जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने की अंतर-विभागीय समन्वय समिति बैठक की अध्यक्षता


जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने की अंतर-विभागीय समन्वय समिति बैठक की अध्यक्षता

-मौजूदा और लंबित बुनियादी ढांचा विकास कार्यों की समीक्षा की और संबंधित विभागों को किसी भी मौजूदा बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए

- पानी के संरक्षण के लिए शहर में उपचारित अपशिष्ट जल के उपयोग और जीएमडीए द्वारा आपूर्ति किए गए पानी की चोरी पर अंकुश लगाने पर जोर दिया

गुरुग्राम, 30 जनवरी 2024ः गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने आज जीएमडीए कार्यालय में आयोजित समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता की। अंतर-विभागीय समन्वय और संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता वाले विभिन्न मुद्दों और मामलों पर चर्चा की गई। बैठक में नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) के आयुक्त श्री नरहरि सिंह बांगर, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के प्रशासक श्री बलप्रीत सिंह और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग, जीएमडीए, नगर निगम मानेसर (एमसीएम), दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  


“शहर में शुरू की जा रही कई परियोजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय की आवश्यकता है। जमीनी स्तर पर मौजूद विभिन्न बाधाओं पर चर्चा की गई और निवासियों को आवश्यक नागरिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए बाधाओं को संयुक्त रूप से हल करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। इसके अतिरिक्त, पानी के संरक्षण का मामला महत्वपूर्ण है और पानी की बर्बादी को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे,“ जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास, ने कहा।


जल आपूर्ति की निगरानी

सेक्टर-29 में पानी की बर्बादी के मुद्दे पर चर्चा की गई, जिसमें एचएसवीपी द्वारा उचित बूस्टिंग स्टेशन के अभाव में जीएमडीए द्वारा इस पूरे सेक्टर को पानी की आपूर्ति सीधे प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, इस क्षेत्र में अत्यधिक खपत के कारण इस जल आपूर्ति पाइपलाइन पर अंतिम क्षेत्र तक पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं पहुंच रही है। एचएसवीपी अधिकारियों ने बताया कि काम टेंडरिंग चरण में है और और एचएसवीपी द्वारा सेक्टर-29 के क्षेत्र में जलापूर्ति करने के लिए एक बूस्टर स्टेशन का निर्माण किया जाएगा।


इसके अतिरिक्त, एमसीजी बूस्टिंग स्टेशनों तक जाने वाली पानी की पाइपलाइन पर किए गए अवैध कनेक्शन का मुद्दा भी उठाया गया, क्योंकि इसके परिणामस्वरूप बूस्टिंग स्टेशन पर पानी की आपूर्ति की कमी हो जाती है, जिससे पालम विहार, सेक्टर 12, 21, 22 और 23 जैसे क्षेत्र प्रभावित होते है।। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने निर्देश दिए कि एक संयुक्त निरीक्षण किया जाए और पानी की चोरी और बर्बादी को कम करने के लिए सभी अवैध कनेक्शन को डिस्कनेक्ट किया जाए। 


जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने एमसीजी द्वारा 5 नंबर बूस्टिंग स्टेशन जिनका निर्माण सिरहोल गांव, तिगरा गांव, सेक्टर-42, सेक्टर-44 और डी ब्लॉक साउथ सिटी-2 में किया गया है, उनकी कमीशनिंग करने के भी आदेश दिए। जिससे इन क्षेत्रों में जल आपूर्ति की सुविधा सही प्रदान की जा सके और आपूर्ति किए गए पानी की मात्रा की भी निगरानी की जा सके। 


इसके साथ ही जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि एमसीजी को स्वीकृत किए जा रहे नए कनेक्शनों की पाइपलाइन पर फ्लो मीटर को लगाया जाए जिससे पानी की आपूर्ति को भी ट्रैक किया जा सके। 


*ट्रीटेड वेस्ट वाटर का उपयोग*

शहर में ट्रीटेड वेस्ट वाटर के उपयोग को और बढ़ाने के लिए, जीएमडीए सेक्टर-55 में 750 केएल क्षमता वाले यूजीटी के निर्माण की योजना बना रहा है जो बायोडायवर्सिटी पार्क में ट्रीटेड वेस्ट वाटर की आपूर्ति करेगा। इस कार्य के लिए चिन्हित भूमि एचएसवीपी द्वारा जीएमडीए को सौंपी जानी है। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने एचएसवीपी अधिकारियों को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। 


एमसीजी अधिकार क्षेत्र के तहत शहर के पार्कों में ट्रीटेड वेस्ट वाटर के उपयोग का मामला भी उठाया गया। जीएमडीए अधिकारियों ने प्रस्तुत किया कि जीएमडीए द्वारा मास्टर सेक्टर की सड़कों पे ट्रीटेड वेस्ट वाटर पाइपलाइन बिछाई जा रही है और एमसीजी अपने पार्कों में बागवानी उद्देश्यों के लिए उपचारित पानी की आपूर्ति लेने के लिए अपनी पाइपलाइनों को इनसे जोड़ सकता है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि ताजे और भूजल के उपयोग पर अंकुश लगाने और ट्रीटेड वेस्ट वाटर के उपयोग को लागू करने के लिए हर उपाय किया जाना चाहिए। आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार करने का कार्य संबंधित विभाग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर किया किए जाए।      


जीएमडीए के ड्रेनेज नेटवर्क में सेक्टर-28 के अवैध सीवर निपटान पर अंकुश लगाने के लिए, एमसीजी अधिकारियों को क्षेत्र में आवश्यक सीवेज नेटवर्क स्थापित करने के लिए निर्देशित किया गया, ताकि मानसून के दौरान क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले सीवर को ठीक से चैनलाइज किया जा सके और जीएमडीए के बरसाती पानी की डेªन को जाम होने से बचाया जा सके। 


इसके अलावा, जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने संबंधित विभागों से संबंधित सरकारी विभागों द्वारा किए जा रहे बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए भूमि के सीमांकन और हस्तांतरण, संरचनाओं के मुआवजे, उपयोगिताओं के स्थानांतरण, स्पष्ट आरओडब्ल्यू को सौंपने आदि से संबंधित बाधाओं को हल करने के लिए कहा। गुरुग्राम शहर के उत्थान के लिए शुरू की जा रही परियोजनाओं की गति को तेज करने के लिए संयुक्त कार्रवाई और समन्वय अभिन्न होगा।

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