भारत-न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक FTA समझौता, 20 अरब डॉलर के निवेश का रास्ता खुला: एस पी कंबोज
गुरुग्राम:
भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) एक बड़े आर्थिक मील का पत्थर साबित हुआ है। यह समझौता ‘विकसित भारत 2047’ के विजन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इस डील के तहत अगले 15 वर्षों में भारत को करीब 20 अरब डॉलर के निवेश का वादा मिला है।
इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार में विविधता आएगी। जहां एक ओर भारत को न्यूजीलैंड के बाजार में ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा, वहीं न्यूजीलैंड की कंपनियों को भारत जैसे विशाल और तेजी से बढ़ते बाजार में प्रवेश का अवसर मिलेगा।
एस पी कंबोज, भाजपा महानगर कार्यकारिणी सदस्य, सह प्रमुख मन की बात के अनुसार यह समझौता न्यूजीलैंड को चीन पर अपनी निर्यात निर्भरता कम करने में मदद करेगा, जिससे उसकी सप्लाई चेन और मजबूत होगी। साथ ही भारत को दक्षिण प्रशांत क्षेत्र के व्यापक आर्थिक नेटवर्क तक पहुंच मिलेगी।
इस FTA का सबसे बड़ा फायदा भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे टेक्सटाइल, परिधान, लेदर, सिरेमिक और कालीन उद्योग को होगा। इसके अलावा ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग सेक्टर को भी तेजी से बढ़ने का अवसर मिलेगा।
हालांकि, भारत ने अपने संवेदनशील क्षेत्रों जैसे डेयरी, कृषि, चीनी, तेल, तांबा, एल्युमिनियम और रक्षा सामग्री को इस समझौते से बाहर रखा है, ताकि घरेलू उद्योगों की सुरक्षा बनी रहे।
इसके अलावा, भारतीय छात्रों के लिए भी यह समझौता फायदेमंद साबित होगा। अब उन्हें पढ़ाई के दौरान निर्धारित समय तक सप्ताह में 20 घंटे काम करने की अनुमति मिलेगी, जिससे उनके करियर को नई दिशा मिलेगी।
कुल मिलाकर, यह समझौता भारत के MSME सेक्टर और अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
