नवकल्प फाउंडेशन ने फूंका पर्यावरण संरक्षण का शंखनाद: न्यू पालम विहार में शुरु हुआ ‘दाना-पानी नेस्ट’ अभियान

नवकल्प फाउंडेशन ने फूंका पर्यावरण संरक्षण का शंखनाद: न्यू पालम विहार में शुरु हुआ ‘दाना-पानी नेस्ट’ अभियान


भीषण गर्मी से पहले पक्षियों के लिए सुरक्षित आशियाना और दाना-पानी सुनिश्चित करने की अनूठी पहल, स्थानीय निवासियों ने लिया देखरेख का संकल्प

गुरुग्राम,


भीषण गर्मी के आगमन से पहले बेजुबान पक्षियों के संरक्षण हेतु गुरुग्राम के न्यू पालम विहार फेस-2 में रविवार को एक मानवीय और सराहनीय पहल देखने को मिली। ई-ब्लॉक स्थित सार्वजनिक पार्क में  नवकल्प फाउंडेशन द्वारा दानापानी_नेस्ट अभियान की गरिमामयी शुरुआत की गई। यह अभियान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर पर्यावरण और प्रकृति के प्रति समाज को जगाने का एक सशक्त प्रयास बनकर उभरा।

गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक प्रबुद्ध और गणमान्य नागरिकों ने शिरकत की। इसमें वर्तमान RWA के जनरल सेक्रेटरी श्री जगमोहन मिश्रा, सीनियर अधिवक्ता एवं पूर्व जनरल सेक्रेटरी RWA श्री नीलमणि पांडे, दिल्ली नगर निगम के पूर्व आर्किटेक्चरल असिस्टेंट व एक्सक्यूटिव मेंबर RWA श्री जे.पी. कोटनाला, पूर्व कोषाध्यक्ष श्री राजवीर सिंह, पूर्व सचिव श्री रमेश ममगाई, नेचर वेलफेयर काउंसिल की रीजनल ऑपरेशनल हेड श्रीमती रचना कुलश्रेष्ठ एवं श्री राजकुमार, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी श्री राम रतन यादव और युवा साथी सुमित श्योराण प्रमुख रूप से शामिल हुए।

चरणबद्ध तरीके से बढ़ेगा अभियान: अनिल आर्य

इस अवसर पर नवकल्प फाउंडेशन के संस्थापक श्री अनिल आर्य ने अभियान की संकल्पना साझा की। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन द्वारा गुरुग्राम के विभिन्न पार्कों, गौशालाओं, बस्तियों और कॉलोनियों में इस अभियान को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। श्री आर्य ने कहा कि संस्था समय-समय पर ऐसे जनहितकारी प्रकल्पों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है और ‘दाना-पानी नेस्ट’ इसी कड़ी का एक हिस्सा है। इस अभियान में जमना ऑटो भी सहयोगी है।

सांस्कृतिक मूल्यों और नैतिक जिम्मेदारी पर जोर

समाजसेवी अनुराग कुलश्रेष्ठ ने फाउंडेशन की इस पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान बच्चों और युवाओं में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करते हैं। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि पक्षी हमारे पर्यावरण के अभिन्न संरक्षक हैं। हिन्दू सनातन संस्कृति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पशु-पक्षियों का भरण-पोषण करना मानव का परम कर्तव्य है। प्रकृति के साथ संतुलन बनाना ही हमारे अस्तित्व की आधारशिला है।

कॉलोनी की गलियों तक पहुंचा अभियान

पार्क से शुरू हुआ यह सिलसिला कॉलोनी की विभिन्न गलियों तक जा पहुँचा, जहाँ पेड़ों पर नेस्ट पात्र लगाए गए। स्थानीय परिवारों ने न केवल इस पहल का स्वागत किया, बल्कि इन पात्रों की नियमित देखभाल और उनमें दाना-पानी उपलब्ध कराने का संकल्प भी लिया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और जहाँ भी उपयुक्त स्थान व जिम्मेदारी लेने वाले परिवार मिलेंगे, वहाँ ये पात्र स्थापित किए जाएंगे।


अंत में RWA जनरल सेक्रेटरी जगमोहन मिश्रा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए इस अभियान को जीव-दया और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।


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