बारिश और प्रदूषण के दिनों में घर से काम की मिले छूट, घटेगा गुरुग्राम का ट्रैफिक
-ट्रेड एंड इंडस्ट्री फेडरेशन ने सरकार से स्थायी कार्ययोजना बनाने की मांग की
-घर से हो सकने वाले काम के लिए दफ्तर आने की जरूरत नहीं, सड़कों पर वाहनों का दबाव भी होगा कम
गुरुग्राम : बारिश के दौरान जलभराव और सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से लोगों को राहत देने के लिए गुरुग्राम में घर से काम करने की व्यवस्था को मंजूरी देने की मांग उठी है। प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन दीपक मैनी ने कहा कि जिन कर्मचारियों का काम घर से आसानी से हो सकता है, उन्हें खराब मौसम और अधिक प्रदूषण वाले दिनों में दफ्तर आने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को एक स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर इसे लागू करना चाहिए।
दीपक मैनी ने कहा कि गुरुग्राम में बारिश के दौरान कई सड़कों पर जलभराव हो जाता है। इससे यातायात की रफ्तार कम होने के साथ कई जगह लंबा जाम लग जाता है। सर्दियों में वायु प्रदूषण बढ़ने पर भी बड़ी संख्या में लोगों के सड़क पर आने-जाने से वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण को और बढ़ाता है। ऐसे में घर से काम की व्यवस्था दोनों स्थितियों में राहत दे सकती है।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में बड़ी संख्या में सूचना प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाओं, सलाहकार सेवाओं और अन्य दफ्तरों में ऐसा काम होता है, जिसे कर्मचारी घर से भी कर सकते हैं। प्रशासन इन संस्थानों की पहचान कर ऐसी व्यवस्था तैयार कर सकता है कि बारिश या वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर होने पर कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दी जाए।
सड़कों पर वाहनों का दबाव घटेगा
घर से काम करने की व्यवस्था लागू होने से सुबह और शाम के व्यस्त समय में सड़कों पर निजी कारों, टैक्सियों और अन्य वाहनों की संख्या कम हो सकती है। इससे यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और जाम की समस्या में कमी आएगी। साथ ही वाहनों से निकलने वाले धुएं में कमी आने से वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है।
पहले से तैयार हो कार्ययोजना
मैनी ने कहा कि प्रशासन को केवल प्रदूषण बढ़ने के बाद आदेश जारी करने के बजाय पहले से कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। इसमें वायु गुणवत्ता, बारिश, जलभराव और मौसम की स्थिति के आधार पर घर से काम की व्यवस्था लागू करने के स्पष्ट नियम तय किए जाएं। इससे कंपनियों और कर्मचारियों को अंतिम समय में निर्णय लेने की परेशानी नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जैसे बड़े औद्योगिक और कारोबारी शहर में यह व्यवस्था लोगों को राहत देने के साथ यातायात और प्रदूषण दोनों को नियंत्रित करने में मददगार साबित हो सकती है।
