हकेवि में 39वां राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 उन्मुखीकरण एवं संवेदीकरण कार्यक्रम सम्पन्न
-महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली के सहयोग से आयोजित हुआ कार्यक्रम
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (यूजीसी-एमएमटीटीसी) द्वारा महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली के सहयोग से आयोजित ’39वां राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 उन्मुखीकरण एवं संवेदीकरण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम 24 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार के संरक्षण एवं दूरदर्शी नेतृत्व में किया गया। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के प्रति उनके निरंतर प्रोत्साहन एवं प्रतिबद्धता ने यूजीसी-एमएमटीटीसी की शैक्षणिक पहलों को दिशा और मजबूती प्रदान की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय के समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा का मार्गदर्शन एवं सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। उनकी शैक्षणिक दृष्टि एवं संस्थागत सहयोग ने कार्यक्रम को प्रभावी रूप से सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के समापन सत्र में पंजाब विश्वविद्यालय, पंजाब में शिक्षा विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. नंदिता शुक्ला सिंह मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने भारतीय ज्ञान प्रणाली विषय पर अपने सारगर्भित संबोधन में वेदों एवं उपनिषदों की समृद्ध ज्ञान परंपरा तथा समकालीन शिक्षा के संदर्भ में उनकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
प्रो. नंदिता शुक्ला सिंह ने ‘एकं सत् विप्रा बहुधा वदन्ति’, कर्म, पुनर्जन्म, मोक्ष, समग्र जीवन-दृष्टि एवं सामूहिक कल्याण जैसे भारतीय दार्शनिक एवं जीवन-मूल्यों की व्याख्या करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा सदैव व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच संतुलन एवं सामंजस्य पर बल देती रही है। उन्होंने भारतीय परंपरा में निहित बौद्धिक विनम्रता, सहिष्णुता, नैतिक विद्वत्ता तथा प्रकृति के साथ सामंजस्य जैसे मूल्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में भारतीय ज्ञान परंपराओं का समुचित समावेश वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
समापन अवसर पर प्रो. तनु गुप्ता, उपनिदेशक, यूजीसी-एमएमटीटीसी एवं विभागाध्यक्ष, अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विभाग, हकेवि ने कार्यक्रम की सफलता के लिए कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार, समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा, कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रो. प्रमोद कुमार, निदेशक, यूजीसी-एमएमटीटीसी एवं विभागाध्यक्ष, शिक्षक शिक्षा विभाग, हकेवि; प्रो. विकास गर्ग, कार्यक्रम समन्वयक एवं अधिष्ठाता, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विद्यालय, हकेवि; डॉ. नितिन शर्मा, कार्यक्रम समन्वयक, महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली; यूजीसी-एमएमटीटीसी के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा कार्यक्रम में सहभागी सभी प्रतिभागियों के प्रति भी आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों एवं प्रावधानों के प्रति शिक्षकों को जागरूक एवं संवेदनशील बनाने की दिशा में इस प्रकार के उन्मुखीकरण एवं संवेदीकरण कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
