मंदिर पूर्ण नहीं होने के कारण ही तो गर्भगृह के बाहर बैठी हैं माँ शीतला ? माईकल सैनी (आप)


मंदिर पूर्ण नहीं होने के कारण ही तो गर्भगृह के बाहर बैठी हैं माँ शीतला ? माईकल सैनी (आप)

प्रभु श्रीराम को अपूर्ण मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश तो माता शीतला बाहर क्यों ?

माता शीतला मंदिर स्वच्छ तो सफाई क्यों यदि नहीं तो अधिकारी से सवाल किया ?

सीता माता की तरह स्त्रीरूपा माँ शीतला को भी बाहर रहने का दंड मिला है क्या ?


गुरुग्राम 17 जनवरी  भाजपा के बड़े-बड़े दिग्गज नेताओं ने कल माता शीतला मंदिर प्रांगण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवाह्न पर 'स्वच्छ-तीर्थ-स्थल मुहिम के तहत सफाई करके फोटो खिचा अपनी भगतिमय आस्था दर्शाने का काम किया !

माईकल सैनी आम आदमी पार्टी नेता ने उन तथाकथित रामभागतों से जिन्होंने केवल 22 जनवरी को अयोध्या में प्रभु श्री रामजी की मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा होने तक मंदिरों में जाकर सफाई करने का बीड़ा उठाया हुआ है  सवाल पूछा है कि  राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण पूर्ण हुआ नहीं तो भी प्राण प्रतिष्ठा कराई जा रही है और माता शीतला जो नो देवियों में से एक हैं और जिनकी मान्यता भी विष्वविख्यात है  तथा लाखों करोड़ों भगतों की आस्था है उनमें फिर उन्हें गर्भगृह में स्थापित क्यों नहीं किया जा सका ?

उन्हें क्यों वर्षों से बाहर के प्रांगण में बैठाकर पूजवाया जा रहा है , कुछ माह का समय लेकर निर्माण कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया था, आज कई वर्ष बीत जाने उपरांत भी माता शीतला को बाहर बरामदे में प्रतीक्षा करनी पड़ रही है ग्रीष्म, वर्षा और शरद ऋतु में क्यों ?

राम जी को तो धर्म संवत शास्त्र संवत नहीं होने व चारों सिद्ध पीठों के शंकराचार्यों के आपत्ति दर्ज करने उपरांत भी स्थापित करने पर आमादा हैं भगतजनों के प्रमुख  और माता शीतला खुले आंगन में प्रतीक्षारत है आखिर क्यों हो रहा है इतना भेदभाव उनके साथ ?

क्या माता शीतला भी माता सीता जी की तरह स्त्रीरूपा हैं केवल इसलिए दंड दिया जा रहा बाहर रहने का ?

माईकल सैनी ने भगतिमय अभिनय करके अपनी आस्था दर्शाने वाले उन तथाकथित रामभगतों से एक प्रश्न और किया है कि  मंदिर प्रांगण यदि स्वच्छ था तो सफाई करने का क्या औचित्य था  और यदि मंदिर स्वच्छ नहीं था तो क्यों नहीं था  चूँकि माता शीतला मंदिर श्राइन बोर्ड गठित है, जिसका नियंत्रण सरकार के पास है  तथा देख-रेख का जिम्मा अधिकारियों का रहता है  तो फिर क्यों नहीं स्वच्छ रख पाए मंदिर परिसर, क्या जिम्मेवार अधिकारीयों से कड़ाई पूर्वक कोई सवाल पूछा, कोई जुर्माना लगाया क्या ? यदि नहीं तो क्यों न कहा जाए कि  रामभगति दिखाना तो सिर्फ एक बहाना था  वास्तव में उद्देश्य तो सेल्फियां खिंचवाना था  और अपने राजनीतिक दल के लिए काम करना था  जिस कारण ही उनका माता शीतला मंदिर प्रांगण में पधारना था ?

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