नई दिल्ली के यशोभूमि (Yashobhoomi) में आयोजित 'भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026' (Bharat Electricity Summit 2026) में बी.एससी. नॉन-मेडिकल के छात्रों ने भाग लिया। सहायक प्रोफेसर डॉ. अनु चौहान और डॉ. प्रियंका धवन के मार्गदर्शन में छात्रों ने ऊर्जा क्षेत्र की भविष्य की तकनीकों का अनुभव किया। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. पुष्पा अंतिल के मार्गदर्शन में छात्रों ने ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे इन आधुनिक विकास कार्यों को करीब से जाना।
विजिट की मुख्य विशेषताएं (News Highlights):
प्रथम दिन: एआई और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स
छात्रों ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित पावर प्रोजेक्ट्स के बारे में विस्तार से सीखा।
NTPC, NHPC, Adani, Synergy, Hitachi और Tata Power जैसी प्रमुख कंपनियों के स्टालों पर जाकर ग्रीन एनर्जी और आधुनिक बिजली प्रणालियों की जानकारी प्राप्त की।
द्वितीय दिन: क्लीन और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी
दूसरे दिन का मुख्य फोकस सोलर पावर एनर्जी, VR (वर्चुअल रियलिटी) और CO2 कम करने वाले पावर प्लांट्स पर रहा !
छात्रों ने अत्याधुनिक 'क्लीन और ग्रीन' प्रोजेक्ट्स देखे, जो भारत के 2070 तक 'नेट जीरो' लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
इवेंट विवरण (Event Details):
इवेंट का नाम: भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026
तिथि: 19-22 मार्च 2026
स्थान: यशोभूमि, द्वारका, नई दिल्ली
उद्घाटन: केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा
थीम: "Electrifying Growth. Empowering Sustainability. Connecting Globally."
Bharat Electricity Summit 2026
इस शिखर सम्मेलन में 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों और 500 से अधिक प्रदर्शकों ने भाग लिया, जिससे छात्रों को वैश्विक स्तर की ऊर्जा चुनौतियों और समाधानों को समझने का अवसर मिला।
प्रमुख कंपनियाँ और निवेश
देश की दिग्गज कंपनियाँ जैसे रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries), अडाणी ग्रुप (Adani Group) और NTPC ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम बनाने के लिए अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं। इस विज़न के तहत अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) को ग्रीन हाइड्रोजन ईंधन में बदला जाएगा, जिससे उद्योगों, परिवहन और निर्यात क्षेत्रों को बिना प्रदूषण फैलाए ऊर्जा मिल सकेगी।
महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स और सरकारी सहयोग
L&T एनर्जी ग्रीनटेक द्वारा इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी में भारत का पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट बनाया जा रहा है।
गुजरात जैसे राज्य ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीतियां तैयार कर रहे हैं।
केंद्र सरकार भी इस मिशन को पूरी तरह से समर्थन दे रही है ताकि भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।
यह कदम न केवल पर्यावरण की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत को भविष्य की ऊर्जा ज़रूरतों के लिए वैश्विक मंच पर एक नई पहचान भी दिलाएगा।
.jpg)