बोधराज सीकरी प्रधान की अगुवाई में गोसाई श्याम जी महाराज की 400वीं पुण्यतिथि पर आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम

 बोधराज सीकरी प्रधान की अगुवाई में गोसाई श्याम जी महाराज की 400वीं पुण्यतिथि पर आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम

ईश्वरीय काम ईश्वर ख़ुद करता है : बोधराज सीकरी


गुरुग्राम। बोधराज सीकरी प्रधान की अगुवाई में कल दिनांक 7.1.2024 (रविवार) को श्री श्याम जी मंदिर न्यू कॉलोनी में गोसाई श्याम जी महाराज की 400वीं पुण्यतिथि को उत्सव के रुप में श्री श्याम जी महाराज ट्रस्ट के मंदिर की समस्त कार्यकारिणी की देख रेख में मनाया गया जिसमें मंदिर ट्रस्ट की ओर से साध्वी पूर्णिमा (पूनम) दीदी वृंदावन बरसाने वालों को आमंत्रित किया गया था। ट्रस्ट की ओर से मंदिर के बाहर एक विशाल पंडाल लगाया गया व भव्य एवं दिव्य दरबार पं.भीमदत्त ज्योतिषाचार्य द्वारा तैयार किया गया। सायं 7:00 बजे पहले तीन बार श्री हनुमान चालीसा का पाठ श्री गजेंद्र गोसाई द्वारा उपस्थित संगत के साथ किया गया उसके पश्चात श्री बोधराज सीकरी ने गोसाईं श्याम जी महाराज का संक्षिप्त जीवन परिचय उपस्थित जन समूह के सामने रखा एवं सायं ठीक 7:30 बजे साध्वी पूर्णिमा (पूनम) दीदी जैसे ही खचाखच भरे पंडाल में पधारी पूरा पंडाल करतल ध्वनि एवं जय श्री राधे, जय श्री कृष्ण से गुंजायमान हो गया। साध्वी पूर्णिमा (पूनम) दीदी के कर कमलों से पहले सीकरी जी, पूजा खेत्रपाल जी और पुष्पा नासा जी, जो महिला विभाग की संयोजिका है, ज्योत प्रज्वलित करवाई गई उसके पश्चात लगभग डेढ़ से दो हज़ार उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच जब दीदी पूर्णिमा ने मंगलाचरण के साथ अपनी कोकिल वाणी से, जिनके कंठ पर मां सरस्वती का वास है, अपने भजनों की प्रस्तुति शुरू की तो वहां उपस्थित जन समूह के मन और चेहरों पर जिस प्रकार के भक्ति भाव का प्रभाव था उस दृश्य का वर्णन शब्दों में करना मुश्किल है। लगभग रात्रि 9:45 बजे उन्होंने विश्राम लिया। उसके पश्चात जब श्री बोध राज सीकरी ने उनका धन्यवाद किया कि आपको साधु कहूँ, संत कहूँ, महापुरुष कहूँ, फकीर कहूँ, तपस्वी कहूँ, मुनि कहूँ, योगी कहूँ, ऋषि कहूँ, और क्या-क्या कहूँ इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि आप तो स्वयं राधा का रूप ही हैं तो साध्वी पूर्णिमा (पूनम) दीदी एवं उपस्थित जनसभा की आंखों में प्रेमाश्रु थे। श्री बोध राज सीकरी ने कहा कि दीदी आपको 6 वर्ष पूर्व पहले बुलाया गया था अब सभी के बीच मैं विश्वास दिलाता हूं कि जल्दी ही आपको पुन: आमंत्रित किया जायेगा। इस दौरान पूनम दीदी ने स्वर्गीय श्रीमती ममता सूटा जी की याद दिलायी l


कार्यक्रम में डॉक्टर अशोक दिवाकर जी ने अपने संबोधन में गोसाई श्याम जी महाराज के वर्णन में कहा कि गोसाई श्याम जी महाराज का प्राकट्य भक्ति काल में हुआ और उन्होंने जो कार्य किए उनसे हमें शिक्षा लेनी चाहिए। उन्होंने सभी से प्रार्थना की कि 22 जनवरी को राम लला के प्राण प्रतिष्ठा के दिन सभी अपने-अपने घरों में दीपक प्रज्वलित करें व मंदिरों में सुबह 11:00 बजे 1:00 बजे के बीच एल.ई.डी. लगाकर अयोध्या से सीधा प्रसारण का आनन्द लें। कार्यक्रम के पश्चात सभी के लिए लंगर प्रसाद की व्यवस्था की गई। भंडारे की व्यवस्था को संभालने का कार्य श्री श्याम रसोई सेवा दल गुरूग्राम की ओर से नि:शुल्क किया गया। इस कार्य के लिए जितनी उनकी प्रशंसा की जाये कम है और इसके लिए प्रधान श्री बोधराज सीकरी जी ने दिल से उनका हार्दिक धन्यवाद किया।

आज के कार्यक्रम में श्री गोपीनाथ मंदिर से गोसाई चूड़ामणि जी पधारे व इसके अतिरिक्त श्री जगदीश ग्रोवर जी, श्री हरीश जी, श्री धर्मेन्द्र बजाज, श्री ओम प्रकाश कथूरिया वरिष्ठ उप प्रधान पंजाबी बिरादरी महासंगठन, श्री राजेश सूटा, वरिष्ठ अधिवक्ता, डॉक्टर अशोक दिवाकर, श्री सुरेंद्र खुल्लर प्रधान केंद्रीय श्री सनातन धर्म सभा, श्री जगदीश ग्रोवर, श्री अशोक सीकरी, डॉक्टर परमेश्वर अरोड़ा, श्रीमती सीमा पाहुजा, श्री गजेंद्र गोसाई, श्री राजीव छाबड़ा, श्री जगदीश बंसल, श्री रविंद्र खुल्लर, श्री दलीप लूथरा, श्री रमेश चुट्टानी, श्री रवि मनोचा , श्री  सतपाल नासा, श्री रमेश कामरा, श्री राजपाल आहूजा, श्री अशोक गेरा, श्री श्याम ग्रोवर, श्री किशोरी लाल डुडेजा, श्री राजपाल नासा, श्री, नरेश गुरेजा, श्री राजेश शर्मा, श्री त्रिलोक गोसाईं एवं श्री श्याम जी महाराज ट्रस्ट के सभी सम्मानित ट्रस्टी श्री राजेश सूटा, श्री बोध राज सीकरी, श्री रणधीर टंडन, श्री सुभाष ग्रोवर, एडवोकेट,श्री मदन लाल सतीजा, श्री जगदीश रखेजा, श्री तिलक राज चांदना, श्री राजेश शर्मा उपस्थित रहे।


महिला मंडली से श्रीमती पूजा खेत्रपाल, श्रीमती पुष्पा नासा उपस्थित रही एवं श्रीमती सुरेश सीकरी, श्रीमती ज्योत्सना बजाज, श्रीमती रचना बजाज, श्रीमती शील सीकरी, श्रीमती शशी बजाज, श्रीमती तरुण शर्मा, श्रीमती आशा सेठ उपस्थित रही।


इतना जनसमूह पहले कभी नहीं एकत्र हुआ जितना कल इकट्ठा हुआ। इस पर श्री बोधराज सीकरी ने कहा कि यह ईश्वर कृपा है। ईश्वरीय काम ईश्वर ख़ुद करता है।

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