द्रोणाचार्य कॉलेज का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का कॉलेज में हुआ भव्य स्वागत

 द्रोणाचार्य कॉलेज का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का कॉलेज में हुआ भव्य स्वागत

द्रोणाचार्य गवर्नमेंट कॉलेज गुरुग्राम के  छात्र खिलाड़ियों  का आज फूलमालाओं के साथ जोर दार स्वागत किया गया।कार्यक्रम का आयोजन शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा किया गया।प्राचार्य घनश्याम दास की अध्यक्षता में हुए इस समारोह में खेलों से जुड़े लगभग 250 छात्र - छात्राओं नेहिस्सा लिया।हाल ही में साउथ कोरिया  में आयोजित 15वें एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में भारत को कांस्य पदक दिलाकर भारत का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी अक्षय कुमार का कॉलेज में जोरदार स्वागत किया गया।

अक्षय ने कुछ दिन पहले जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक जीता था।

शारीरिक शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्षा पदम श्री डॉ सुनील डबास ने बताया कि शूटिंग में शिवांशु ने नेशनल में सिल्वर मेडल, नॉर्थ जोन इंटर यूनिवर्सिटी में गोल्ड मेडल और जी वी मावलंकर नेशनल टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल जीता।इसके अलावा

अर्जुन छिल्लर ने जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लिया और 66वे शूटिंग सीनियर नेशनल में तीन मेडल एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक कांस्य पदक जीत कर कॉलेज, गुरुग्राम एवम हरियाणा का नाम रोशन किया।हेमंत ने कज़ाकस्तान में  हुए बॉक्सिंग के अस्थाना कप,स्त्रांजा कप बुलगारिया तथा सीनियर नेशनल में न केवल सिल्वर मेडल जीता बल्कि इंडिया कैंप के लिए उनका चयन भी हुआ।

बॉक्सिंग में ही कुणाल ठाकरान ने 71 किलोग्राम भारवर्ग में नॉर्थ जोन इंटर यूनिवर्सिटी में गोल्ड मेडल एवम ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में कांस्य पदक जीता।इसके अलावा विपिन कुमार ने खेलो इंडिया में गोल्ड मेडल, नॉर्थ जोन इंटर यूनिवर्सिटी और जूनियर नेशनल में हिस्सा लिया।

प्राचार्य घनश्याम दास ने खिलाड़ियों के जज्बे की सराहना की और इन विद्यार्थी खिलाड़ियों को गुरु शिष्य परंपरा का शब्द - चित्र खींच कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।प्राचार्य के निर्देश पर छात्र खिलाड़ियों के स्वागत के लिए मुख्य द्वार को सजाया गया और विद्यार्थियों ने कतार में खड़े होकर तालियां बजाकर खुशी का इजहार किया।इस मौके पर प्रो भूप सिंह,पद्मश्री सुनील डबास,प्रो प्रवीण फोगाट,प्रो मीनाक्षी पांडे,प्रो लीलमणी गौड़, प्रो राजकुमार शर्मा, प्रो राकेश डबास,प्रो कविता,जींद यूनिवर्सिटी से आए प्रो प्रवीण कुमार और प्रो रोहित भी कार्यक्रम का हिस्सा बने।प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में भावुक होते हुए कहा कि  गुरु शिष्य एक  ऐसा रिश्ता है जिसमें गुरु खुद को हराना चाहता है और शिष्य को अपने से ऊपर देखना चाहता है।उन्होंने छात्राओं को भी खेलों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।

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