श्रावण मास के विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भव्यता एवं श्रद्धा के साथ सम्पन्न

 श्रावण मास के विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भव्यता एवं श्रद्धा के साथ सम्पन्न



गुरुग्राम। श्रावण मास के पावन अवसर पर श्री गौरीशंकर मंदिर में आयोजित विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ सम्पन्न हुए। दोनों आयोजनों में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की और मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।


श्रावण मास के अंतर्गत आयोजित हरियाली तीज महोत्सव को मंदिर की मातृशक्ति एवं महिला मंडल द्वारा विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्व के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा भजन कीर्तन पूजन-अर्चन के साथ झूला झूलकर तीज के उत्सव का आनंद लिया।


कार्यक्रम में गुरुग्राम के  विधायक श्री मुकेश शर्मा जी ने सम्मिलित होकर मातृशक्ति को हरियाली तीज की शुभकामनाएँ दीं। साथ ही हरियाणा सरकार की पूर्व शिक्षा मंत्री श्रीमती सीमा त्रिखा जी ने भी पधारकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। गढ़ी हरसरू माता मंदिर की धर्माचार्य डॉ. अलका शर्मा जी सहित मंदिर के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं महिला मंडल की सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।


श्रावण मास के विशेष आयोजनों की श्रृंखला में द्वितीय सामूहिक रुद्राभिषेक का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें 51 पीठों पर यजमानों द्वारा विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया। इस पावन अवसर पर आनंद आश्रम, विश्व जागृति मिशन मुख्यालय से पधारे बटुक ब्रह्मचारीगण, आचार्यगण एवं संगीतज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति रही।


रुद्राभिषेक के दौरान आचार्य हरि उपाध्याय जी, सुधाकर पंडित जी, चंद्र शेखर जी ,विनोद मिश्रा जी ,नारायण जी एवं योगेश जी सहित गुरुकुल के बटुक ब्रह्मचारी तथा मंदिर के सभी ब्राह्मणों ने विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अभिषेक सम्पन्न कराया। वहीं श्री हरिदर्शन तिवारी जी ने अपने मधुर एवं भावपूर्ण भजनों से वातावरण को शिवमय बना दिया। वैदिक मंत्रोच्चार, भजन एवं संगीतमय वातावरण से पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।


कार्यक्रमों की सफलता में महिला मंडल की श्रीमती नीता शर्मा जी टीम , मंडल के कार्यकारी प्रधान श्री सुभाष ग्रोवर जी, सहित अन्य सभी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सेवादार एवं श्रद्धालु भक्तों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


आयोजकों ने सभी अतिथियों, यजमानों, मातृशक्ति, आचार्यगण, ब्रह्मचारीगण, संगीतज्ञों, मंदिर के ब्राह्मणों एवं सभी श्रद्धालुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन सनातन संस्कृति, सेवा, संस्कार एवं सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने का माध्यम बनते हैं।

आचार्य हरीश उपाध्याय ने बताया की भगवान गौरीशंकर की पावन कृपा एवं परम पूज्य सुधांशु जी महाराज जी की पावन प्रेरणा एवं आशीर्वाद से ही इन सभी धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों का सफलतापूर्वक आयोजन सम्भव है 

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