टैरिफ में बड़ी कटौती से भारत को राहत, निर्यात और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार : दीपक मैनी

 टैरिफ में बड़ी कटौती से भारत को राहत, निर्यात और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार : दीपक मैनी

- अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत, भारतीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता होगी मजबूत

- गुरुग्राम के आईटी व मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिलेगा सीधा लाभ, रोजगार के नए अवसर बनेंगे

गुरुग्राम। प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (पीएफटीआई) के चेयरमैन दीपक मैनी ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए आयात शुल्क में बड़ी कटौती के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने की घोषणा भारत अमेरिका व्यापार संबंधों के लिए एक निर्णायक और सकारात्मक कदम है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था चुनौतियों से जूझ रही है और निर्यात आधारित अर्थव्यवस्थाओं को नए अवसरों की आवश्यकता है। वित्त वर्ष 2024–25 के अनुसार भारत द्वारा अमेरिका को निर्यात लगभग 86.5 अरब अमेरिकी डॉलर है। 

दीपक मैनी ने कहा कि टैरिफ में इस बड़ी कटौती से भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में पहले की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। आईटी सेवाएं, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग गुड्स, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। अनुमान है कि अगले एक से दो वर्षों में भारत के कुल निर्यात में लगभग 15 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। इससे विदेशी मुद्रा आय बढ़ेगी और देश के चालू खाते की स्थिति भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि निर्यात में बढ़ोतरी का प्रभाव केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका व्यापक असर पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। उद्योगों में उत्पादन बढ़ेगा, नई क्षमताओं का सृजन होगा और निवेश का माहौल और बेहतर बनेगा। इसके साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे युवाओं को लाभ मिलेगा और घरेलू मांग को भी मजबूती मिलेगी।

हरियाणा (विशेष रूप से गुरुग्राम) के लिए यह फैसला अत्यंत महत्वपूर्ण है। गुरुग्राम देश के प्रमुख आईटी, आईटीईएस, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और स्टार्टअप हब के रूप में उभरा है। अमेरिका के साथ व्यापार करने वाली यहां की कई कंपनियों को अब कम लागत पर अपने उत्पाद और सेवाएं निर्यात करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल इन कंपनियों की आय बढ़ेगी, बल्कि नए प्रोजेक्ट्स और विस्तार योजनाओं के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

दीपक मैनी ने कहा कि यह समय है जब भारतीय उद्योग इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं। गुणवत्ता, नवाचार और वैश्विक मानकों पर विशेष ध्यान देकर भारत अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से भी आग्रह किया कि निर्यातकों को लॉजिस्टिक्स, कर सुधार और कौशल विकास के माध्यम से निरंतर सहयोग दिया जाए, ताकि इस टैरिफ कटौती से देश को अधिकतम आर्थिक लाभ मिल सके l

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