ज्ञान का दीप जलाकर हर सपने को देता नई उड़ान,
सूरज स्कूल है शिक्षा, संस्कार और सफलता की पहचान।
सूरज स्कूल, सेक्टर-56 के मेधावी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का भव्य सम्मान
गुरुग्राम। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से भारतीय विकास परिषद द्वारा सूरज स्कूल, सेक्टर-56 में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दसवीं कक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले व सूरज स्कूल के अन्य मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि सूरज स्कूल निरंतर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर रहा है।
समारोह में यह भी कहा गया कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनके शिक्षकों का समर्पण, परिश्रम और मार्गदर्शन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी भावना के साथ *श्री गौरव मिश्रा, हिमांशी वर्मा जी, सौम्या शुक्ला जी, सपना शर्मा जी एवं सोनम चोपड़ा जी* को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
सम्मानित विद्यार्थियों में नमन झांगडा, निकिल, कनिष्का लोहिया, कुंज गुप्ता, दिव्या कुमारी, कोमल, आशुतोष झा, जतिन जैन, तनुष कुमार तथा भूमि मिश्रा शामिल रहे। सभी विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं शानदार परीक्षा परिणामों के लिए सम्मानित किया गया।
सूरज स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती कनिका घई जी ने कार्यक्रम में पधारे सभी मुख्य अतिथियों, भारतीय विकास परिषद के पदाधिकारियों, अभिभावकों एवं गणमान्य अतिथियों का हार्दिक स्वागत एवं धन्यवाद किया। उन्होंने सम्मानित विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों पर बधाई देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें जीवन में निरंतर मेहनत, अनुशासन, ईमानदारी और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने कहा कि सूरज स्कूल सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, उत्कृष्ट शिक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के अंत में सूरज स्कूल परिवार की ओर से भारतीय विकास परिषद का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही समारोह का प्रभावशाली एवं गरिमापूर्ण संचालन करने वाली मंच संचालिका सुश्री प्रियंका गौर को विशेष रूप से बधाई एवं धन्यवाद दिया गया।
यह सम्मान समारोह सूरज स्कूल, सेक्टर-56 के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण एवं प्रेरणादायक रहा, जिसने विद्यार्थियों और शिक्षकों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया।
