कर्तव्य बोध दिवस एवं नवनियुक्त शिक्षक समारोह का आयोजन किया गया


केकड़ी । राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय उपशाखा केकड़ी के तत्वावधान में बुधवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय केकड़ी के विवेकानन्द रंगमंच पर कर्तव्य बोध दिवस एवं नवनियुक्त शिक्षक समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान केकड़ी ब्लॉक के 72 नवनियुक्त शिक्षकों एवं कम्प्यूटर अनुदेशकों का स्मृति चिह्न व पेन भेंट कर एवं दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया गया। 

समारोह में केकड़ी पंचायत समिति प्रधान होनहार सिंह राठौड़ मुख्य अतिथि एवं संगठन के प्रदेशाध्यक्ष रमेशचन्द पुष्करणा मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद थे। वही समारोह की अध्यक्षता अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बजरंग प्रसाद मजेजी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक शिक्षा गोविन्दनारायण शर्मा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विष्णु शर्मा, भाजपा के श्री गणेशमण्डल कादेड़ा के अध्यक्ष महेश शर्मा, संगठन के जिलाध्यक्ष महेश शर्मा, जिला मंत्री अर्जुनलाल खटीक, उपशाखा अध्यक्ष नवलकिशोर जांगिड़ एवं उपशाखा मंत्री संजय वैष्णव भी मंच पर मौजूद थे। 

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने श्रीराम दरबार, माँ सरस्वती एवं स्वामी विवेकानन्द के चित्र के समक्ष द्वीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संगठन के गोपाललाल रेगर, भागचन्द लखारा, रामनिवास कुमावत, रामबाबू सोनी, प्रदीपकुमार जैन, हीरालाल मीणा, बृजकिशोर वैष्णव, वीरेन्द्र सोनी एवं भंवरसिंह राठौड़ ने आगन्तुक अतिथियों का तिलक लगाकर, दुपट्टा ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। उपशाखा अध्यक्ष नवलकिशोर जांगिड़ ने कार्यक्रम का परिचय देते हुए स्वागत उद्बोधन दिया। 


समारोह के मुख्य अतिथि प्रधान होनहारसिंह राठौड़ ने स्वामी विवेकानन्द एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जीवन को ही कर्तव्य बोध एवं दायित्व निर्वाह की पराकाष्ठा का पर्याय बताया। मुख्य वक्ता के रुप में उपस्थित संगठन के प्रदेशाध्यक्ष रमेशचन्द पुष्करणा ने शिक्षकों के कर्तव्यों के बारे में बोलते हुए कहा कि सच्चा शिक्षक वही है जो अपने आचरण से अपने विद्यार्थियों में अनुशासन, चरित्र और सामाजिक भावना विकसित कर सकें। शिक्षकों को हमेशा अपने बच्चों की तरह अपने विद्यार्थियों के हितों की चिंता होनी चाहिए। उन्होंने गुरु गोविन्द सिंह के जीवन पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। 

समरोह की अध्यक्षता कर रहे बजरंग प्रसाद मजेजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की सबसे बड़ी भूमिका है, ऐसे में शिक्षक सिर्फ अपने दायित्व को समझें ही नही, बल्कि निष्ठापूर्वक निर्वहन भी करें। जिला संरक्षक बिरदीचन्द वैष्णव ने कर्तव्य बोध दिवस के बारे में बताते हुए कहा कि संगठन की परम्परा के तहत स्वामी विवेकानंद की जयंती 12 जनवरी से लेकर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती 23 जनवरी तक की अवधि को राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय प्रतिवर्ष कर्तव्य बोध पखवाड़े के रूप में मनाता आ रहा है। 


कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी। छात्रा विशाखा जीनगर और आनन्दी मेघवंशी द्वारा 'मेरे घर राम आए है' गीत पर प्रस्तुति दी गई तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम का संचालन जिला संरक्षक बिरदीचन्द वैष्णव ने किया। अन्त में उपशाखा मंत्री संजय वैष्णव ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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