अमृतसर के रामतीर्थ से गुरुग्राम लाई गई पवित्र ज्योति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का दिया संदेश

 अमृतसर के रामतीर्थ से गुरुग्राम लाई गई पवित्र ज्योति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का दिया संदेश



गुरुग्राम। सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गुरुग्राम के कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल  आज प्रातः अमृतसर स्थित ऐतिहासिक रामतीर्थ स्थल पहुँचा, जहाँ से पवित्र ज्योति पुंज लेकर गुरुग्राम आगमन हुआ। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक यात्रा का उद्देश्य भारतीय परंपराओं, सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता की भावना को जन-जन तक पहुँचाना है।


ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्त्व के लिए प्रसिद्ध रामतीर्थ का संबंध महर्षि वाल्मीकि से है। मान्यता के अनुसार, महर्षि वाल्मीकि ने इसी स्थल पर माता सीता को आश्रय दिया था तथा लव-कुश का पालन-पोषण और शिक्षण किया था। इस कारण यह स्थान भारतीय संस्कृति और रामायण परंपरा में विशेष महत्त्व रखता है।


गुरुग्राम में इस पवित्र ज्योति का स्वागत किया जाएगा। **श्री वाल्मीकि रामलीला कमेटी सहित गुरुग्राम की प्रमुख रामलीला कमेटियों के माध्यम से ज्योति को विभिन्न स्थानों तक पहुँचाया जाएगा**, ताकि आम नागरिक भी श्रद्धापूर्वक ज्योति के दर्शन कर सकें और उसे अपने घरों एवं क्षेत्रों में ले जा सकें। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों के बीच समरसता और एकजुटता को बढ़ावा देना है।


तीन दिवसीय यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने वाघा बॉर्डर का भ्रमण किया तथा दुर्ग्याना मंदिर, जलियांवाला बाग और श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में श्रद्धापूर्वक दर्शन किए। इन ऐतिहासिक, धार्मिक और राष्ट्रीय महत्त्व के स्थलों का भ्रमण सभी प्रतिभागियों के लिए आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी अनुभव रहा।


इस पुनीत यात्रा में सामाजिक समरसता मंच से जुड़े अनेक समर्पित कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों ने सहभागिता की। इनमें प्रमुख रूप से श्री नरेश शर्मा, श्री राजू शर्मा, श्री सलिल मिश्रा, श्री के.एल. पटेल, श्री सतवीर फोगाट, बहन कांता, श्री पी.एन. सिंह, श्री कुमुद, श्रीमती कांता सेन, श्री जसवीर, श्रीमती नीलिमा, श्रीमती आरती, श्रीमती मधुलिका पटेल, श्रीमती सविता शर्मा, श्री प्रमोद शर्मा, श्री मनु शर्मा, भावना, प्रियंका, अनमोल, अभिषेक, आरती, शिवांक, गौरव, मालती एवं लता सहित अन्य सम्मानित सदस्य शामिल रहे। इनके अतिरिक्त अनेक कार्यकर्ताओं ने भी रामतीर्थ से पवित्र ज्योति गुरुग्राम लाने में योगदान दिया।


यात्रा में शामिल सभी सदस्यों का समर्पण, सेवा-भाव और सामाजिक एकता के प्रति प्रतिबद्धता सराहनीय रही। आयोजकों का विश्वास है कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में आपसी विश्वास, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक मजबूत करेंगे।

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