पंजाबियत मात्र पंजाबियत न होकर के रूहानियत और इंसानियत का भी पर्यायवाची शब्द : बोधराज सीकरी

 रोहतक में हुई विभाजन विभीषिका कल्याण समूह रजिस्टर्ड की पहली बैठक  जो हरियाणा के सभी ज़िले की पंजाबी बिरादरियों का एक समूह है। 

पंजाबियत मात्र पंजाबियत न होकर के रूहानियत और इंसानियत का भी पर्यायवाची शब्द : बोधराज सीकरी

गुरुग्राम। बोधराज सीकरी अध्यक्ष विभाजन विभीषिका कल्याण समूह रजिस्टर्ड की पहली बैठक कल दिनांक 24 दिसंबर को रोहतक में जिमखाना क्लब सेक्टर 4 में आयोजित हुई जिसके मुख्य अतिथि निवर्तमान असम के राज्यपाल प्रोफेसर जगदीश मुखी रहे और हरियाणा सरकार के पूर्व सहकारिता मंत्री श्री मनीष ग्रोवर ने अध्यक्षता की।

बैठक का शुभारंभ गायत्री मंत्र के उच्चारण से हुआ। मंच संचालन श्रीमती चेतना अधिवक्ता ने बखूबी किया और श्री चंद्रसेन अरोड़ा ने उनका साथ दिया। बैठक की शुरुआत लगभग 90  से अधिक लोगों की उपस्थिति में हुई जिसमें हरियाणा के 17 शहरों से अलग-अलग पंजाबी सभाओं के प्रतिनिधि ने अपना-अपना परिचय दिया और अपने-अपने  विचार रखें। लगभग आधे घंटे के परिचय के बाद श्री मनीष ग्रोवर पूर्व सहकारिता मंत्री हरियाणा सरकार जिनकी अध्यक्षता में यह बैठक थी, मंच पर पधारे, जिनका पगड़ी पहनाकर व पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह के माध्यम से स्वागत किया गया।

तदोपरांत बोधराज सीकरी ने शुरू में आध्यात्मिक दृष्टिकोण से गीता का हवाला देकर के तुलसीकृत रामायण की चौपाइयों का हवाला देकर के, की बैठक में कैसे प्रसन्नचित होकर के बैठना चाहिए उसका मंत्र दिया और चौपाइयों के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम राम के बारे में बखूबी बताया और बैठक की शुरुआत में उन्होंने बताया कि कैसे प्रोफेसर जगदीश मुखी जी की अगुवाई में यह संस्था अपना रूप ले पाई। उन्होंने बताया कि हाल ही में ट्रस्ट डीड गुरुग्राम में पंजीकृत हो चुकी है जिसमें वेद वधवा जी के अतिरिक्त बोधराज सीकरी, राजेश खुराना, जोगिंदर पाल अरोड़ा, श्याम सुंदर मेहता, चंद्रसेन अरोड़ा और चरणजीत मनचंदा इसके फाउंडर ट्रस्टी हैं। इसके उपरांत उन्होंने बताया कि  दो को-चेयरमैन के पद हैं जिस पर बोधराज सीकरी ने श्री जोगिंदर पाल अरोड़ा और श्री दर्शन नागपाल को मनोनीत किया। सभी ने करतल ध्वनि से उनके इस निर्णय का अभिनंदन किया। महामंत्री के पद पर बोधराज सीकरी ने श्री संदीप सचदेवा अधिवक्ता अंबाला को मनोनीत किया। श्री संदीप सचदेवा परिवार में विवाह के कारण स्वयं नहीं आ पाए लेकिन उन्होंने फोन के माध्यम से बोधराज सीकरी का आभार प्रकट किया। कोषाध्यक्ष व सह कोषाध्यक्ष और सह महामंत्री के पद को अभी लंबित रखा गया है जिसे अति शीघ्र भरा जाएगा। बोधराज सीकरी ने घोषणा की कि सभी बिरादरियों के प्रेसिडेंट या उनके मनोनीत व्यक्ति नई संस्था के वाइस चेयरमैन होंगे और सभी बिरादरियों के महामंत्री या उनके द्वारा मनोनीत व्यक्ति इस समूह के मंत्री होंगे। उन्होंने आगे बताया कि हर बिरादरी अपने यहां से एक-एक व्यक्ति का नाम कार्यकारिणी के लिए भी मनोनीत कर सकती है। 


बोध राज सीकरी ने रोहतक के मेजबान राजेश खुराना की भूरी-भूरी प्रशंसा की जिन्होंने आधे से अधिक हरियाणा का दौरा कर लोगों को जोड़ा। उन्हें वाइस चेयरमैन पद के अतिरिक्त विस्तारक का पद भी दिया। श्री अनिल बोहरा जी को शिक्षाविद होने के नाते शिक्षा प्रकोष्ठ का संयोजक घोषित किया।


