HC ने हरियाणा की ‘स्टिल्ट+4’ पॉलिसी पर लगाई रोक

 HC ने हरियाणा की ‘स्टिल्ट+4’ पॉलिसी पर लगाई रोक

गुरुग्राम-पंचकूला में आवासीय निर्माण पर फिलहाल रोक, PIL पर अंतिम फैसला बाकी

चंडीगढ़/गुरुग्राम, 03 अप्रैल 2026:

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार की विवादित ‘स्टिल्ट प्लस चार मंजिल’ (S+4) निर्माण नीति पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह रोक तब तक लागू रहेगी जब तक इस नीति के खिलाफ दायर जनहित याचिकाओं (PIL) पर अंतिम निर्णय नहीं आ जाता। 

हाई कोर्ट में यह मामला खासतौर पर गुरुग्राम और पंचकूला के आवासीय क्षेत्रों में इस नीति के प्रभाव को लेकर उठाया गया है। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग अध्ययन के इस नीति को लागू किया गया, जिससे शहर की मौजूदा व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। 

सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने रखी गई एक विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि गुरुग्राम के कई क्षेत्रों में सड़कों की वास्तविक चौड़ाई काफी कम है। जहां कागजों में 10–12 मीटर चौड़ी सड़कें बताई गई हैं, वहीं जमीनी स्तर पर इनकी मोटरेबल चौड़ाई सिर्फ 3.9 से 4.8 मीटर पाई गई, जिससे ट्रैफिक और बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ रहा है। 

कोर्ट ने यह भी माना कि मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर—जैसे सड़क, सीवरेज, पानी की आपूर्ति—पहले से ही दबाव में है और ऐसे में चार मंजिला निर्माण की अनुमति देना स्थिति को और गंभीर बना सकता है। 

गौरतलब है कि हरियाणा सरकार ने इस नीति के तहत आवासीय प्लॉट्स पर स्टिल्ट (पार्किंग) के ऊपर चार मंजिल तक निर्माण की अनुमति दी थी, जिसे लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।

फिलहाल, हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद इस नीति के तहत नए निर्माण पर रोक लग गई है। अब सभी की नजर कोर्ट के अंतिम निर्णय पर टिकी है, जो भविष्य में हरियाणा की शहरी विकास नीति की दिशा तय करेगा।

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