फतेहपुर:- जिला अस्पताल व नेत्र चिकित्सालय का गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक ने किया घेराव

फतेहपुर:- जिला अस्पताल व नेत्र चिकित्सालय का गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक ने किया घेराव

एक सप्ताह के अंदर जांच कर कार्यवाही नहीं की गई तो कलेक्ट्रेट में होगा अनिश्चितकालीन धरना : अध्यक्ष हेमलता

नियमों को ताक में रख कर 12 वर्षों से  एक ही अस्पताल में तैनात है फार्मासिस्ट, अधीक्षक व फार्मासिस्ट के संरक्षण मे हो रहा भ्रष्टाचार : हेमलता पटेल

गुरुवार को गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक अध्यक्ष हेमलता पटेल के नेतृत्व में पहुंची संगठन की सैकडो महिलाओं ने जिला अस्पताल का घेराव कर भ्रष्टाचार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित कर समस्याओ के अतिशीघ्र निवारण की पुरजोर मांग की | प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि जिला अस्पताल परिसर में संचालित मदन मोहन मालवीय नेत्र चिकित्सालय जहाँ  प्रत्येक आंख के मरीज को बाहर की दवा लिखी जाती है। अस्पताल में विगत 1 वर्ष से ऑपरेशन संबंधी दवाएं तथा लेंस नहीं मांगाये जाते, ताकि इसकी कमी बता कर मरीज से पैसे लिए जा सके। प्रत्येक मरीज से ऑपरेशन के नाम पर 8 से 10 हजार रुपए लिए जाते हैं जो दे देता है उसका ऑपरेशन हो जाता है और जो नहीं देता उसका बीपी या आंख का प्रेशर बढ़ा हुआ है यह कहकर ऑपरेशन टाल दिया जाता है। अध्यक्ष हेमलता पटेल ने कहा की जनपद के सभी अस्पतालों में फार्मासिस्ट का पटल परिवर्तन हो चुका है लेकिन आई हॉस्पिटल के फार्मासिस्ट का पटल परिवर्तन नहीं हुआ है जिस कारण से इस अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट अपनी पूरी मनमानी चलाता है |अस्पताल परिसर में फार्मासिस्ट ने आवारा कुत्ते पाल रखे हैं और उनकी देखरेख की जिम्मेदारी फोर्थ क्लास की लगा रखी है वह अस्पताल का काम देखें या ना देखे लेकिन कुत्तों का काम प्राथमिकता से करना अनिवार्य है |

अधीक्षक और फार्मासिस्ट की साठ गांठ से ऑप्टोमेट्रिस्ट मरीज से पैसा लेकर अस्पताल में ही चश्मा बनता है। इस अस्पताल में वही डॉक्टर या स्टाफ रह सकता है जो फार्मासिस्ट के हिसाब से काम करें,अस्पताल मे तैनात एमबीबीएस नेत्र चिकित्सक को भी इन लोगों की मनमानी की वजह से कार्य नही करने दिया जाता | ऑपरेशन में लिए गए पैसे के हिस्सा लगते हैं जिसमें अधीक्षक, फार्मासिस्ट और फोर्थ क्लास में बराबर बराबर बटता है।फार्मासिस्ट जिसको दवा का वितरण करना चाहिए वह दवा का वितरण फोर्थ क्लास से करता है। ऑपरेशन के बाद मरीज से जबरन दो से ₹3000 की दवाई मंगाई जाती हैं जो बिल्कुल भी जरूरी नहीं है। अस्पताल में कोई भी आप्थाल्मिक ओटी असिस्टेंट नहीं है जो की ऑपरेशन करा सके यह काम यह लोग अस्पताल में कुक की पोस्ट पर तैनात ब्यक्ति से लेते हैं। और ये सभी अनियमिततायें और भ्रष्टाचार की मुख्य जड़ इस नेत्र अस्पताल में 12 वर्षों से तैनात फार्मासिस्ट ब्रजेंद्र कुमार त्रिपाठी ,और अधीक्षक की मिलीभगत है| और इन सभी के पुख्ता सबूत भी हम लोगों ने ज्ञापन के साथ मुख्यमंत्री को प्रेषित किये हैं मांग है कि निष्पक्ष जाँच करते हुए कार्यवाही की जाए | 

अध्यक्ष हेमलता पटेल ने यह भी कहा कि जिला अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना में भ्रष्टाचार, आपरेशन के नाम पर अवैध वसूली बन्द की जाए इन सभी मांगो को एक सप्ताह के अंदर अगर पूरा नही किया जाता तो कलेक्ट्रेट का घेराव अनिश्चितकालीन किया जायेगा जिसका संपूर्ण उत्तरदायित्व शासन प्रशासन का होगा इस दौरान सरला सिंह, सुधा, सुमन, रंजना, अनीता, अमिता, राजरानी,नीलम, कमला, प्रिया , मधू, संयोगिता आदि सेकडों महिलाएं मौजूद रहीं |

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