मनेठी के बाद माजरा प्रस्तावित एम्स भी चढ़ा राजनीतिक रस्साकशी की भेंट : माईकल सैनी (आप)

मनेठी के बाद माजरा प्रस्तावित एम्स भी चढ़ा राजनीतिक रस्साकशी की भेंट : माईकल सैनी (आप)

सांसद राव इंद्रजीत सिंह अधिक प्रभावी तो संघर्ष समितियां सिद्ध हो रही हैं,

सांसद यदि सक्रियता दिखाते तो क्षेत्रवासियों की उपेक्षा नहीं हुई रहती,

मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीने को मजबूर हुआ समूचा अहीरवाल क्षेत्र,

सांसद राव इंद्रजीत सिंह का गैरजिम्मेदाराना रवैया ही इस बेरुखी की वजह है ?

गुरुग्राम 18 दिसंबर 2023; मूल मुद्दों पर भी गौर नहीं करने के कारण आज अहीरवाल क्षेत्र उपेक्षा का शिकार हो रहा है, किसानों के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कर पाने में भी असफल रहे मौजूदा सांसद राव इंद्रजीत सिंह, यह आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी माईकल सैनी ने कहा कि यदि वह सक्रिय भूमिका निभाते तो मनेठी ना माजरा में ही सही एम्स जैसा संस्थान जो बेहद जरूरी है समूचे दक्षिण हरियाणा के लिए  वह कभी का बन गया रहता  और साथ ही सालों से एक अदद अहीर रेजिमेंट की मांग कर रहे यदुवंशियों की वर्षों से चली आ रही मांग भी कभी की पूर्ण हो चुकी होती  मगर लगातार गैरजिम्मेदाराना रुख इख्तियार करते आ रहे राव इंद्रजीत सिंह के कारण ही अहीर समाज अजतल्क केंद्र सरकार की ओर मुँह ताक रहा है  जिसका हिस्सा बने बैठे हैं बड़े राव दशकों से !

माईकल सैनी ने बताया कि मानेसर से लगते गांवों की कृषि योग्य 1810 एकड़ भूमि जिसे कौड़ियों के मोल अधिग्रहण किया सरकार ने  जिसके खिलाफ आज भी किसान धरनारत बैठे हैं  मगर कोई रियायत नहीं बरती गई उनके प्रति बल्क कानून व प्रशासनिक भय दिखाकर जबरन जमीन हथियाने का कार्य किया गया !

प्रस्तावित मनेठी एम्स पर्यावरण विभाग की मंजूरी के बगैर अटका परन्तु शीघ्र ही उसे माजरा में बनाने पर सहमति मिली जिसके लिए किसानों ने भी जमीन मुहैया करा दी, केंद्र सरकार ने बजट की घोषणा भी कर दी  तथा उसके बावजूद भी नतीजा सो दिन चले अढ़ाई चाल जैसी कहावतें ही चरितार्थ होती नजर आ रही हैं, एम्स की फ़ाइल टस से मस नहीं हो रही  आखिर माजरा क्या है स्पस्ट तौर पर जनता को बताते क्यों नहीं सांसद महोदय  या फिर यह भी चुनावों में इस्तेमाल किया गया जुमला भर ही था ?

माईकल सैनी ने कहा कि टोल हटवाने के लिए संघर्ष समिति, रेजिमेंट बनवाने के लिए संघर्ष करे तो समिति, यहां तक कि केंद्र सरकार की ही अतिमहत्वकांशी योजना एम्स जैसे संस्थानों का विस्तार  उसके लिए भी संघर्ष समितियों को ही संघर्ष करना पड़ेगा तो मौजूदा सांसद राव इंद्रजीत सिंह ही बताएं कि जब समितियों के दम पर ही सब चीजें हांसिल होनी हैं और अधिक सक्रिय भी वही नजर आ रही है तो फिर बड़े राव को श्रेय किस बात का दे क्षेत्र की जनता  और क्यों ही आगामी लोकसभा चुनावों में उन्हें वोट करे ?

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