प्रोफेसर जगदीश मुखी निवर्तमान राज्यपाल जब पधारे तो पूरे हाल में करतल ध्वनि से खड़े होकर के उनका अभिनंदन किया गया और आने के बाद पगड़ी के माध्यम से, पुष्पगुच्छ के माध्यम से, स्मृति चिन्ह के माध्यम से गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया गया। 


बोधराज सीकरी ने प्रस्ताव रखा कि हम सर्वप्रथम प्रोफेसर जगदीश मुखी जी को पेटर्न इन चीफ के पद पर मनोनीत करना चाहते हैं। जिसके अतिरिक्त श्री मनीष ग्रोवर पूर्व मंत्री हरियाणा सरकार को मुख्य संरक्षक, डॉक्टर सर्वानंद आर्य को, जो पंजाबियत के लिये दिन रात मेहनत कर रहे है, को मुख्य संरक्षक और वयोवृद्ध श्री नीति सेन भाटिया पानीपत को वरिष्ठ संरक्षक मनोनीत करना चाहते हैं। सभी ने करतल ध्वनि से उनकी इस बात से सहमति जताई। बोधराज सीकरी ने बताया कि यद्यपि उन्होंने डॉक्टर सर्वानन्द आर्य से प्रार्थना की है कि वह मुख्य सलाहकार के पद को स्वीकार करें परंतु आर्य जी ने अपनी सहमति नहीं दी है लेकिन सीकरी जी को विश्वास था कि वह उनकी बात मान लेंगे और मुख्य संरक्षक के पद को स्वीकार करेंगे। उसके उपरांत बोधराज सीकरी ने बताया कि इस संस्था का कार्यकाल 3 वर्ष है और कम से कम 6 महीने में एक बैठक अलग-अलग जिला में इसकी अवश्य होगी और जिस जिला में होगी उसका आयोजन और मेज़बानी वहीं की बिरादरियां करेंगी। बोधराज सीकरी ने श्री दीपक बजाज को मंच संचालन का संयोजक मनोनीत किया, श्री अनिल आहूजा को युवा प्रकोष्ठ का संयोजक मनोनीत किया और उनके साथ श्री हरीश अरोड़ा एडवोकेट को सहसंयोजक और  शेरू विग जो घरौंदा से आये  थे,को सहसंयोजक मनोनीत किया।


जहां तक महिला प्रकोष्ठ का प्रश्न है गुरुग्राम की श्रीमती ज्योत्सना बजाज को जो गुरुग्राम में पंजाबी बिरादरी महासंगठन की संयोजिका के नाते बखूबी कार्य सम्भाल रही हैं, उन्हें महिला प्रकोष्ठ का संयोजक मनोनीत किया गया। चन्द्र सेन अरोड़ा को कोई उत्तरदायित्व न देते हुए उन्हें बोधराज सीकरी के सहायक के रूप में उत्तरदायित्व दिया गया। श्री श्याम मेहता को लोक संपर्क संयोजक के पद पर मनोनीत किया गया और श्री गोपाल पोपली भिवानी एडवोकेट को वाईस चेयरमैन के अतिरिक्त कानून प्रकोष्ठ का संयोजक मनोनीत किया गया। इसके अतिरिक्त श्री धर्मेंद्र कुमार बत्रा को पब्लिकेशन प्रकोष्ठ का संयोजक मनोनीत किया गया।



बोधराज सीकरी ने अपने वक्तव्य में प्रोफेसर जगदीश मुखी और श्री मनीष ग्रोवर जी से आग्रह किया कि यद्यपि हमारी बहुत सारी ऐसी समस्याएं हैं जिनका निवारण होना चाहिए परंतु जो वरीयता के रूप में हमारा हरियाणा में कल्याण बोर्ड या आयोग का गठन तत्काल करने का है उसके लिए उन्होंने प्रो. जगदीश मुखी और श्री मनीष ग्रोवर से आग्रह किया कि इस निमित्त वो जल्दी से जल्दी सहायता करें। 


सभी संस्थाएं 5100 रु का चेक भेजेंगी जो उनकी मेंबरशिप फीस है और सभी फाउंडर इंडस्ट्री 5100  रु का चेक भेजेंगे जो ट्रस्ट  की शर्त है।


बोधराज सीकरी ने बताया की पंजाबियत मात्र पंजाबियत न होकर के रूहानियत और इंसानियत का भी पर्यायवाची शब्द है। हमारा ध्येय एकता दिखाना है। पद की लालसा नहीं होनी चाहिए और गीता के प्रसंग के अनुसार नकारात्मकता को त्याग करके उदासीनता को त्याग करके हमें सकारात्मक दृष्टिकोण से कल्याण बोर्ड के बारे में सोचना चाहिए। बोधराज सीकरी ने बताया कि यहां पर बैठा युवा ऊर्जा से भरपूर है और यहां पर बैठा बुजुर्ग अनुभव से भरपूर है यदि दोनों अपना अनुभव और अपनी ऊर्जा साझा करें तो सफलता का विस्फोट हो सकता है। अपनी एक जुटता को दिखा करके हमें युवा पीढ़ी को और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना होगा। अगर हमें इकट्ठे होंगे तो पॉलिटिकल पार्टी भी हमारी बात सुनेंगी। 


