नहीं रुकेगी किसी की भी बुढ़ापा पेंशन
दो दिनों में एरियर समेत पेंशन डालने के मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने दिए सख्त आदेश
बोले— बुजुर्ग मेरे लिए पूजनीय हैं, उनकी परेशानी नहीं आने दूंगा
पीपीपी कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने कहा— मेरी मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने संबंधित आधिकारियों दिए स्पष्ट निर्देश
हरियाणा प्रदेश में वृद्ध नागरिकों की बुढ़ापा पेंशन को लेकर अब किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी जी ने पेंशन भुगतान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन बुजुर्गों की पेंशन किसी भी कारणवश रुकी हुई है, उनकी पेंशन एरियर सहित आगामी दो दिनों के भीतर उनके खातों में जमा की जाए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बुजुर्ग समाज का गौरव हैं और सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि उन्हें समय पर पेंशन उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रदेश के बुजुर्ग मेरे लिए पूजनीय हैं। उनकी पेंशन किसी भी सूरत में नहीं रुकेगी और मैं उनकी परेशानी नहीं आने दूंगा। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वृद्धावस्था पेंशन बुजुर्गों के जीवन का महत्वपूर्ण सहारा है। पेंशन समय पर न मिलने से बुजुर्गों को दवाइयों, घरेलू खर्च और रोजमर्रा की जरूरतों में परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसलिए सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है।
इस संबंध में पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी जी ने उनकी मौजूदगी में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। डॉ. सतीश खोला ने कहा कि मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि पेंशनधारकों को किसी भी प्रकार से परेशान न किया जाए और तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से रुकी पेंशन को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।
डॉ. सतीश खोला ने बताया कि कई बार परिवार पहचान पत्र में त्रुटि, बैंक खाते से आधार लिंक न होना, दस्तावेजों में कमी या तकनीकी कारणों से पेंशन अस्थायी रूप से रुक जाती है। लेकिन मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि ऐसी सभी समस्याओं का समाधान त्वरित रूप से किया जाए और बुजुर्गों को कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता न पड़े।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश के हर पात्र बुजुर्ग को समय पर पेंशन मिले और उन्हें सम्मान के साथ जीवन यापन करने में सहायता प्राप्त हो। मुख्यमंत्री के इन आदेशों से प्रदेश के हजारों बुजुर्गों को राहत मिलने की उम्मीद है।
हरियाणा सरकार का यह कदम बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
