परिवार पहचान पत्र में AI तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशी जा रही।

 परिवार पहचान पत्र में AI तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशी जा रही।

स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने टीम के साथ इंडिया एआई इंपेक्ट 2026 में विशेषज्ञों से जानकारी ली।



 माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी के निर्देशानुसार परिवार पहचान प्राधिकरण, हरियाणा के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने अपनी टीम के साथ नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित प्रतिष्ठित कार्यक्रम “इंडिया एआई इंपैक्ट 2026” में भाग लिया। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन में देश-विदेश से आए दर्जनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विशेषज्ञों, तकनीकी कंपनियों, नीति निर्माताओं एवं नवाचारकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एआई तकनीक के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग, सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण, और नागरिक सुविधाओं को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी समाधान तलाशना रहा।

       

इस अवसर पर डॉ. सतीश खोला ने विश्व स्तर के एआई एक्सपर्ट्स के साथ विस्तार से संवाद करते हुए परिवार पहचान पत्र (PPP) प्रणाली में एआई टेक्नोलॉजी के उपयोग की संभावनाओं, व्यावहारिक पहलुओं एवं लाभों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विभिन्न तकनीकी स्टॉल्स और प्रस्तुतियों का अवलोकन करते हुए यह समझने का प्रयास किया कि किस प्रकार एआई आधारित समाधान सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक सरल, तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बना सकते हैं।

         

डॉ. सतीश खोला ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी हरियाणा के नागरिकों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के समय पर दिलाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने के पक्षधर हैं। मुख्यमंत्री जी का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश की प्रत्येक सरकारी योजना का लाभ सही पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, इसमें किसी प्रकार की देरी, भेदभाव या गलत लाभार्थी चयन जैसी समस्याएं न हों।

        

डॉ. खोला ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी नागरिकों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए बेस्ट टेक्नोलॉजी के उपयोग पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की डिजिटल इंडिया और विकसित भारत की सोच से प्रेरित होकर हरियाणा को तकनीकी रूप से अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री जी चाहते हैं कि परिवार पहचान पत्र प्रणाली को और अधिक मजबूत, स्मार्ट और भरोसेमंद बनाया जाए ताकि हर नागरिक को योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ मिल सके।

       

डॉ. सतीश खोला ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक आज के समय की सबसे उन्नत और प्रभावशाली तकनीकों में से एक है। इसका उपयोग सरकारी तंत्र में करने से प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता बढ़ेगी, योजनाओं के संचालन में तेजी आएगी और संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित होगा। एआई तकनीक के माध्यम से डेटा विश्लेषण अधिक तेज और सटीक हो सकेगा, जिससे लाभार्थियों की पहचान, पात्रता सत्यापन तथा शिकायत निवारण जैसी प्रक्रियाएं पहले से अधिक सुगम हो जाएंगी।

उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र एक ऐसी महत्वपूर्ण व्यवस्था है जिसके माध्यम से प्रदेश के नागरिकों का पारिवारिक डेटा एकत्रित कर सरकारी योजनाओं के लाभ का सही निर्धारण किया जाता है। इस प्रणाली में एआई का उपयोग होने से डेटा में संभावित त्रुटियों को पहचानना आसान होगा और रिकॉर्ड को अपडेट करने की प्रक्रिया भी अधिक तेज हो जाएगी। इसके साथ-साथ डुप्लीकेट डेटा, गलत जानकारी या अपात्र लोगों द्वारा लाभ लेने की संभावना पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

        

 डॉ. खोला ने कहा कि एआई आधारित तकनीक के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक पारदर्शिता आएगी। इससे न केवल प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बेहतर होगी, बल्कि नागरिकों का विश्वास भी बढ़ेगा। एआई सिस्टम के जरिये सरकारी विभागों को यह जानने में मदद मिलेगी कि कौन सी योजना किस क्षेत्र में कितनी प्रभावी है, किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है और किन नागरिकों तक लाभ नहीं पहुंच पाया है।कार्यक्रम में मौजूद एआई विशेषज्ञों ने भी परिवार पहचान पत्र जैसी बड़ी डेटा आधारित व्यवस्था में एआई तकनीक के उपयोग को एक महत्वपूर्ण कदम बताया। विशेषज्ञों ने यह सुझाव दिया कि एआई आधारित स्मार्ट सिस्टम, ऑटोमैटिक अलर्ट, रियल टाइम डेटा मॉनिटरिंग, और डिजिटल सत्यापन जैसे समाधान लागू करके हरियाणा सरकार नागरिक सेवाओं को और अधिक आधुनिक बना सकती है।

         

डॉ. सतीश खोला ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी का स्पष्ट उद्देश्य है कि हरियाणा प्रदेश में तकनीकी क्रांति के माध्यम से शासन व्यवस्था को अधिक सरल, तेज और जनहितकारी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि गरीब, जरूरतमंद, किसान, महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांग एवं समाज के प्रत्येक वर्ग को योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिले।डॉ. खोला ने कहा कि एआई तकनीक से सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता के साथ-साथ जवाबदेही भी बढ़ेगी। इससे जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से प्रगति होगी।

            

डॉ. सतीश खोला ने कहा कि हरियाणा सरकार मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी के नेतृत्व में तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। “इंडिया एआई इंपैक्ट 2026” जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्राप्त अनुभव और विशेषज्ञों की जानकारी को प्रदेश में लागू करने के लिए सरकार गंभीरता से कार्य करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में परिवार पहचान पत्र प्रणाली में एआई तकनीक के समावेश से हरियाणा देश के लिए एक मॉडल राज्य के रूप में उभरेगा और नागरिकों को योजनाओं का लाभ अधिक सरलता और पारदर्शिता के साथ मिलेगा

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