आपकी बॉडी के सीक्रेट का पता लगाना है बेहद जरूरी, फोर्टिस अस्पताल गुरुग्राम ने मेडिकल जेनेटिक्स पर लोगों को किया जागरूक



आपकी बॉडी के सीक्रेट का पता लगाना है बेहद जरूरी, फोर्टिस अस्पताल गुरुग्राम ने मेडिकल जेनेटिक्स पर लोगों को किया जागरूक


गुरुग्राम : इंसान कुछ ऐसी बीमारियों से पीड़ित होता है जिसमें उसकी अपनी कोई खता नहीं होती बल्कि जेनेटिक्स (आनुवांशिकी) के कारण वो इसकी चपेट में आ जाते हैं. इसलिए मेडिकल जेनेटिक्स को समझने की जरूरत है ताकि लोग अपनी स्थिति समझकर उससे बचाव के लिए एहतियाती कदम उठा सकें. मेडिकल जेनेटिक्स को सटीक मेडिसिन की आधारशिला भी माना जाता है और इसी महत्वपूर्ण विषय पर फोर्टिस हॉस्पिटल गुरुग्राम लगातार अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए लोगों को मेडिकल जेनेटिक्स के बारे में जागृत करता रहता है.


आज जहां एडवांस हेल्थ केयर सिस्टम का युग है, वैसे में आपको अपनी हेल्थ और डिजीज के बारे में जानने के लिए जेनेटिक्स का रोल समझने की जरूरत है. हमारा मिशन लोगों को उनके स्वास्थ्य और कल्याण के बारे में जागरूक करना और उनकी फैसला लेने की क्षमता का निर्माण करना है.


फोर्टिस हॉस्पिटल गुरुग्राम में मेडिकल जेनेटिक्स की एसोसिएट कंसल्टेंट डॉक्टर ऋचा सोनी ने मेडिकल जेनेटिक्स के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जानकारी साझा की. उन्होंने बताया, ''जब आप फैमिली प्लानिंग करते हैं तो जेनेटिक कंडीशन के बारे में जांच कराएं ताकि आपकी बीमारी का बच्चे में जाने के रिस्क का पता लग सके. वहीं, बच्चों की हेल्थ को लेकर जेनेटिक टेस्टिंग कराने से रोग का पता करने में आसानी रहती है और उनके जन्मजात विकारों को दूर करने में मदद मिलती है, बच्चे के विकास और बिहेवियर से जुड़े इशू भी मैनेज करने में मदद मिलती है. कैंसर के मामलों में जेनेटिक कंडीशन से रोग के अर्ली डिटेक्शन और ट्रीटमेंट प्लान करने में मदद मिलती है जिससे मरीज के लिए रिजल्ट अच्छे आते हैं. जेनेटिक टेस्टिंग से हार्ट डिजीज के रिस्क का भी अनुमान मिलता है, जिसके जरिए एहतियाती कदम उठाकर हार्ट से जुड़ी समस्याओं से बचाव किया जा सकता है.''


डॉक्टर ऋचा ने आगे बताया, ''जेनेटिक टेस्टिंग के जरिए प्रसवपूर्व केयर में सुधार किया जाता है. इससे भ्रूण में होने वाली संभावित आनुवंशिक समस्याओं के बारे में जरूरी जानकारी मिलती है. कुछ मेडिकल कंडीशन ऐसी होती हैं जिनके बारे में कुछ स्पष्ट ही नहीं हो पाता, ऐसे में मामलों जेनेटिक टेस्टिंग रोग की जड़ पता लगाने में काफी अहम रोल अदा करती है और रोग को एक्यूरेट डायग्नोज हो पाता है जिससे पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट प्लान में सहायता मिलती है. फैमिली हिस्ट्री का मूल्यांकन और जेनेटिक टेस्टिंग के जरिए ऐसी कंडीशन को समझने में मदद मिलती है जो डायग्नोज नहीं हो पाते. इसके अलावा मेडिकल जेनेटिक्स वंशानुगत ब्लड डिसऑर्डर की पहचान करती है, लोगों को अपने और अपने परिवारों के लिए  निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाती है.''


फोर्टिस हॉस्पिटल गुरुग्राम लोगों को अपने मेडिकल जेनेटिक्स का पता लगाने के लिए परामर्श लेने के लिए आमंत्रित करता है. फोर्टिस अस्पताल गुरुग्राम आपके साथ मिलकर आपके जीन्स के सीक्रेट पता लगाने में मदद करेगा ताकि आपका भविष्य सुरक्षित और स्वस्थ हो सके.

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