शहर की सड़कों पर यातायात संचालन और अनुशासन बढ़ाने के लिए प्रमुख कार्य बिंदुओं को निर्देशित किए


”शहर की सड़कों पर यातायात अनुशासन और प्रबंधन में सुधार के लिए उपचारात्मक उपाय प्राथमिकता पर किए जाएंगे”-जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा


- जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने के लिए यातायात पुलिस विभाग के साथ की बैठक की अध्यक्षता


- शहर की सड़कों पर यातायात संचालन और अनुशासन बढ़ाने के लिए प्रमुख कार्य बिंदुओं को निर्देशित किए


गुरुग्राम, 19 जनवरी 2024: शहर में यातायात प्रबंधन की स्थिति में सुधार लाने और गुरूग्राम में नागरिकों के लिए आवागमन के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में काम करते हुए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आज हुई बैठक में शहर के गतिशीलता कारक के उत्थान के लिए की जाने वाली विभिन्न पहलों और कार्य बिंदुओं पर चर्चा की गई। इस बैठक में डीसीपी ट्रैफिक पुलिस, श्री विरेन्द्र विज, एसीपी ट्रैफिक वेस्ट श्री सुखवीर सिंह, एसीपी ट्रैफिक ईस्ट श्री सुरेश कुमार और जीएमडीए के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   


“स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल की स्थापना, सड़क सुरक्षा सुविधाओं का प्रावधान, स्पीड साइनबोर्ड और नो पार्किंग साइन बोर्ड की स्थापना, लेन ड्राइविंग को लागू करना और सर्वोत्तम इंजीनियरिंग प्रथाओं का कार्यान्वयन कुछ प्रमुख कदम हैं जो गुरूग्राम की सड़कों पर यातायात अनुशासन को बढ़ाने के साथ-साथ यातायात प्रबंधन में सुधार के लिए उठाए जा रहे हैं। जीएमडीए गुरुग्राम की सड़कों को सुरक्षित बनाने और शहर के गतिशीलता कारक में सुधार करने के लिए जिला प्रशासन और यातायात पुलिस विभाग के साथ-साथ अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगा, ”जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री ए. श्रीनिवास, ने कहा।


जीएमडीए के मोबिलिटी डिवीजन द्वारा प्रस्तुत किया गया कि विभिन्न जंक्शना पर 111 स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाने का कार्य प्रगति पर है और अतिरिक्त 29 चौक की पहचान की गई है जहां यह सिग्नल लगाए जाएंगे। स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लाइट को एडाप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीसीएस) से लैस किया जाएगा, जो ट्रैफिक के बेहतर नियमन में मददगार होंगी और नाग


रिकों को आवागमन में आसानी प्रदान करने के लिए सिग्नल वाले चैराहों पर ट्रैफिक जाम को कम करने में सहायक होंगी। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने निर्देश दिए कि कार्य गति को तेज किया जाना चाहिए और इस वर्ष जून तक इसे पूरा किया जाना चाहिए।  


सड़क सुरक्षा बैठक में जारी निर्देश के अनुसार, जीएमडीए अपने अधिकार क्षेत्र के तहत सभी मास्टर सेक्टर सड़कों पर स्पीड लिमिट साइनबोर्ड भी स्थापित करेगा। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि इन बोर्ड को आईआरसी दिशा-निर्देशों के अनुसार डिजाइन किया जाना चाहिए और शहर में स्थापित सभी बोर्डो पर समान विशिष्टताएं लागू होनी चाहिए।

 


इसके अतिरिक्त, गति को शांत करने के आंकलन के प्रावधान, शहर की सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत का काम करने और यातायात की आवाजाही में सुधार के अन्य उपायों पर गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस टीम द्वारा चर्चा की गई। जीएमडीए टीम ने प्रस्तुत किया कि जीएमडीए द्वारा विभिन्न जंक्शन और मास्टर सेक्टर सड़कों पर सड़क स्टड, डेलीनेटर, रिफ्लेक्टर, रंबल स्ट्रिप्स इत्यादि प्रदान करने जैसे विभिन्न उपाय बड़े पैमाने पर किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, इंफ्रा 1 टीम ने कहा कि नागरिकों को बेहतर आवागमन अनुभव प्रदान करने के लिए फरवरी के अंत तक सभी गड्ढों की मरम्मत कर दी जाएगी।


ट्रैफिक सिग्नल के पास यातायात की भीड़ और वाहनों के जाम को कम करने के लिए, प्रमुख सड़कों पर जहां आवश्यक हो वहां यू-टर्न और स्लिप रोड प्रदान करने पर भी चर्चा की गई। 33 स्थानों पर जेबरा क्रॉसिंग प्रदान करने की आवश्यकता पहले गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस विभाग द्वारा जीएमडीए को सौंपी गई थी, जिसे जीएमडीए मोबिलिटी डिवीजन द्वारा पूरा किया गया है।


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