिक्षण लेकर अपनी गायकी में निखार ला रहे हैं।

    हर तरह के वाद्य यंत्रों को बजाने में माहिर सत्यम प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद से गायन और वादन में प्रभाकर हैं और ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर भी इनके कार्यक्रम प्रसारित होते रहते हैं व दर्जनों बार अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुके हैं।

सत्यम का सारेगामा में भी चयन हो चुका था लेकिन ये संघर्ष कर एक एक सीढ़ी चढ़ना चाहते हैं ताकि गायकी की नींव मजबूत रहे। इसके लिए वे नियमित रियाज़ करते हैं और शास्त्रीय संगीत, भजन , ग़ज़ल, कव्वाली हर तरह की गायकी में अपनी पकड़ बना रहे हैं।

  सत्यम को भजन सम्राट अनूप जलोटा जी और प्रसिद्ध बॉलीवुड संगीतकार प्यारेलाल जी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।

सत्यम के लिए यह भी बड़ा मौका था जब उन्होंने हरिद्वार के परमार्थ निकेतन आश्रम में स्वामी चिदानंद सरस्वती जी के समक्ष गंगा के तट पर प्रस्तुति दी और आशीर्वाद प्राप्त हुआ।

सत्यम के कई ओरिजिनल सांग व अल्बम आ चुके हैं।  उनके सोलो सांग फेसबुक द कीड़ा, नज़र , हासिल, मेरा खुदा, तू क्यों नहीं काफी चर्चा में रहे हैं।

   आने वाले प्रोजेक्ट पर बात करते हुए वह बताते हैं कि अभी हाल ही में इन्होंने एक शॉर्ट फिल्म के लिए गाया है जिसमें इनके साथ अल्का याग्निक और जावेद अली जी ने भी आवाज़ दी है।

    इन उपलब्धियों को देखते हुए सत्यम उपाध्याय का भविष्य बहुत उज्ज्वल है।

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