हजारों लोगों तक डॉ. प्रेम रावत की विश्व प्रसिद्ध पुस्तकों का वितरण कर चुकी हैं रोशनी देवी

 गुरुग्राम 



गुरुग्राम में आयोजित एक सगाई एवं विवाह समारोह में सामाजिक कार्यकर्ता रोशनी जी ने विशेष निमंत्रण पर शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित दिल्ली भाजपा के कोषाध्यक्ष सहित अन्य अतिथियों को डॉ. प्रेम रावत की पुस्तकें उपहार स्वरूप भेंट कीं।

रोशनी जी लंबे समय से समाज में मानवता, शांति और सकारात्मक सोच के प्रसार के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वे विभिन्न स्कूलों और विश्वविद्यालयों में शांति शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करवा चुकी हैं तथा हजारों लोगों तक डॉ. प्रेम रावत की विश्व प्रसिद्ध पुस्तकों का वितरण कर चुकी हैं।

इस दौरान रोशनी जी ने कहा कि समाज में बुराई के साथ-साथ अच्छाई करने वालों की संख्या भी कम नहीं है, लेकिन अक्सर अच्छे कार्यों को वह महत्व नहीं मिल पाता, जिसके वे हकदार होते हैं। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने हर मनुष्य को सही और गलत का विवेक दिया है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को इसका सही उपयोग करना चाहिए।

उन्होंने वर्तमान समय की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि आज का मानव छोटे-छोटे स्वार्थों में उलझकर छल-कपट को ही तरक्की का माध्यम समझने लगा है, जबकि सच्चाई यह है कि अच्छाई का फल कल्पना से कहीं अधिक बड़ा होता है। यदि व्यक्ति सत्य, दया और अच्छाई के मार्ग पर चले, तो उसके जीवन में शांति और सुख अपने आप स्थापित हो जाते हैं।

रोशनी जी ने समाज में बढ़ती विभाजनकारी सोच पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग स्वार्थवश जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का प्रयास करते हैं, लेकिन यदि समाज के लोग अपने विवेक से सही का साथ दें, तो आपसी तनाव और विवाद काफी हद तक समाप्त किए जा सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि समाज में फैल रही नकारात्मकता के पीछे विवेक की कमी मुख्य कारण है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को सही मार्गदर्शक का चयन करना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि श्री राम, श्री कृष्ण, कबीर दास और गुरु रविदास जैसे महापुरुष भी श्रेष्ठ मार्गदर्शन और संतों के सान्निध्य से महान बने।

अंत में उन्होंने डॉ. प्रेम रावत के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि “अंधेरा अपने आप में कुछ नहीं, बल्कि प्रकाश का अभाव मात्र है।”

Previous Post Next Post

نموذج الاتصال