सुजानपुर में हेमलता पटेल के नेतृत्व में गूंजी 'गौ गर्जना'

फतेहपुर: अयाह शाह विधानसभा के सुजानपुर में हेमलता पटेल के नेतृत्व में गूंजी 'गौ गर्जना', सैकड़ों महिलाओं और क्षेत्र वासियों ने लिया गौमाता को राष्ट्रमाता बनाने का संकल्प



प्रशासनिक बंदिशों और हाउस अरेस्ट की कोशिशों के बावजूद गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक और क्षेत्रवासियों ने डटकर आयोजित की डिजिटल संकल्प सभा


शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के वर्चुअल आशीर्वचनों को सुनने उमड़ा जनसैलाब, विधि-विधान से हुई गौ-पूजन


ज्योतिर्मठ के पूज्य शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज द्वारा गौरक्षार्थ चलाई जा रही 81 दिवसीय 'गविष्ठि यात्रा' के समापन पर आज जनपद फतेहपुर के 241 अयाह शाह विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सुजानपुर गांव में एक भव्य और ऐतिहासिक 'गौ गर्जना अक्षौहिणी संकल्प सभा' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का सफल संयोजन ग्राम प्रधान, प्रखर समाज सेविका, गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व कांग्रेस विधानसभा प्रत्याशी हेमलता पटेल द्वारा किया गया।आयोजक हेमलता पटेल ने बताया कि क्षेत्र के सैकड़ों गौभक्तों की तैयारी लखनऊ के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने की थी, परंतु सरकार और प्रशासन द्वारा अंतिम समय पर अनुमति न दिए जाने के कारण रणनीति में बदलाव किया गया। कहा की पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें हाउस अरेस्ट करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन अपनी आराध्य गौमाता के सम्मान और इस पुनीत धार्मिक कार्य के लिए वे और संगठन की तमाम बहनें डिगी नहीं। तमाम बंदिशों को धता बताते हुए सुजानपुर में ही भव्य पंडाल लगाकर बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से डिजिटल रूप से इस महासभा को संपन्न कराया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य आयोजक हेमलता पटेल ने उपस्थित क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर पूरे विधि-विधान, मंत्रोच्चार और आरती के साथ गौमाता का पूजन कर किया। इस दौरान गौमाता को वस्त्र पहनाकर और माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया गया। इसके उपरांत, पंडाल में उपस्थित भारी संख्या में गुलाबी गैंग की महिलाओं, मातृशक्ति और सम्मानित क्षेत्रवासियों ने बड़ी स्क्रीन पर लाइव प्रसारण के माध्यम से पूज्य शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी के ओजस्वी प्रवचन और आशीर्वचन सुने। *जब तक राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं, तब तक थमेगा नहीं संघर्ष: हेमलता पटेल* सभा को संबोधित करते हुए प्रखर नेत्री हेमलता पटेल ने दृढ़ शब्दों में कहा, "गौमाता केवल एक पशु नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति का मूल आधार हैं। उन्हें पशु सूची से हटाकर 'राष्ट्रमाता' का गौरवपूर्ण दर्जा मिलना ही चाहिए। सरकार चाहे जितने अवरोध पैदा करे, पूज्य शंकराचार्य जी के निर्देशन में हम हर संघर्ष के लिए सदैव तत्पर हैं। यह आंदोलन तब तक नहीं थमेगा, जब तक गौमाता को उनका अधिकार नहीं मिल जाता। क्योंकि वर्तमान  समय में गौमाता को मारा काटा जाता है जो घोर निंदनीय और पीड़ादायक है जब गौ माता को संवैधानिक अधिकार प्राप्त हो जाएगा तो उन्हें अधिक सुरक्षा और संरक्षण मिलेगा और  हम इसी अधिकार के लिए लड़ रहे हैं "कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी महिलाओं और पुरुषों ने हाथ उठाकर यह संकल्प लिया कि वे गौरक्षा और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के इस धर्मयुद्ध में अंतिम सांस तक पूज्य शंकराचार्य जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। कार्यक्रम में संगठन की प्रमुख पदाधिकारियों सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे |

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