ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन ने मुख्यमंत्री को सौंपा मांगपत्र, चालकों के लिए सामाजिक सुरक्षा की मांग
गुरुग्राम। दी ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन हरियाणा (संबंधित सीटू एवं ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन) की जिला कमेटी गुरुग्राम ने प्रदेश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में काम करने वाले चालकों और अन्य श्रमिकों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को मांगपत्र भेजा है। यूनियन ने ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, टैक्सी, निजी बस, कंटेनर और ट्रक चालकों सहित अन्य परिवहन कर्मियों के लिए श्रम कानूनों के तहत सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
यूनियन ने मांगपत्र में कहा कि असंगठित परिवहन क्षेत्र में काम करने वाले ड्राइवर, क्लीनर और अन्य कर्मचारी यात्रियों तथा सामान को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दिन-रात काम करते हैं। उन्हें गर्मी, सर्दी और बारिश जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में भी काम करना पड़ता है। इसके बावजूद उनके लिए नौकरी की सुरक्षा, निर्धारित कार्य अवधि, साप्ताहिक अवकाश, पीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाओं का अभाव है। यूनियन ने चालकों के साथ होने वाले कथित दुर्व्यवहार और सड़क पर उनके सामने आने वाली परेशानियों का भी मुद्दा उठाया।
मांगपत्र में परिवहन कर्मियों के लिए श्रम कानून लागू करने, न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने तथा साप्ताहिक अवकाश और सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था करने की मांग की गई है। इसके अलावा 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले परिवहन कर्मियों के लिए 21 हजार रुपये मासिक पेंशन और कल्याण बोर्ड के गठन की मांग भी रखी गई है।
यूनियन ने डीजल, पेट्रोल, सीएनजी और अन्य ईंधनों की बढ़ती कीमतों के साथ टोल दरों में वृद्धि पर चिंता जताते हुए बढ़े हुए शुल्क वापस लेने की मांग की। वाहन स्क्रैप पॉलिसी को अनिवार्य करने के बजाय ऐच्छिक बनाने तथा मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के संशोधनों को वापस लेने की मांग भी उठाई गई।
चालकों के लिए सुविधाएं और रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग
मांगपत्र में ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए बीमा, इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, बस स्टैंड के आसपास निर्धारित पार्किंग स्थल तथा महिला और पुरुष चालकों के लिए अलग-अलग शौचालय एवं विश्राम गृह उपलब्ध कराने की मांग की गई है। यूनियन ने चालकों को प्रशिक्षण, लाइट एवं हैवी लाइसेंस बनवाने की सुविधा और मुफ्त फर्स्ट एड बॉक्स उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया है।
इसके साथ ही घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने वाले चालकों को प्रोत्साहन राशि देने, ई-रिक्शा के लिए स्टैंड पर मुफ्त चार्जिंग प्वाइंट और सामुदायिक भवनों में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। यूनियन ने ई-रिक्शा चालकों को स्वरोजगार के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए संबंधित निकायों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने का सुझाव भी दिया है।
यूनियन ने सरकार से परिवहन श्रमिकों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने की अपील की है। मांगपत्र की प्रतियां गुरुग्राम के जिला उपायुक्त, जिला यातायात अधिकारी, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, नगर निगम और पुलिस आयुक्त सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।