श्री मनीष ग्रोवर ने विभाजन विभीषिका के विषय को इस प्रकार प्रस्तुत किया कि जिससे काफी दर्दनाक दृश्य नजर आया कि किस प्रकार हमारे बुजुर्गों के साथ विभाजन के समय बहुत अन्याय हुआ और उन्होंने बोधराज सीकरी के प्रस्ताव, मुख्य सलाहकार मनोनीत करने की भी सहमति प्रदान की और बताया कि हर प्रकार की सहायता इस समूह को करने को तैयार हैं क्योंकि इससे हमारा समाज एकजुट हो रहा है।


इस बैठक में लगभग 90 लोग उपस्थित हुए और 17 हरियाणा के शहरों का प्रतिनिधित्व था। 


श्री मनीष ग्रोवर ने बताया कि हम जिस संत समाज या गद्दी से जुड़े हुए हैं उनके भी स्मारक होने चाहिए। आज हमारे समाज के व्यक्ति हरियाणा में इस समय हैं उन पर कोई भी भ्रष्टाचार या पक्षपात का कोई दोष नहीं है। यह हमारा चरित्र है, यह हमारी एक विशेषता है और उन्होंने सुझाव दिया कि प्रदेश में इस समूह को बोधराज सीकरी की अगुवाई में युवा का एक अलग से प्रकोष्ठ गठन करना चाहिए।


प्रोफेसर जगदीश मुखी ने अपने वक्तव्य में हमारे बुजुर्गों की याद में स्मारक बनाने का भी प्रस्ताव रखा। श्री जगदीश मुखी जी ने बताया कि विभाजन धर्म के आधार पर होना गलत था और इतने बड़े स्तर पर होना भी गलत था और इस आधार पर बांटा गया। यह विभाजन नहीं होना चाहिए था हमें पीड़ा प्रताड़ना सहनी पड़ी। प्रधानमंत्री मोदी जी ने इस बात का संज्ञान लिया और 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस आयोजन के लिए तारीख घोषित की जिसका उत्तरदायित्व श्री मनीष ग्रोवर जी और बोधराज सीकरी जी मिलकर वहन कर रहे हैं। 



प्रो. जगदीश मुखी ने अपने निजी अनुभव क्योंकि विभाजन के समय उनकी आयु लगभग 6-7 वर्ष की थी, साझा किये। उनके पिता के साथ उनके परिवार के साथ जो दर्द भरी कहानी थी उसे विस्तारपूर्वक बताया और बताया कि इस समूह को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी किसी विशेष राजनीतिक पार्टी की सपोर्ट करने की बजाय उन्हें हर पार्टी को आग्रह करना चाहिए कि हमारे उम्मीदवार को मान्यता मिले और टिकट मिले और एकजुटता का मंत्र दिया और आश्वासन दिया कि जो उत्तरदायित्व मुझे मिल रहा है उसको तो मैं निभाऊंगा। मेरी इच्छा है यह मात्र हरियाणा तक समूह सीमित ना रहकर के आने वाले दिनों में अखिल भारतीय स्तर का समूह बने और बोधराज सीकरी के बारे में उन्होंने बताया कि यद्यपि काम मुश्किल है लेकिन बोधराज सीकरी के लिए असंभव नहीं है।


सीकरी के अनुसार आज हमारा समाज सर्वोच्च पदों पर है चाहे वह आर्मी हो, चाहे वह एयरफोर्स हो, चाहे वो नेवी हो, चाहे उद्योग जगत हो, चाहे राजनीति हो, चाहे समाजसेवा हो, चाहे इंडस्ट्री हो, चाहे स्पोर्ट्स इंडस्ट्री हो। कभी हमने हाथ फैलाया नहीं है। अंत में श्री अमरजीत सिंह राइस मिल एसोसिएशन के प्रधान ने संगठित होने के मंत्र देकर के सबको विश्वास दिलाया और धन्यवाद किया और अंत में श्री राजेश खुराना रोहतक का सुंदर व्यवस्था भोजन व्यवस्था के लिए धन्यवाद किया गया और कैथल के सभी सदस्यों ने बोधराज सीकरी से प्रार्थना की कि अगली बैठक वह आयोजित करना चाहेंगे। बोधराज सीकरी ने इसके लिए सहमति दी और जैसे ही कोई अगली तारीख निश्चित होगी उन्हें सूचित किया जाएगा।

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